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खादी ग्रामोद्योग प्रतिनिधि को 40 लाख के पेड़ काटने की धमकी
Updated Sun, 12 Jun 2016 11:21 PM IST
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खादी ग्रामोद्योग की भूमि पर दबंग कब्जा करने के साथ ही लगभग 40 लाख रुपये कीमत के यूकेलिप्टस के पेड़ काटकर बेचने की धमकी भी दे रहे हैं। गांधी सेवा सदन के प्रतिनिधि ने गृहमंत्री समेत खादी ग्रामोद्योग के उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर अवैध कब्जे से भूमि बचाने और पेड़ों को बचाने की गुहार लगाई है।
श्री गांधी सेवा सदन के प्रतिनिधि अनिल कुमार ने गृहमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्रिवेणी सहाय दद्दा ने वर्ष 1948 में खादी एवं ग्रामोद्योग के अंर्तगत श्री गांधी सेवा सदन का गठन किया था, जिसके लिए अपनी निजी भूमि दान की थी। वर्तमान समय में संस्था में प्रबंधकीय विवाद चल रहा है जो उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इस समय संस्था खादी आयोग मेरठ कार्यालय के अधीन है आयोग एवं जनपद न्यायाधीश की अनुमति के बिना संस्था की किसी भी वस्तु को खुर्द बुर्द नहीं किया जा सकता। संस्था के पास इस समय लगभग 250 बीघा जमीन है और उस पर तीन हजार यूकेलिप्टस के पेड़ खड़े हैं। आरोप है कि कमेटी सदस्य शिशुपाल सिंह और चंद्रपाल सिंह बिना आयोग कार्यालय मेरठ और जिला न्यायाधीश से अनुमति लिए सभी तीन हजार पेड़ माफिया से मिलकर बेचने की बात कर रहे हैं। उनके द्वारा मना करने पर किसी भी अप्रिय घटना की धमकी दी। प्रतिनिधि कुमार ने गृहमंत्री के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग मुंबई, कमिश्नर बरेली के अलावा पुलिस उपमहानिरीक्षक व महानिरीक्षक को भी पत्र भेजा है।
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श्री गांधी सेवा सदन के प्रतिनिधि अनिल कुमार ने गृहमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्रिवेणी सहाय दद्दा ने वर्ष 1948 में खादी एवं ग्रामोद्योग के अंर्तगत श्री गांधी सेवा सदन का गठन किया था, जिसके लिए अपनी निजी भूमि दान की थी। वर्तमान समय में संस्था में प्रबंधकीय विवाद चल रहा है जो उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इस समय संस्था खादी आयोग मेरठ कार्यालय के अधीन है आयोग एवं जनपद न्यायाधीश की अनुमति के बिना संस्था की किसी भी वस्तु को खुर्द बुर्द नहीं किया जा सकता। संस्था के पास इस समय लगभग 250 बीघा जमीन है और उस पर तीन हजार यूकेलिप्टस के पेड़ खड़े हैं। आरोप है कि कमेटी सदस्य शिशुपाल सिंह और चंद्रपाल सिंह बिना आयोग कार्यालय मेरठ और जिला न्यायाधीश से अनुमति लिए सभी तीन हजार पेड़ माफिया से मिलकर बेचने की बात कर रहे हैं। उनके द्वारा मना करने पर किसी भी अप्रिय घटना की धमकी दी। प्रतिनिधि कुमार ने गृहमंत्री के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग मुंबई, कमिश्नर बरेली के अलावा पुलिस उपमहानिरीक्षक व महानिरीक्षक को भी पत्र भेजा है।
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