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सीडब्ल्यूसी से हरी झंडी का इंतजार कर रही लिफ्ट कैनाल
बदायूं।
Updated Thu, 03 Mar 2016 07:08 PM IST
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लिफ्ट कैनाल का के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया को एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। प्रदेश शासन की बहुउद्देश्यीय परियोजना को पूर्व में 1850 करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव था लेकिन अब यह राशि बढ़कर 3000 करोड़ हो गई है। सीडब्ल्यूसी (केंद्रीय जल आयोग) की टीम ने सभी सर्वे पूरे कर लिए हैं। मानसून के शुरू, मध्य और बाद में सर्वे हो चुका है। अंतिम चरण की जांच प्रक्रिया में है। पड़ोसी जिला संभल से निकलकर बदायूं जिले को शस्य-श्यामल बनाने वाली लिफ्ट कैनाल परियोजना अंतिम चरण में है। इसके बाद से लिफ्ट कैनाल को सीडब्ल्यूसी से हरी झंडी मिल जाएगी। लिफ्ट कैनाल निर्माण में आ रही बाधाओं को समाप्त करने में यह बड़ी सफलता मानी जा रही है।
लिफ्ट कैनाल के निर्माण भूगर्भ जल विभाग भी अपने सर्वे करके रिपोर्ट देगा। अबतक इन विभागों में लिफ्ट कैनाल की फाइलें पहुंचाई गई थीं लेकिन अब इन फाइलों पर कार्यवाही शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के पास भूगर्भ जल विभाग की सर्वे रिपोर्ट आ जाने के बाद दोनो मुख्य केंद्रीय विभाग जब इसे हरी झंडी दे देंगे तो आगे का काम आसान हो जाएगा।
लिफ्ट कैनाल और उसके फायदे
नरौरा बैराज से करीब 20 किमी तक ग्रेबिटी कैनाल आएगी।
धनवारा गांव में लिफ्टिंग सिस्टम लगेगा।
करीब 32 किमी आगे मुख्य कैनाल जाएगी।
कुल 52 किमी मेन कैनाल होगी।
मेन कैनाल समेत शाखाओं समेत 445 किमी कैनाल बनेंगी।
इससे 1,39,665 हेक्टेयर कृषि ऐरिया लाभान्वित होगा।
इसमें संभल और बदायूं के डार्क ब्लाक एरिया भी शामिल हैं।
सिंचित तहसील
सहसवान, बिल्सी और बिसौली
डार्क ब्लाकों का उद्धार
इस्लामनगर, सहसवान, अंबियापुर और आसफपुर
लाभान्वित होने वाले जिले
बदायूं और संभल
बड़ी परियोजना है। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कई औपचारिकताएं पूरी कराई जा चुकी हैं। सीडब्ल्यूसी में अंतिम प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही औपचारिकताएं पूरी हो जाएगी। संभल और बदायूं जिले को यह परियोजना महत्वाकांक्षी परियोजना साबित होगी। - प्रमोद कुमार, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड बदायूं।
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लिफ्ट कैनाल के निर्माण भूगर्भ जल विभाग भी अपने सर्वे करके रिपोर्ट देगा। अबतक इन विभागों में लिफ्ट कैनाल की फाइलें पहुंचाई गई थीं लेकिन अब इन फाइलों पर कार्यवाही शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के पास भूगर्भ जल विभाग की सर्वे रिपोर्ट आ जाने के बाद दोनो मुख्य केंद्रीय विभाग जब इसे हरी झंडी दे देंगे तो आगे का काम आसान हो जाएगा।
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लिफ्ट कैनाल और उसके फायदे
नरौरा बैराज से करीब 20 किमी तक ग्रेबिटी कैनाल आएगी।
धनवारा गांव में लिफ्टिंग सिस्टम लगेगा।
करीब 32 किमी आगे मुख्य कैनाल जाएगी।
कुल 52 किमी मेन कैनाल होगी।
मेन कैनाल समेत शाखाओं समेत 445 किमी कैनाल बनेंगी।
इससे 1,39,665 हेक्टेयर कृषि ऐरिया लाभान्वित होगा।
इसमें संभल और बदायूं के डार्क ब्लाक एरिया भी शामिल हैं।
सिंचित तहसील
सहसवान, बिल्सी और बिसौली
डार्क ब्लाकों का उद्धार
इस्लामनगर, सहसवान, अंबियापुर और आसफपुर
लाभान्वित होने वाले जिले
बदायूं और संभल
बड़ी परियोजना है। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कई औपचारिकताएं पूरी कराई जा चुकी हैं। सीडब्ल्यूसी में अंतिम प्रक्रिया चल रही है। जल्दी ही औपचारिकताएं पूरी हो जाएगी। संभल और बदायूं जिले को यह परियोजना महत्वाकांक्षी परियोजना साबित होगी। - प्रमोद कुमार, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड बदायूं।
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