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लिफ्ट कैनाल: सीडब्ल्यूसी को सिर्फ ग्रीन बटन दबाना शेष
बदायूं, ब्यूरो
Updated Mon, 09 May 2016 12:03 AM IST
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भूगर्भ जल संकट से जूझ रहे जिले को लिफ्ट कैनाल वरदान साबित होगी। नव गठित पड़ोसी जिले से निकलकर बदायूं जिले को शस्य-श्यामल बनाने वाली लिफ्ट कैनाल परियोजना अंतिम चरण में है। सीडब्ल्यूसी (केंद्रीय जल आयोग) की टीम ने सभी सर्वे पूरे कर लिए हैं।
मानसून के शुरू, मध्य और बाद में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अंतिम चरण की जांच प्रक्रिया में है। इसके बाद से लिफ्ट कैनाल को सीडब्ल्यूसी से हरी झंडी मिल जाएगी। पिछले दिनों प्रदेश के अधिकारियों के साथ इस संबंध में सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है। केंद्रीय जल आयोग तीनों सर्वे पूरे करने के बाद आपसी समायोजना और जांचों के मिलान के बाद परियोजना को हरी झंडी दे दी जाएगी।
इसके बाद भूगर्भ जल विभाग भी अपने सर्वे करके रिपोर्ट देगा। अबतक इन विभागों में लिफ्ट कैनाल की फाइलें पहुंचाई गई थीं लेकिन अब इन फाइलों पर कार्यवाही शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के पास भूगर्भ जल विभाग की सर्वे रिपोर्ट आ जाने के बाद दोनो मुख्य केंद्रीय विभाग जब इसे हरी झंडी दे देंगे तो आगे का काम आसान हो जाएगा।
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लिफ्ट कैनाल का स्वरूप और फायदे
0 नरौरा बैराज से करीब 20 किमी तक ग्रेबिटी कैनाल आएगी।
0 धनवारा गांव में लिफ्टिंग सिस्टम लगेगा।
0 करीब 32 किमी आगे मुख्य कैनाल जाएगी।
0 कुल 52 किमी मेन कैनाल होगी।
0 मेन कैनाल समेत शाखाओं समेत 445 किमी कैनाल बनेंगी।
0 इससे1,39,665 हेक्टेयर कृषि ऐरिया लाभान्वित होगा।
0 इसमें संभल और बदायूं के डार्क ब्लाक ऐरिया भी शामिल हैं।
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लिफ्ट कैनाल को बढ़ गई 1150 करोड़ की राशि
प्रदेश शासन की बहुउद्देश्यीय परियोजना को पूर्व में 1850 करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव था लेकिन अब यह राशि बढ़कर 3000 करोड़ हो गई है। राशि बढ़ाने के पीछे अबतक इसके लिए बढ़ता जा रहा समय है। अगर और विलंब होता है तो लिफ्ट कैनाल की रकम और बढ़ सकती है।
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0 सिंचित तहसील
सहसवान, बिल्सी
और बिसौली
0 डार्क ब्लाकों का उद्धार
इस्लामनगर, सहसवान,
अंबियापुर और आसफपुर
0 लाभान्वित होने वाले जिले
बदायूं और संभल
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केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के साथ दिल्ली में हाल ही में वार्ता हुई है। योजना स्वीकृति के अंतिम चरण में है। बड़ी परियोजना है। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कई औपचारिकताएं पूरी कराई जा चुकी हैं। सीडब्ल्यूसी में अंतिम प्रक्रिया चल रही है। इसी वर्ष इस योजना के शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
- अरविंद वर्मा, एक्सईएन बाढ़ खंड बदायूं।
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मानसून के शुरू, मध्य और बाद में सर्वे का काम पूरा हो चुका है। अंतिम चरण की जांच प्रक्रिया में है। इसके बाद से लिफ्ट कैनाल को सीडब्ल्यूसी से हरी झंडी मिल जाएगी। पिछले दिनों प्रदेश के अधिकारियों के साथ इस संबंध में सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है। केंद्रीय जल आयोग तीनों सर्वे पूरे करने के बाद आपसी समायोजना और जांचों के मिलान के बाद परियोजना को हरी झंडी दे दी जाएगी।
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इसके बाद भूगर्भ जल विभाग भी अपने सर्वे करके रिपोर्ट देगा। अबतक इन विभागों में लिफ्ट कैनाल की फाइलें पहुंचाई गई थीं लेकिन अब इन फाइलों पर कार्यवाही शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के पास भूगर्भ जल विभाग की सर्वे रिपोर्ट आ जाने के बाद दोनो मुख्य केंद्रीय विभाग जब इसे हरी झंडी दे देंगे तो आगे का काम आसान हो जाएगा।
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लिफ्ट कैनाल का स्वरूप और फायदे
0 नरौरा बैराज से करीब 20 किमी तक ग्रेबिटी कैनाल आएगी।
0 धनवारा गांव में लिफ्टिंग सिस्टम लगेगा।
0 करीब 32 किमी आगे मुख्य कैनाल जाएगी।
0 कुल 52 किमी मेन कैनाल होगी।
0 मेन कैनाल समेत शाखाओं समेत 445 किमी कैनाल बनेंगी।
0 इससे1,39,665 हेक्टेयर कृषि ऐरिया लाभान्वित होगा।
0 इसमें संभल और बदायूं के डार्क ब्लाक ऐरिया भी शामिल हैं।
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लिफ्ट कैनाल को बढ़ गई 1150 करोड़ की राशि
प्रदेश शासन की बहुउद्देश्यीय परियोजना को पूर्व में 1850 करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव था लेकिन अब यह राशि बढ़कर 3000 करोड़ हो गई है। राशि बढ़ाने के पीछे अबतक इसके लिए बढ़ता जा रहा समय है। अगर और विलंब होता है तो लिफ्ट कैनाल की रकम और बढ़ सकती है।
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0 सिंचित तहसील
सहसवान, बिल्सी
और बिसौली
0 डार्क ब्लाकों का उद्धार
इस्लामनगर, सहसवान,
अंबियापुर और आसफपुर
0 लाभान्वित होने वाले जिले
बदायूं और संभल
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केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के साथ दिल्ली में हाल ही में वार्ता हुई है। योजना स्वीकृति के अंतिम चरण में है। बड़ी परियोजना है। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कई औपचारिकताएं पूरी कराई जा चुकी हैं। सीडब्ल्यूसी में अंतिम प्रक्रिया चल रही है। इसी वर्ष इस योजना के शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
- अरविंद वर्मा, एक्सईएन बाढ़ खंड बदायूं।