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प्रशासन ने लेखपालों की हड़ताल को बताया अवैध
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बदायूं। पिछले कई दिनों से लेखपाल अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। पहले तीन दिन तक उन्होंने सभी तहसीलों में धरना प्रदर्शन किया, उसके बाद में उनके द्वारा जिला स्तर पर मालवीय आवास पर धरना देना शुरू कर दिया। इससे जनता के कामों पर प्रभाव पड़ रहा है। तहसीलों में अपने काम लेकर आने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। अब प्रशासन ने इस हड़ताल को अवैध बताते हुए रोक लगा दी है।
शासन द्वारा सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 13 दिसंबर से राजस्व विभाग के लेखपालों द्वारा हड़ताल की जा रही है, उसे शासन ने निषिद्घ मानते हुए एस्मा लागू कर दिया है। इसको लेकर सोमवार को एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य ने कहा कि अधिसूचना/ आदेश के विपरीत अगर कोई लेखपाल सरकारी कार्य से विरत रहते हैं, तो वह नो वर्क नो पे के सिद्घांत का उपयोग करते हुए उनकी इस गैर कानूनी अनुपस्थिति को उनकी सेवा में ‘ब्रेक इन सर्विस’ मानते हुए कार्रवाई करेंगे। ऐसे में लेखपाल हड़ताल को छोड़कर सरकारी कार्य को दोबारा करना शुरू कर दें। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई होने पर वे स्वयं उत्तरदायी होंगे।
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शासन द्वारा सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 13 दिसंबर से राजस्व विभाग के लेखपालों द्वारा हड़ताल की जा रही है, उसे शासन ने निषिद्घ मानते हुए एस्मा लागू कर दिया है। इसको लेकर सोमवार को एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य ने कहा कि अधिसूचना/ आदेश के विपरीत अगर कोई लेखपाल सरकारी कार्य से विरत रहते हैं, तो वह नो वर्क नो पे के सिद्घांत का उपयोग करते हुए उनकी इस गैर कानूनी अनुपस्थिति को उनकी सेवा में ‘ब्रेक इन सर्विस’ मानते हुए कार्रवाई करेंगे। ऐसे में लेखपाल हड़ताल को छोड़कर सरकारी कार्य को दोबारा करना शुरू कर दें। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई होने पर वे स्वयं उत्तरदायी होंगे।
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