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खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी पर कोटेदार को भेजा जाएगा जेल

Thu, 27 Apr 2017 12:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं। Updated Thu, 27 Apr 2017 12:16 AM IST
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Junk will be sent to Kotdar on disturbances in food distribution
मीट‌िंग - फोटो : अमर उजाला
प्रभारी डीएम और शहर विधायक ने बैठक में बताई शासन की मंशा
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योगी सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन ने उचित दर विक्रेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गरीबों को नियमित खाद्यान्न का वितरण हो। इसमें किसी स्तर पर हेराफेरी न हो। इसके लिए प्रशासन फुलप्रूफ प्लान तैयार कर रहा है। गरीबों का हक मारने वाले राशन डीलरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनको जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में नगरीय क्षेत्रों के कोटेदारों और पूर्ति निरीक्षकों की बैठक में प्रभारी डीएम अच्छे लाल सिंह यादव ने साफ चेतावनी दी कि खाद्य सुरक्षा का लाभ सभी गरीबों को मिलना चाहिए। शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, प्रभारी डीएम अच्छे लाल सिंह यादव और बरेली मंडल के उपायुक्त खाद्य जीपी राय ने कोटेदारों से रू-ब-रू होकर शासन की मंशा के बारे में बताया। विधायक ने कहा कि खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता को क्षम्य नहीं किया जाएगा, अगर राशन डीलर ईमानदारी से काम करेंगे तो उनके लिए अच्छा ही होगा। प्रभारी डीएम ने हिदायत दी कि कोटेदार अब नो प्रॉफिट नो लॉस के आधार पर गरीबों की सेवा करेंगे, तभी राशन कोटा चला सकता है, बेईमानी करने वालों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।   
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खाद्यान्न वितरण के लिए दो विशेष दिवस किए जाएंगे निर्धारित
बदायूं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्यान्न वितरण के लिए माह में दो विशेष दिवस निर्धारित किए जाएंगे। बरेली मंडल के उपायुक्त खाद्य जीपी राय ने बैठक में बताया कि शासन की ओर से खाद्यान्न वितरण के लिए माह में दो दिन तय किए जाएंगे। अभी निर्धारित तिथियों के संबंध में शासन से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन इतना तय कर दिया गया है कि अब माह में दो दिन ही खाद्यान्न वितरण होगा। जो कार्डधारक अनाज लेने से वंचित रह जाएंगे, उनकी सूची तैयार कर शासन को भेजी।
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अपात्रों के चिह्नांकन के लिए एक मई से होगा सर्वे
बदायूं। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि किसी कारणवश खाद्य सुरक्षा अधिनियम में कई अपात्रों का भी चयन कर लिया गया है। इनके चिह्ननांकन के लिए एक मई से जिले में सर्वे का कार्य प्रारंभ किया जाएगा और तत्काल प्रभाव से ऐसे अपात्रों के राशन कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे तथा इनके स्थान पर वंचित पात्र लोगों को लाभ दिया जाएगा। 

इन लोगों का चयन सूची से किया जाएगा निष्कासन
बदायूं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निवास करने वाले आयकर दाता, ऐसे परिवार जिसके स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर, हार्डवेस्टर, वातानुकूलित यंत्र (एसी) और पांच केवीए या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हो ऐसे परिवारों का चयन सूची से निष्कासन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार के किसी सदस्य के स्वामित्व में पांच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि, शहरी क्षेत्र में परिवार के किसी सदस्य के स्वामित्व में 100 वर्गमीटर से अधिक स्वअर्जित आवासीय प्लाट या उसपर स्वनिर्मित मकान या 100 वर्गमीटर से अधिक कारपेट एरिया का आवासीय फ्लैट हो अथवा 80 वर्गमीटर तथा उससे अधिक कारपेट एरिया का व्यवसायिक स्थान हो ऐसे लोगों को सूची से निष्कासन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवार की वार्षिक आय दो लाख तथा शहरी क्षेत्रों में तीन लाख से अधिक होने पर निष्कासन कर दिया जाएगा।


जांच में दोषी पाए गए कोटेदार पर कार्रवाई की मांग
दबतोरी। गांव ललुआनगला के ग्रामीणों की कोटेदार पर मनमानी करने के आरोप को जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने गंभीरता से लेते हुए एसडीएम बिसौली आरडी राम को पत्र भेजकर कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है। बिसौली तहसील के गांव ललुआनगला के कई ग्रामीणों ने एक सप्ताह पहले एसडीएम कार्यालय पर धरना देकर गांव के कोटेदार पर मनमानी का आरोप लगाया था। गांव के लोगों ने ज्ञापन देकर कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। गांव के लोगों का आरोप था कि कोटेदार राशन कालाबाजारी के साथ दो साल पहले मृत एक महिला के नाम से भी राशन अपने चहेतों को दे रहा है। इतना ही नहीं सिपट्टर सिंह नाम का कोई भी व्यक्ति अनुसूचित जाति में न होने के बाद भी रिकार्ड में दर्शाया गया। पुराने राशनकार्डों पर मिट्टी का तेल भी नहीं दिया जा रहा था। ग्रामीणों के आरोप पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह को जांच कर आख्या देने का निर्देश दिया था। जांच में प्रथम दृष्टया ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोप सही पाए गए थे, जिसकी आख्या एसडीएम को दे दी गई थी। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे क्षुब्ध ग्रामीणों इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री समेत जिला पूर्ति अधिकारी से करते हुए कार्रवाई की मांग की। इस पर डीएसओ ने एसडीएम को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा है।
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