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Budaun News: डॉक्टरों की लेटलतीफी जारी... मरीजों का इलाज भगवान भरोसे
Tue, 11 Jun 2024 02:26 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 11 Jun 2024 02:26 AM IST
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महिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद
बदायूं। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों को लेटलतीफी की बीमारी लग गई। इससे वे मरीजों की चिंता भी नहीं करते हैं। ऐसे में इलाज की व्यवस्था भी भगवान भरोसे ही है। सोमवार सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ महिला अस्पताल पहुंचने लगी। नौ बजे तक ओपीडी में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। इस बीच एक डॉक्टर भी अस्पताल नहीं पहुंचा था।
यह देख सीएमएस ने खुद ही ओपीडी में बैठ मरीजों को देखना शुरू कर दिया। महिला डॉक्टर राविया सुबह आठ बजे की जगह पर 9.15 बजे अस्पताल पहुंची और मरीजों को देखना शुरू किया। बता दें कि ओपीडी में डॉक्टरों की तीन कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस समय बीमारियों ने लोगों को घेर रखा है। मरीज दूरदराज से अस्पताल समय से पहले पहुंच जाते हैं पर डाॅक्टर हमेशा देरी से अस्पताल पहुंचते हैं। सोमवार को भी 11:52 बजे तक तीन डाॅक्टरों की कुर्सी खाली पड़ी रही। ओपीडी के बाहर कतार लगाकर मरीज उनका घंटों तक इंतजार करते रहे।
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महिला अस्पताल में महिलाओं और बच्चों को देखने के लिए ओपीडी में चार डॉक्टर तैनात हैं। इसमें एक संदीप वार्ष्णेय अवकाश पर थे। जबकि, बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. सुकुमार अग्रवाल 11:45 तक अस्पताल में मौजूद नहीं थे। डाॅ. अनामिका चौहान 11:25 तक नहीं आईं थीं। सिर्फ डॉ. राविया ने ओपीडी संभाली। वहीं, एसएनसीयू में डॉ. कुमार वासु की ड्यूटी थी। मरीजों की भीड़ देख सीएमएस ने एसएनसीयू से डॉ. कुमार वासु को ओपीडी में भेजा तब कहीं जाकर मरीजों को दवा मिल सकी।
चार घंटे करना पड़ा इंतजार
40 किलोमीटर दूर सहसवान से आई मैनाज बेगम ने बताया कि उनको कई दिनों से बुखार आ रहा है। जैसे-तैसे डग्गामार वाहनों के सहारे जिला अस्पताल में आठ बजे पहुंची। यहां पौने बारह बजे तक डाॅक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचे। जरीफनगर क्षेत्र से आई मीरा देवी ने बताया कि उनका महिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वह जब भी दवा लेने आती हैं, उन्हें चार घंटे इंतजार के बाद दवा मिल सकी।
डॉ. संदीप अवकाश पर थे। सुबह जब ओपीडी में भीड़ देखी तो मैंने खुद बैठकर मरीजों को देखा। डॉक्टर वासु की एसएनसीयू में ड्यूटी थी। जब अन्य डॉक्टर नहीं पहुंचे तो उनको एसएनसीयू से बुलाकर ओपीडी कराई। महिला डाॅक्टर प्रसव के ऑपरेशन में जाती हैं। यही कारण है कि ओपीडी में मरीजों को कई बार इंतजार करना पड़ता है। -डॉ. इंदुकांत,सीएमएस,महिला अस्पताल
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यह देख सीएमएस ने खुद ही ओपीडी में बैठ मरीजों को देखना शुरू कर दिया। महिला डॉक्टर राविया सुबह आठ बजे की जगह पर 9.15 बजे अस्पताल पहुंची और मरीजों को देखना शुरू किया। बता दें कि ओपीडी में डॉक्टरों की तीन कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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इस समय बीमारियों ने लोगों को घेर रखा है। मरीज दूरदराज से अस्पताल समय से पहले पहुंच जाते हैं पर डाॅक्टर हमेशा देरी से अस्पताल पहुंचते हैं। सोमवार को भी 11:52 बजे तक तीन डाॅक्टरों की कुर्सी खाली पड़ी रही। ओपीडी के बाहर कतार लगाकर मरीज उनका घंटों तक इंतजार करते रहे।
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महिला अस्पताल में महिलाओं और बच्चों को देखने के लिए ओपीडी में चार डॉक्टर तैनात हैं। इसमें एक संदीप वार्ष्णेय अवकाश पर थे। जबकि, बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. सुकुमार अग्रवाल 11:45 तक अस्पताल में मौजूद नहीं थे। डाॅ. अनामिका चौहान 11:25 तक नहीं आईं थीं। सिर्फ डॉ. राविया ने ओपीडी संभाली। वहीं, एसएनसीयू में डॉ. कुमार वासु की ड्यूटी थी। मरीजों की भीड़ देख सीएमएस ने एसएनसीयू से डॉ. कुमार वासु को ओपीडी में भेजा तब कहीं जाकर मरीजों को दवा मिल सकी।
चार घंटे करना पड़ा इंतजार
40 किलोमीटर दूर सहसवान से आई मैनाज बेगम ने बताया कि उनको कई दिनों से बुखार आ रहा है। जैसे-तैसे डग्गामार वाहनों के सहारे जिला अस्पताल में आठ बजे पहुंची। यहां पौने बारह बजे तक डाॅक्टर ओपीडी में नहीं पहुंचे। जरीफनगर क्षेत्र से आई मीरा देवी ने बताया कि उनका महिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। वह जब भी दवा लेने आती हैं, उन्हें चार घंटे इंतजार के बाद दवा मिल सकी।
डॉ. संदीप अवकाश पर थे। सुबह जब ओपीडी में भीड़ देखी तो मैंने खुद बैठकर मरीजों को देखा। डॉक्टर वासु की एसएनसीयू में ड्यूटी थी। जब अन्य डॉक्टर नहीं पहुंचे तो उनको एसएनसीयू से बुलाकर ओपीडी कराई। महिला डाॅक्टर प्रसव के ऑपरेशन में जाती हैं। यही कारण है कि ओपीडी में मरीजों को कई बार इंतजार करना पड़ता है। -डॉ. इंदुकांत,सीएमएस,महिला अस्पताल

महिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद

महिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद

महिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद

महिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ी कुर्सी। संवाद