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Budaun News: देहात छोड़िए, शहर का पुल तक सुरक्षित नहीं
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शहर के सोत नदी पर बने पुल की टूटी पड़ी बाउंड्री। संवाद
बदायूं। मुड़ा पुल पर हुए हादसे के बाद भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी अभी चेते नहीं हैं। यही वजह है कि अब भी पुल पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं। शहर के पुराने लालपुल पुल की एक साइड की रेलिंग शुरूआत में टूटी हुई है। इसकी वजह से वहां पर हादसे की आशंका रहती है। महावा नदी पर उस्मानपुर के पास बने पुल के संपर्क मार्ग की मिट्टी भी कई जगह से खिसक गई है। वहीं सड़क भी कई जगह से टूट गई है।
दातागंज से मुड़ा पुल से गिरकर तीन लोगों की मौत के बाद भी विभागीय अधिकारी अभी पुलों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहे। यहां बता दें कि शहर में प्रवेश सोतनदी को पार करने के बाद होता है। यहां पर आने और जाने के लिए अलग-अलग पुल बना हुआ है। इसमें उझानी से बदायूं आते वक्त पुराने पुल का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि जाने के लिए नए पुल से होकर लोग जाते हैं।
पुराने लालपुल की शुरुआत ही खतरनाक है। इसकी रेलिंग टूट रही है। इसकी वजह से वहां वाहन को मोड़ते वक्त कोहरे में रेलिंग न होने से वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लगता। ऐसे में कभी भी जनहानि हो सकती है। इसको लेकर लालपुल निवासी सोहिल, कामरान, मनोज आदि ने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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पुल की रेलिंग लटक रही हवा में, मार्ग भी टूटा
दहगवां। महावा नदी पर उस्मानपुर के पास बने पुल की रेलिंग के पास की मिट्टी काफी पहले बह गई थी। शिकायत होने के बाद अधिकारियों ने वहां पर रेत और मिट्टी डालकर अपने काम से इतिश्री कर ली। अब हालत यह है कि धीरे-धीरे सड़क और ज्यादा टूट गई है। वहां की कंकरीट और मिट्टी बह गई है। ऐसे में अब भी रेलिंग हवा में लटक रही है।
बदायूं-मेरठ हाईवे पर उस्मानपुर के पास महावा नदी पर पुल 21 जून 2020 को बनाया गया था। कुछ समय बाद पुल की रेलिंग के पास से मिट्टी बह गई। इसकी जानकारी होने के बाद विभाग की ओर से वहां पर मिट्टी डालकर जगह सही की गई, लेकिन बारिश में मिट्टी फिर बह गई। इससे मार्ग पहले की अपेक्षा और ज्यादा टूट गया।
विभाग की ओर से टूटी सड़क नहीं बनाई गई, बल्कि विभाग ने मिट्टी और रेत डालकर अपने काम से इतिश्री कर ली। इसकी वजह से आज भी रेलिंग हवा में लटक रही है। हाईवे होने की वजह से वाहन चालकों की स्पीड ज्यादा होती है। ऐसे में वहां पर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
भारी वाहनों के लिए बंद की सड़क
बिसौली। दातागंज में हुए हादसे के बाद शाहबाद-बिल्सी मार्ग पर स्थित सोत नदी के पुल पर एक बार फिर से भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बुधवार को जेसीबी की मदद से रोड पर अवरोधक लगवाए गए हैं।
बिल्सी-इस्लामनगर मार्ग पर स्थित सोत नदी का पुल दो वर्ष से जर्जर स्थिति में है। इस पर पिछले साल गन्ना पेराई सत्र से पहले तहसील प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की ओर से ओवर हाइट ब्रेकर लगाकर भारी वाहनों का आवागमन रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन डंपर और ट्रक चालकों ने उसे हटाकर आवागमन जारी रखा।
जानकारी होने के बाद भी अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जब दातागंज में मुड़ा पुल पर हादसा हुआ तो एसडीएम राशि कृष्णा ने इस पर फिर से भारी वाहनों का प्रवेश बंद करने के निर्देश दे दिए। इसको लेकर बुधवार को जेसीबी की मदद से फिर से अवरोधक लगाए गए हैं। अब केवल छोटे वाहन ही निकल सकेंगे। संवाद
वाहन छोड़िए, अब पैदल तक नहीं जा सकते मुड़ा पुल पर
- पीडब्ल्यूडी ने दीवारें बनवाईं, डिवाइडर रखवाए, मिट्टी डालकर बंद किया रास्ता, संकेतक बोर्ड लगवाकर लिखा- आगे रास्ता बंद है
संवाद न्यूज एजेंसी
दातागंज। मुड़ा पुल से कार के नीचे गिरने और तीन लोगों की मौत के बाद ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी चेते। जहां पहले निगरानी करने तक की परवाह नहीं थी वहां अब हाल यह है कि दीवारें, मिट्टी व पत्थर के डिवाइडर लगवाकर पुल की तरफ जाने वाले रास्ते को ही बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं संकेतक बोर्ड लगवाकर लिखवा दिया गया है कि आगे रास्ता बंद है, कृपया रास्ते का उपयोग न करें। लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी इतना सतर्क पहले ही हो जाता तो तीन लोगों की जान न जाती।
दातागंज से समरेर होकर फरीदपुर की तरफ जाने वाले मुड़ा पुल से बीते रविवार कार गिरने के बाद तीन लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के लिए पीडब्ल्यूडी के दो सहायक व दो अवर अभियंताओं को जिम्मेदार मानते हुए दातागंज के नायब तहसीलदार ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शासन ने भी इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। तभी से पीडब्ल्यूडी में खलबली मची हुई है।
घटना के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पुल पर पहुंचे। यहां टूटी हुई दीवार सही कराई। दीवार पर प्लास्टर तक करा दिया गया है। यहां मिट्टी भी डाली गई है। इसके अलावा पुल पर बीच में एक छोटी सी एक और दीवार बनाई गई है। पिछले तीन दिन से यहां लगातार काम जारी है। जहां पर पुल खत्म हो रहा है अब वहां भी दीवार बनाई जा रही है।
पुल से करीब दस मीटर पहले विभाग ने बैरिकेडिंग वाले पत्थर रखकर व मिट्टी डालकर पुल की तरफ जाने वाला रास्ता बंद कर दिया है। इतना ही नहीं संकेतक बोर्ड भी लगा दिया है। बोर्ड पर लिखा है कि आगे रास्ता बंद है। स्थिति यह है कि चार पहिया या दोपहिया तो दूर की बात अब पैदल तक लोग पुल पर नहीं जा सकते।
गूगल मैप से भी हटा रास्ता
आधे अधूरे बने खड़े मुड़ा पुल से कार गिरने की घटना के लिए सबसे बड़ी गलती गूगल मैप की सामने आई थी। पुल पर आगे रास्ता न होने के बाद भी गूगल मैप रास्ता दिखा रहा था। गूगल मैप के जरिए ही कार सवार आगे जा रहे थे। पुल खत्म होते ही एप्रोच रोड न होने से कार नीचे गिर गई। घटना के बाद डीएम निधि श्रीवास्तव ने गूगल के अधिकारियों से इस रास्ते को मैप से हटाने को कहा था। इसके बाद अब गूगल मैप से इस रास्ते को हटा दिया गया है। पुल पर पहुंचने पर अब गूगल मैप पर यह रास्ता दिखाई नहीं पड़ रहा।
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दातागंज से मुड़ा पुल से गिरकर तीन लोगों की मौत के बाद भी विभागीय अधिकारी अभी पुलों की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रहे। यहां बता दें कि शहर में प्रवेश सोतनदी को पार करने के बाद होता है। यहां पर आने और जाने के लिए अलग-अलग पुल बना हुआ है। इसमें उझानी से बदायूं आते वक्त पुराने पुल का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि जाने के लिए नए पुल से होकर लोग जाते हैं।
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पुराने लालपुल की शुरुआत ही खतरनाक है। इसकी रेलिंग टूट रही है। इसकी वजह से वहां वाहन को मोड़ते वक्त कोहरे में रेलिंग न होने से वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लगता। ऐसे में कभी भी जनहानि हो सकती है। इसको लेकर लालपुल निवासी सोहिल, कामरान, मनोज आदि ने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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पुल की रेलिंग लटक रही हवा में, मार्ग भी टूटा
दहगवां। महावा नदी पर उस्मानपुर के पास बने पुल की रेलिंग के पास की मिट्टी काफी पहले बह गई थी। शिकायत होने के बाद अधिकारियों ने वहां पर रेत और मिट्टी डालकर अपने काम से इतिश्री कर ली। अब हालत यह है कि धीरे-धीरे सड़क और ज्यादा टूट गई है। वहां की कंकरीट और मिट्टी बह गई है। ऐसे में अब भी रेलिंग हवा में लटक रही है।
बदायूं-मेरठ हाईवे पर उस्मानपुर के पास महावा नदी पर पुल 21 जून 2020 को बनाया गया था। कुछ समय बाद पुल की रेलिंग के पास से मिट्टी बह गई। इसकी जानकारी होने के बाद विभाग की ओर से वहां पर मिट्टी डालकर जगह सही की गई, लेकिन बारिश में मिट्टी फिर बह गई। इससे मार्ग पहले की अपेक्षा और ज्यादा टूट गया।
विभाग की ओर से टूटी सड़क नहीं बनाई गई, बल्कि विभाग ने मिट्टी और रेत डालकर अपने काम से इतिश्री कर ली। इसकी वजह से आज भी रेलिंग हवा में लटक रही है। हाईवे होने की वजह से वाहन चालकों की स्पीड ज्यादा होती है। ऐसे में वहां पर हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
भारी वाहनों के लिए बंद की सड़क
बिसौली। दातागंज में हुए हादसे के बाद शाहबाद-बिल्सी मार्ग पर स्थित सोत नदी के पुल पर एक बार फिर से भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बुधवार को जेसीबी की मदद से रोड पर अवरोधक लगवाए गए हैं।
बिल्सी-इस्लामनगर मार्ग पर स्थित सोत नदी का पुल दो वर्ष से जर्जर स्थिति में है। इस पर पिछले साल गन्ना पेराई सत्र से पहले तहसील प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की ओर से ओवर हाइट ब्रेकर लगाकर भारी वाहनों का आवागमन रोकने का प्रयास किया गया था, लेकिन डंपर और ट्रक चालकों ने उसे हटाकर आवागमन जारी रखा।
जानकारी होने के बाद भी अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जब दातागंज में मुड़ा पुल पर हादसा हुआ तो एसडीएम राशि कृष्णा ने इस पर फिर से भारी वाहनों का प्रवेश बंद करने के निर्देश दे दिए। इसको लेकर बुधवार को जेसीबी की मदद से फिर से अवरोधक लगाए गए हैं। अब केवल छोटे वाहन ही निकल सकेंगे। संवाद
वाहन छोड़िए, अब पैदल तक नहीं जा सकते मुड़ा पुल पर
- पीडब्ल्यूडी ने दीवारें बनवाईं, डिवाइडर रखवाए, मिट्टी डालकर बंद किया रास्ता, संकेतक बोर्ड लगवाकर लिखा- आगे रास्ता बंद है
संवाद न्यूज एजेंसी
दातागंज। मुड़ा पुल से कार के नीचे गिरने और तीन लोगों की मौत के बाद ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी चेते। जहां पहले निगरानी करने तक की परवाह नहीं थी वहां अब हाल यह है कि दीवारें, मिट्टी व पत्थर के डिवाइडर लगवाकर पुल की तरफ जाने वाले रास्ते को ही बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं संकेतक बोर्ड लगवाकर लिखवा दिया गया है कि आगे रास्ता बंद है, कृपया रास्ते का उपयोग न करें। लोगों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी इतना सतर्क पहले ही हो जाता तो तीन लोगों की जान न जाती।
दातागंज से समरेर होकर फरीदपुर की तरफ जाने वाले मुड़ा पुल से बीते रविवार कार गिरने के बाद तीन लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के लिए पीडब्ल्यूडी के दो सहायक व दो अवर अभियंताओं को जिम्मेदार मानते हुए दातागंज के नायब तहसीलदार ने चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शासन ने भी इस मामले में रिपोर्ट तलब की है। तभी से पीडब्ल्यूडी में खलबली मची हुई है।
घटना के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारी पुल पर पहुंचे। यहां टूटी हुई दीवार सही कराई। दीवार पर प्लास्टर तक करा दिया गया है। यहां मिट्टी भी डाली गई है। इसके अलावा पुल पर बीच में एक छोटी सी एक और दीवार बनाई गई है। पिछले तीन दिन से यहां लगातार काम जारी है। जहां पर पुल खत्म हो रहा है अब वहां भी दीवार बनाई जा रही है।
पुल से करीब दस मीटर पहले विभाग ने बैरिकेडिंग वाले पत्थर रखकर व मिट्टी डालकर पुल की तरफ जाने वाला रास्ता बंद कर दिया है। इतना ही नहीं संकेतक बोर्ड भी लगा दिया है। बोर्ड पर लिखा है कि आगे रास्ता बंद है। स्थिति यह है कि चार पहिया या दोपहिया तो दूर की बात अब पैदल तक लोग पुल पर नहीं जा सकते।
गूगल मैप से भी हटा रास्ता
आधे अधूरे बने खड़े मुड़ा पुल से कार गिरने की घटना के लिए सबसे बड़ी गलती गूगल मैप की सामने आई थी। पुल पर आगे रास्ता न होने के बाद भी गूगल मैप रास्ता दिखा रहा था। गूगल मैप के जरिए ही कार सवार आगे जा रहे थे। पुल खत्म होते ही एप्रोच रोड न होने से कार नीचे गिर गई। घटना के बाद डीएम निधि श्रीवास्तव ने गूगल के अधिकारियों से इस रास्ते को मैप से हटाने को कहा था। इसके बाद अब गूगल मैप से इस रास्ते को हटा दिया गया है। पुल पर पहुंचने पर अब गूगल मैप पर यह रास्ता दिखाई नहीं पड़ रहा।

शहर के सोत नदी पर बने पुल की टूटी पड़ी बाउंड्री। संवाद

शहर के सोत नदी पर बने पुल की टूटी पड़ी बाउंड्री। संवाद

शहर के सोत नदी पर बने पुल की टूटी पड़ी बाउंड्री। संवाद

शहर के सोत नदी पर बने पुल की टूटी पड़ी बाउंड्री। संवाद