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घर के साथ शहर भी हो साफ, हमारी भी कुछ जिम्मेदारी
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शहर के शहवाजपुर चौराहे पर जलता कूड़ा। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। शहर की लड़खड़ाई सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए पालिका भले ही असफल साबित हो रही हो। शहर को साफ रखने का पूरा जिम्मा सिर्फ पालिका का ही नहीं है। थोड़ी जिम्मेेदारी हमें भी निभानी होगी। आंकड़ों के अनुसार दिवाली के दिनों में शहर में चार से पांच टन कूड़ा प्रतिदिन ज्यादा निकलता है।
दिवाली आते ही घरों में साफ-सफाई शुरू हो जाती है। ऐसे में घरों से निकालने वाले कूड़े भी बढ़ जाता है। लोग घरों को तो साफ कर लेते हैं लेकिन सड़कों पर कूड़े के अंबार लगने लगते हैं। पालिका प्रशासन के अनुसार शहर में आमतौर पर 55 से 56 टन कूड़ा प्रतिदिन उठाया जाता है। दिवाली पर यह कूड़ा बढ़कर प्रतिदिन 60 टन तक पहुंच जाता है। अधिकांश लोग कूड़ेदान में कूड़ा नहीं डालते हैं, जो सड़कों पर फैलकर ज्यादा गंदगी का कारण बनता है।
ऐसे निभाएं अच्छे नागरिक की जिम्मेदारी
- घर से कूड़ा निकालकर कूड़ेदान में ही डालें।
- गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग डिब्बों में डालें।
- संभव हो तो रात में या सुबह जल्दी कूड़ा फेेंक दें।
- कूड़े को जलाएं नहीं, नुकसानदेह हो सकता है।
सुबह साढे़ नौ बजे तक डालें कूड़ा
पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल के अनुसार नगर पालिका कर्मचारियों की ओर से सुबह साढ़े पांच से साढ़े नौ बजे तक नालियों से लेकर सड़कों की सफाई की जाती है। पालिका के वाहन कूड़ा उठाते हैं। हालांकि कूड़ा उठाने का काम करीब 12 बजे तक चलता है। इसकी वजह है कि डलावघर करीब छह किलोमीटर दूर है। ऐसे में लोग समय से पहले निर्धारित स्थानों पर कूड़ा डाल दें।
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पालिका में यह हैं कर्मचारी
सफाई कर्मचारी 332
टैक्टर-ट्राली व टेंपो -33
जेसीबी- दो
अपने अच्छे के चक्कर में दूसरे का त्योहार खराब न करें
- लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि दिवाली सभी के लिए खास है। ऐसे में खुद का त्योहार अच्छा करने के चक्कर में दूसरे का खराब न करें। इसलिए निर्धारित जगह पर रखे कूड़ेदान में ही कूड़ा डाला जाए। -रविंद्र मोहन सक्सेना, वरिष्ठ मंच संचालक
-जिस प्रकार लोग अपने घरों में सफाई करते हैं, ठीक उसी प्रकार लोगों को शहर के बारे में भी सोचना चाहिए। वे कूड़े को सड़क किनारे इधर-उधर न फेंककर कूड़ेदान में ही डाले। -अशोक खुराना, साहित्यकार
शहर साफ रहेगा तभी हमारी पहचान होगी। शहर गंदा रहेगा तो हमारी भी छवि पर असर पड़ेगा। घरों को साफ रखने के साथ साथ हमें शहर की सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए। -स्मिता जैन, प्राचार्य, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज
- घर भी हमारा है और शहर भी। जितना हम घर को साफ रखते हैं, उतना शहर को भी साफ रखना हमारी जिम्मेदारी है। पालिका अपनी ड्यूटी कैसे कर रही है सबको पता है, लेकिन हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। -डॉ. राकेश जायसवाल, प्रवक्ता, राजकीय डिग्री कॉलेज
पालिका प्रशासन वैसे तो सफाई दिन मेें कराता है, लेकिन दिवाली को ध्यान में रखते हुए कुछ दिन पहले से शाम की शिफ्ट में भी काम कराया जा रहा है। ऐसे में सुबह के समय रूटीन सफाई और कूड़े का उठान होता है। शाम की शिफ्ट में जिन जगहों पर ज्यादा कूड़ा एकत्र हो जाता है, वहां से उठान किया जाता है। साथ ही गली-मोहल्लों में सफाई कराई जाती है। -दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
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दिवाली आते ही घरों में साफ-सफाई शुरू हो जाती है। ऐसे में घरों से निकालने वाले कूड़े भी बढ़ जाता है। लोग घरों को तो साफ कर लेते हैं लेकिन सड़कों पर कूड़े के अंबार लगने लगते हैं। पालिका प्रशासन के अनुसार शहर में आमतौर पर 55 से 56 टन कूड़ा प्रतिदिन उठाया जाता है। दिवाली पर यह कूड़ा बढ़कर प्रतिदिन 60 टन तक पहुंच जाता है। अधिकांश लोग कूड़ेदान में कूड़ा नहीं डालते हैं, जो सड़कों पर फैलकर ज्यादा गंदगी का कारण बनता है।
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ऐसे निभाएं अच्छे नागरिक की जिम्मेदारी
- घर से कूड़ा निकालकर कूड़ेदान में ही डालें।
- गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग डिब्बों में डालें।
- संभव हो तो रात में या सुबह जल्दी कूड़ा फेेंक दें।
- कूड़े को जलाएं नहीं, नुकसानदेह हो सकता है।
सुबह साढे़ नौ बजे तक डालें कूड़ा
पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल के अनुसार नगर पालिका कर्मचारियों की ओर से सुबह साढ़े पांच से साढ़े नौ बजे तक नालियों से लेकर सड़कों की सफाई की जाती है। पालिका के वाहन कूड़ा उठाते हैं। हालांकि कूड़ा उठाने का काम करीब 12 बजे तक चलता है। इसकी वजह है कि डलावघर करीब छह किलोमीटर दूर है। ऐसे में लोग समय से पहले निर्धारित स्थानों पर कूड़ा डाल दें।
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पालिका में यह हैं कर्मचारी
सफाई कर्मचारी 332
टैक्टर-ट्राली व टेंपो -33
जेसीबी- दो
अपने अच्छे के चक्कर में दूसरे का त्योहार खराब न करें
- लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि दिवाली सभी के लिए खास है। ऐसे में खुद का त्योहार अच्छा करने के चक्कर में दूसरे का खराब न करें। इसलिए निर्धारित जगह पर रखे कूड़ेदान में ही कूड़ा डाला जाए। -रविंद्र मोहन सक्सेना, वरिष्ठ मंच संचालक
-जिस प्रकार लोग अपने घरों में सफाई करते हैं, ठीक उसी प्रकार लोगों को शहर के बारे में भी सोचना चाहिए। वे कूड़े को सड़क किनारे इधर-उधर न फेंककर कूड़ेदान में ही डाले। -अशोक खुराना, साहित्यकार
शहर साफ रहेगा तभी हमारी पहचान होगी। शहर गंदा रहेगा तो हमारी भी छवि पर असर पड़ेगा। घरों को साफ रखने के साथ साथ हमें शहर की सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए। -स्मिता जैन, प्राचार्य, राजकीय महिला डिग्री कॉलेज
- घर भी हमारा है और शहर भी। जितना हम घर को साफ रखते हैं, उतना शहर को भी साफ रखना हमारी जिम्मेदारी है। पालिका अपनी ड्यूटी कैसे कर रही है सबको पता है, लेकिन हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। -डॉ. राकेश जायसवाल, प्रवक्ता, राजकीय डिग्री कॉलेज
पालिका प्रशासन वैसे तो सफाई दिन मेें कराता है, लेकिन दिवाली को ध्यान में रखते हुए कुछ दिन पहले से शाम की शिफ्ट में भी काम कराया जा रहा है। ऐसे में सुबह के समय रूटीन सफाई और कूड़े का उठान होता है। शाम की शिफ्ट में जिन जगहों पर ज्यादा कूड़ा एकत्र हो जाता है, वहां से उठान किया जाता है। साथ ही गली-मोहल्लों में सफाई कराई जाती है। -दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष

नेकपुर में नाली की सफाई करता कर्मचारी।संवाद- फोटो : BADAUN