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Budaun News: हत्या के मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन को आजीवन कारावास
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बदायूं। नौ साल पुराने हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक की न्यायाधीश शिवकुमारी ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक मुजरिम पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना उसावां क्षेत्र के गांव उदैया नगला निवासी शिवदत्त ने 25 जुलाई को तहरीर देकर बताया था कि उसकी बहन जवान श्री व भतीजी मीरा देवी की शादी कासगंज के जयकिशन नगला में हुई थी। रिश्तेदारी होने की वजह से उसका और उसके भतीजे का वहां आना-जाना था। जयकिशन नगला निवासी भूरे अपनी पत्नी के साथ शराब पीकर मारपीट करता था।
परेशान होकर भूरे की पत्नी उसके भतीजे धनश्याम के साथ अपनी इच्छा से आकर रहने लगी थी। इस बात से भूरे दुश्मनी मानने लगा। 24 जुलाई 2013 की रात को भूरे व राजकुमार पुत्र रामसिंह, श्यामपाल सिंह पुत्र बांके सिंह और जगवीर सिंह पुत्र शेरसिंह निवासी जयकिशन नगला असलहा लेकर घर में घुस आए।
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घर में घुसते ही उन्होंने भतीजे घनश्याम को पूछा और फायरिंग करने लगे। फायरिंग की आवाज सुनकर शिवदत्त का भाई रामपाल निकला तो आरोपियों ने उसे गोली मार दी। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गांव के लोगों को आते देख आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष दिनेश चंद्र यादव को दी। विवेचना के दौरान जगवीर की मौत हो गई। विवेचक द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया, तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था।
उसावां पुलिस ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिह्नित कराया। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक ओमपाल कश्यप व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। इसके बाद शुक्रवार को कोर्ट ने भूरे व उसके भाई राजकुमार समेत श्यामपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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थाना उसावां क्षेत्र के गांव उदैया नगला निवासी शिवदत्त ने 25 जुलाई को तहरीर देकर बताया था कि उसकी बहन जवान श्री व भतीजी मीरा देवी की शादी कासगंज के जयकिशन नगला में हुई थी। रिश्तेदारी होने की वजह से उसका और उसके भतीजे का वहां आना-जाना था। जयकिशन नगला निवासी भूरे अपनी पत्नी के साथ शराब पीकर मारपीट करता था।
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परेशान होकर भूरे की पत्नी उसके भतीजे धनश्याम के साथ अपनी इच्छा से आकर रहने लगी थी। इस बात से भूरे दुश्मनी मानने लगा। 24 जुलाई 2013 की रात को भूरे व राजकुमार पुत्र रामसिंह, श्यामपाल सिंह पुत्र बांके सिंह और जगवीर सिंह पुत्र शेरसिंह निवासी जयकिशन नगला असलहा लेकर घर में घुस आए।
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घर में घुसते ही उन्होंने भतीजे घनश्याम को पूछा और फायरिंग करने लगे। फायरिंग की आवाज सुनकर शिवदत्त का भाई रामपाल निकला तो आरोपियों ने उसे गोली मार दी। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गांव के लोगों को आते देख आरोपी फायरिंग करते हुए भाग गए।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष दिनेश चंद्र यादव को दी। विवेचना के दौरान जगवीर की मौत हो गई। विवेचक द्वारा आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया, तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था।
उसावां पुलिस ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिह्नित कराया। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक ओमपाल कश्यप व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। इसके बाद शुक्रवार को कोर्ट ने भूरे व उसके भाई राजकुमार समेत श्यामपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।