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Budaun News: आम तोड़ने के विवाद में पिता-पुत्र की हत्या करने वाले दो सगे भाइयों समेत चार को उम्रकैद
Wed, 22 Jan 2025 12:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:50 AM IST
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बदायूं। पेड़ से आम तोड़ने के विवाद में 13 साल पहले हुई पिता-पुत्र की हत्या में सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तृतीय ने दो भाइयों समेत चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। नगरिया हरदास निवासी मोरपाल ने 10 मई 2012 को अलापुर थाने में तहरीर देकर बताया कि उनके छोटा भाई कमलेश ने रूपचंद्र शर्मा के मंदिर के पास पेड़ से आम तोड़ लिए थे।
इसी बात को लेकर रूपचंद्र ने भाई की पिटाई कर दी और घर आकर आरोपी ने गाली-गलौज की। जब परिवार के लोगों ने विरोध किया तो रूपचंद्र व उनके बेटे सुनील कुमार व हरपन उर्फ हरस्वरूप के अलावा योगेश चंद्र तथा नेक्सू आदि ने फायरिंग शुरू कर दी।
इसमें मोरपाल के पिता ओंकार व भाई राजवीर को गोली लगी। इलाज के लिए ले जाते समय दोनों की मौत हो गई।
तब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। साक्ष्यों का संकलन करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
मंगलवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी सुनील कुमार उसका भाई हरपन उर्फ हर्षवरूप, योगेश तथा नेक्सू को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसी मामले के एक आरोपी रूपचंद्र की विचारण के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
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इसी बात को लेकर रूपचंद्र ने भाई की पिटाई कर दी और घर आकर आरोपी ने गाली-गलौज की। जब परिवार के लोगों ने विरोध किया तो रूपचंद्र व उनके बेटे सुनील कुमार व हरपन उर्फ हरस्वरूप के अलावा योगेश चंद्र तथा नेक्सू आदि ने फायरिंग शुरू कर दी।
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इसमें मोरपाल के पिता ओंकार व भाई राजवीर को गोली लगी। इलाज के लिए ले जाते समय दोनों की मौत हो गई।
तब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। साक्ष्यों का संकलन करके आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
मंगलवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी सुनील कुमार उसका भाई हरपन उर्फ हर्षवरूप, योगेश तथा नेक्सू को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसी मामले के एक आरोपी रूपचंद्र की विचारण के दौरान मृत्यु हो चुकी है।
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