फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   leopard search in forest

जंगल में कहीं नहीं मिला तेंदुआ, पगचिह्न भी नहीं दिखे, तलाश जारी

Mon, 27 Apr 2020 11:58 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 27 Apr 2020 11:58 PM IST
विज्ञापन
leopard search in forest
बदायूं/अलापुर। वन विभाग के 20 अधिकारियों की दो टीमें पिछले 72 घंटे से तेंदुए की तलाश में जुटी हैं। आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में चौबीस घंटे कांबिंग हो रही है। इसके बाद भी तेंदुआ खोजने में वन विभाग को अब तक कामयाबी नहीं मिली है। सोमवार को भी ककराला से गंगा की कटरी तक टीमों ने कांबिंग की। गौर करने वाली बात यह है कि जंगल में कहीं पर तेंदुए के शिकार के निशान भी नहीं मिले हैं। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

शुक्रवार को कटिया गांव निवासी नूरुल पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। तेंदुए को नूरुल के अलावा किसी ने नहीं देखा। स्थानीय अधिकारियों ने पड़ताल के बाद इसे लकड़बग्घे का हमला माना था। शनिवार को वन संरक्षक बरेली जावेद अख्तर ने टीम के साथ कांबिंग की तो तेंदुए के पगचिह्न मिले। इसके बाद से तेंदुए की तलाश जारी है। तेंदुआ पकड़ने के लिए टाइगर रिजर्व से पिंजरा भी मंगा लिया गया। कांबिंग कर रही टीमों के मुताबिक अन्य किसी स्थान पर भी अब तक तेंदुए के पगचिह्न नहीं मिले हैं। इलाके के दो दर्जन से ज्यादा गांवों में अब तक सावधानी संबंधी पोस्टर चस्पा किए जा चुके हैं। सोमवार को गांव फरीदपुर, नवादा, कटिया, आसपुर, ककराला टाउन आदि इलाकों में सघन कांबिंग की गई।
विज्ञापन

हैरत की बात, चार दिन में कोई शिकार भी नहीं
वन विभाग के अधिकारी भी इस बात को लेकर हैरत में हैं कि आखिर चार दिन तक तेंदुआ भूखा कैसे रह सकता है। जंगलों में नीलगाय, हिरन, लकडबग्घा आदि जानवर हैं लेकिन उसने अब तक कोई शिकार नहीं किया। कहीं से हमले की खबर भी नहीं है। ऐसे में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर संशय बढ़ता जा रहा है। ग्राम प्रधानों को वन विभाग की टीमों के नंबर दिए गए हैं। उनको बताया गया है कि कहीं से कोई सूचना मिलने पर वह कॉल करके बताएं। अब तक कहीं तेंदुए को देखे जाने की सूचना नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। अब तक तेंदुआ कहीं नहीं दिखा है। किसी अन्य स्थान पर पगचिह्न भी नहीं मिले हैं। जंगल में तेंदुए को चार दिन हो चुके हैं, उसने अब तक कोई शिकार भी नहीं किया है। अगर तेंदुआ है तो उसे जल्द खोज लिया जाएगा। - रविंद्र सिंह बिष्ट, वन क्षेत्राधिकारी दातागंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed