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पट्टाधारक और मत्स्य निरीक्षक पर रिपोर्ट दर्ज
दातागंज।
Updated Wed, 15 Jul 2015 12:11 AM IST
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नियमों को धता बताते हुए नाबालिग के नाम किए गए तालाब के पट्टे का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट के निर्देश पर डीएम की जांच में दोषी सिद्ध हुए मत्स्य निरीक्षक और पट्टेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मंडलायुक्त के निर्देश 2014 में रिक्त पड़े तालाबों के पट्टे किए गए। इन तालाबों की सूची मतस्य विभाग ने एसडीएम कार्यालय को भेजी जिसमें तहसील क्षेत्र में 37 तालाब रिक्त थे। सूची में एक तालाब बिलहरी गांव में रिक्त था। एसडीओ ओपी तिवारी ने बताया कि पहले लेखपाल और कानूनगो से रिक्त तालाबों का भौतिक सत्यापन कराया और बाकायदा गजट जारी करने के बाद पट्टों का आवंटन हुआ। बिलहरी के तालाब का पट्टा चितौरा-धनौरा गांव के रामनिवास पुत्र शिवलाल का हुआ। रामनिवास जब पट्टे पर कब्जा लेने गए तो ककराला कस्बा के एक किशोर श्याम सुंदर ने तालाब का पट्टा अपने नाम होना बताया। उसने वर्ष 2012 में यह पट्टा लिया था। विवाद बढ़ने पर श्यामसुंदर ने हाईकोर्ट में रिट डाल दी। प्रशासन का पक्ष जानने के बाद हाईकोर्ट ने डीएम बदायूं को पट्टे की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में श्यामसुंदर के पट्टे में कई अनियमितताएं सामने आईं। श्यामसुंदर इस समय 17 साल का है। वर्ष 2012 में उसकी आयु 14 साल से भी कम रही होगी। यह पट्टा धारक ककराला कस्बे का है। नियमत: न्याय पंचायत से बाहर के व्यक्ति को पट्टा आवंटित नहीं किया जा सकता। पट्टे पर एसडीएम के अलावा नायब तहसीलदार और तहसीलदार के हस्ताक्षर नहीं थे। इसी तरह की कई अनियमितताओं के चलते मत्स्य निरीक्षक और पट्टाधारक श्यामसुंदर के खिलाफ डीएम के निर्देश पर लेखपाल श्याम ने रिपोर्ट दर्ज करा दी है। मत्स्य निरीक्षक ने 2012 के पट्टे पर अपनी रिपोर्ट लगाई थी और उन्होंने भी 2014 में इस तालाब को रिक्त दर्शाया था।
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गड़बड़ी साबित होने पर हुई रिपोर्ट
दातागंज। वर्ष 2012 में बिलहरी गांव के तालाब का पट्टा हुआ था, लेकिन नियम के विरुद्ध हुए पट्टा निरस्त कर दिया। दोबारा 2014 में सारी औपचारिकताएं पूर्ण करके पट्टा दिया गया है। अनियमितताएं प्रमाणित होने पर पट्टेदार और मत्स्य निरीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई है।
-सतीश कुमार, तहसीलदार,दातागंज
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गड़बड़ी साबित होने पर हुई रिपोर्ट
दातागंज। वर्ष 2012 में बिलहरी गांव के तालाब का पट्टा हुआ था, लेकिन नियम के विरुद्ध हुए पट्टा निरस्त कर दिया। दोबारा 2014 में सारी औपचारिकताएं पूर्ण करके पट्टा दिया गया है। अनियमितताएं प्रमाणित होने पर पट्टेदार और मत्स्य निरीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई है।
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-सतीश कुमार, तहसीलदार,दातागंज