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Budaun News: जुगेंद्र के भाई को जांच पर भरोसा नहीं, बोले- धमका रहा है मैनेजर
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मृत सुरक्षा गार्ड जुगेंद्र के परिजनों से बात करते सपा नेता उदयवीर शाक्य। संवाद
उझानी। मेंथा फैक्टरी में सुपरवाइजर जुगेंद्र यादव समेत तीन सुरक्षा गार्डों की मौत के मामले में घरवालों ने जांच की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। मृतक जुगेंद्र के भाई ने फैक्टरी के मैनेजर पर धमकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मैनेजर जांच प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
मृतक जुगेंद्र के परिजनों को सांत्वना देने के लिए शुक्रवार पूर्वाह्न सपा नेता उदयवीर शाक्य पहुंचे। परिजनों ने उन्हें बताया कि जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है। घटना के चार दिन बाद भी जांच के लिए अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। फैक्टरी मालिक की शह पर सबूतों को भी नष्ट कर दिया जाएगा।
जुगेंद्र के भाई देवेंद्र ने फैक्टरी के मैनेजर पर धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मैनेजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। इसके बाद भी मैनेजर ने बसावनपुर के ही दो-तीन लोगों को फोन किया। गांव के ही युवक के फोन पर उन्हें शांति से घर बैठ जाने की धमकी दी गई है।
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आरोपी मैनेजर रामपुर जिले का बताया गया है। उसने जुगेंद्र के करीबियों से यहां तक कह दिया था कि फोन पर किसी ने गाली-गलौज की तो उसे पु़लिस से पकड़वा दिया जाएगा। बता दें कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समेत कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने दाह संस्कार से पहले हंगामा भी कर दिया था।
देवेंद्र ने बताया कि न्यायिक जांच होने से सच्चाई उजागर हो सकती है। उन्हें तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की प्रति भी मुहैया नहीं कराई गई है। स्थानीय स्तर की जांच से कोई नतीजा सामने नहीं आएगा। फैक्टरी परिसर में ही मेंथा का कारोबार शुरू हो जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने बैंक अफसरों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मैनेजर ने फोन कर पूछा..किस समय सो जाते हो
फैक्टरी के मैनेजर और सुरक्षा सुपरवाइजर जुगेंद्र यादव के बीच घटना से एक दिन पहले फोन पर दो-तीन बात हुई थी। इसका दावा उनके भाई देवेंद्र ने किया है। देवेंद्र ने बताया कि मैनेजर ने एक बार तीनों सुरक्षा गार्डों के बारे में पूछा, फिर चंदौसी माल पहुंचाने को लेकर बात की। जुगेंद्र से कहा गया था कि अगले दिन वह माल के साथ कागज लेकर चंदौसी चला जाए। माल का मतलब मेंथा से है या फिर कुछ और... यह तो मैनेजर से पूछताछ के बाद ही सामने आएगा।
जुगेंद्र से यह भी पूछा गया कि तुम लोग किस समय सो जाते हो। और हां... कल कौन कह रहा था कि रात में कोई आवाज देता है। डरना मत। ड्यूटी पर आज कितने लोग हैं। मोबाइल फोन की वॉयस रिकॉर्डिंग की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।
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मृतक जुगेंद्र के परिजनों को सांत्वना देने के लिए शुक्रवार पूर्वाह्न सपा नेता उदयवीर शाक्य पहुंचे। परिजनों ने उन्हें बताया कि जांच के नाम पर लीपापोती की जा रही है। घटना के चार दिन बाद भी जांच के लिए अफसर मौके पर नहीं पहुंचे। फैक्टरी मालिक की शह पर सबूतों को भी नष्ट कर दिया जाएगा।
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जुगेंद्र के भाई देवेंद्र ने फैक्टरी के मैनेजर पर धमकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मैनेजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। इसके बाद भी मैनेजर ने बसावनपुर के ही दो-तीन लोगों को फोन किया। गांव के ही युवक के फोन पर उन्हें शांति से घर बैठ जाने की धमकी दी गई है।
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आरोपी मैनेजर रामपुर जिले का बताया गया है। उसने जुगेंद्र के करीबियों से यहां तक कह दिया था कि फोन पर किसी ने गाली-गलौज की तो उसे पु़लिस से पकड़वा दिया जाएगा। बता दें कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समेत कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए परिजनों ने दाह संस्कार से पहले हंगामा भी कर दिया था।
देवेंद्र ने बताया कि न्यायिक जांच होने से सच्चाई उजागर हो सकती है। उन्हें तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की प्रति भी मुहैया नहीं कराई गई है। स्थानीय स्तर की जांच से कोई नतीजा सामने नहीं आएगा। फैक्टरी परिसर में ही मेंथा का कारोबार शुरू हो जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने बैंक अफसरों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मैनेजर ने फोन कर पूछा..किस समय सो जाते हो
फैक्टरी के मैनेजर और सुरक्षा सुपरवाइजर जुगेंद्र यादव के बीच घटना से एक दिन पहले फोन पर दो-तीन बात हुई थी। इसका दावा उनके भाई देवेंद्र ने किया है। देवेंद्र ने बताया कि मैनेजर ने एक बार तीनों सुरक्षा गार्डों के बारे में पूछा, फिर चंदौसी माल पहुंचाने को लेकर बात की। जुगेंद्र से कहा गया था कि अगले दिन वह माल के साथ कागज लेकर चंदौसी चला जाए। माल का मतलब मेंथा से है या फिर कुछ और... यह तो मैनेजर से पूछताछ के बाद ही सामने आएगा।
जुगेंद्र से यह भी पूछा गया कि तुम लोग किस समय सो जाते हो। और हां... कल कौन कह रहा था कि रात में कोई आवाज देता है। डरना मत। ड्यूटी पर आज कितने लोग हैं। मोबाइल फोन की वॉयस रिकॉर्डिंग की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करती है।