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Budaun News: 11 साल बाद मिला इंसाफ, हत्यारे बोले थे चुंगल में फंस गया दुश्मन
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बदायूं। चुनावी रंजिश में विरोधियों के हाथ जान गंवाने वाले शिवनारायण के परिवार को 11 साल बाद न्याय मिला। शिवनारायण का बेटा विकास यादव 11 साल तक अपने पिता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए घर से 90 किलोमीटर की दूरी को तय बदायूं न्यायालय पहुंचता, लेकिन लंबा समय बीतने के बावजूद विकास का हौंसला नहीं डिगा। शिव नारायण के हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद परिवार के लोग फैसले से संतुष्ट हैं, लेकिन उनकी कमी को परिवार आज भी महसूस कर रहा है।
घर लौटते वक्त शिवनारायण पर हुआ था हमला
विकास यादव ने मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें बताया था कि उनके पिता शिवनारायण 10 अक्तूबर की शाम साढ़े चार बजे गांव पतरिया से विधौती फाजिलपुर स्थित घर लौट रहे थे। वह गांव निवासी कल्लू व रामपाल के पास पहुंचे। वैसे ही वहां पहले से ही घात लगाए बैठे लायक, प्रेम सिंह, राधे, रामौतार, मदन लाल व राम अवतार ने उनके पिता को देखते ही बोले दुश्मन आज चंगुल में आ चुका है। मार दो बच न जाये। तभी प्रेम सिंह, राधे, मदनलाल और राम अवतार ने पकड़ लिया और कहा मारो। इसी बीच लायक व राम अवतार ने अपने-अपने तमंचे से एक-एक गोली मार दी। इससे उनके पिता की मौत हो गई।
फायरिंग की तड़तड़ाहट से गांव में फैल थी दहशत
कई राउंड फायरिंग की आवाज से गांव में दहशत फैल गई थी। गोलियों की आवाज सुन घर से जीवन सिंह, मनोज, महिपाल, दानवीर दौड़कर आए और आरोपियों को ललकारा। इसके बाद आरोपी तमंचे लहराते हुए भाग निकले।
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घर लौटते वक्त शिवनारायण पर हुआ था हमला
विकास यादव ने मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें बताया था कि उनके पिता शिवनारायण 10 अक्तूबर की शाम साढ़े चार बजे गांव पतरिया से विधौती फाजिलपुर स्थित घर लौट रहे थे। वह गांव निवासी कल्लू व रामपाल के पास पहुंचे। वैसे ही वहां पहले से ही घात लगाए बैठे लायक, प्रेम सिंह, राधे, रामौतार, मदन लाल व राम अवतार ने उनके पिता को देखते ही बोले दुश्मन आज चंगुल में आ चुका है। मार दो बच न जाये। तभी प्रेम सिंह, राधे, मदनलाल और राम अवतार ने पकड़ लिया और कहा मारो। इसी बीच लायक व राम अवतार ने अपने-अपने तमंचे से एक-एक गोली मार दी। इससे उनके पिता की मौत हो गई।
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फायरिंग की तड़तड़ाहट से गांव में फैल थी दहशत
कई राउंड फायरिंग की आवाज से गांव में दहशत फैल गई थी। गोलियों की आवाज सुन घर से जीवन सिंह, मनोज, महिपाल, दानवीर दौड़कर आए और आरोपियों को ललकारा। इसके बाद आरोपी तमंचे लहराते हुए भाग निकले।
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