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झमाझम बारिश से कई जगह हुआ जलभराव
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:46 PM IST
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जलभराव
- फोटो : अमर उजाला
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हवा चलने से लोगों को मिली गर्मी से राहत
पांच दिनों बाद अचानक मानसून के एक बार फिर सक्रिय हो जाने के साथ ही मौसम सुहावना हो गया। पूरे दिन पसीना चुआऊ गर्मी के बाद शाम करीब चार बजे झमाझम बारिश शुरू हुई तो एक घंटा तक बारिश की झड़ी लग गई। बाद में रिमझिम बारिश ने तो मौसम आशिकाना बना दिया। हां, परेशानी इस बात की रही कि शहर में कई जगह जल भराव हो गया। इसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जुलाई में भी मानसूव सक्रिय रहने से खेती-बाड़ी के लिए शुभ संकेत बने हैं।
पिछले पांच दिनों से पड़ रही सड़ी गर्मी से दो-चार हो रहे लोग आसमान ताकते नजर आते कि अबत तो बारिश हो जाए। आज सुबह बादलों के बीच से लुकाछिपी कर रहे सूरज ने उमस भरी गर्मी को और बढ़ा दिया। इस गर्मी में लोग पसीने से तरबतर रहे। बरसात का मौसम होने के बावजूद पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण लोग उमस और घुटन भरी स्थितियों को सामना कर रहे थे। बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे अचानक तेज हवाएं चलीं इन हवाओं में नमी थी। तजुर्बेकार समझ गए कि कुछ समय बाद ही बरसात शुरू हो जाएगी। ऐसा ही हुआ। दक्षिण-पश्चिम से डठे घनघोर बादलों से आसमान भर गया। बिजली कड़कने के साथ ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। एक घंटा तक बारिश के बाद रिमझिम बारिश शुरू हो गई। रुक-रुककर देर रात तक रिमझिम बारिश होती रही।
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प्यासी जमीन को बंधी आस, बढ़ेगा भूगर्भ जल
कृषि विज्ञानियों की मानें तो बारिश समय के अनुसार ठीक हो रही है। यह प्यासी पड़ी जमीन और किसानों के लिए बेहतर साबित होगी। हरी सब्जियों को छोड़ बाकी फसलों को, खासकर गन्ना को बारिश वरदान बनी हुई है। यहां बता दें कि जिले के चार ब्लाकों में अभी भी भूगर्भ जलस्तर काफी नीचे है। इसलिए इन ब्लाकों डार्क श्रेणी में रखा गया है। अगर, इस बरसात में रिमझिम बरसात होती रही तो प्यासी धरती के लिए यह वरदान साबित होगी।
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27 लाख पर फिरा पानी, नाले उगल रहे कीचड़
बरसात से पूर्व नालों की सफाई के लिए 27 लाख रुपये खर्च बताए जा रहे हैं। नगर पालिका परिषद के नाले सफाई के दावों की पोल अब खुल रही है। जब तली झाड़ सफाई पर लाखों खर्चा हो जाने के बाद भी नाले कीचड़ उगल रहे हैं। इस बारिश में भी नालों से पन्नियां, दोना पत्तल और कचरा निकलकर सड़कों पर फैल रहा है। नालों का कीचड़ युक्त पानी सड़कों पर बह रहा है और नगर पालिका परिषद की पोल खोल रहा है।
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ताल-तलैयों में तब्दील हो गए शहर के कई स्थल
मात्र एक घंटे की बरसात ने जहां लोगों को गर्मी से निजात दिलाई, वहीं शहर के कई निचले स्थल आम बारिश के दिनों की भांति बृहस्पतिवार को भी ताल-तलैयों में बदल गए। नगर के मोहल्ला शहबाजपुर, टिकटगंज, पटियाली सराय, नईसराय, ब्राह्मपुर की स्थिति तो बहुत ही खराब रही। हर प्रमुख मार्ग पर जलभराव था। शिवपुरम आदर्श नगर, बालाजी नगर, जालंधरी सराय आदि में कई जगह जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी हुई। बाजारों में स्टेशन रोड, बाबूराम मार्केट, सुभाष चौक, गांधी ग्राउंड के पास और पंजाबी क्वाटर्स मार्केट में जलभराव मुसीबत बन गया।
पांच दिनों बाद अचानक मानसून के एक बार फिर सक्रिय हो जाने के साथ ही मौसम सुहावना हो गया। पूरे दिन पसीना चुआऊ गर्मी के बाद शाम करीब चार बजे झमाझम बारिश शुरू हुई तो एक घंटा तक बारिश की झड़ी लग गई। बाद में रिमझिम बारिश ने तो मौसम आशिकाना बना दिया। हां, परेशानी इस बात की रही कि शहर में कई जगह जल भराव हो गया। इसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जुलाई में भी मानसूव सक्रिय रहने से खेती-बाड़ी के लिए शुभ संकेत बने हैं।
पिछले पांच दिनों से पड़ रही सड़ी गर्मी से दो-चार हो रहे लोग आसमान ताकते नजर आते कि अबत तो बारिश हो जाए। आज सुबह बादलों के बीच से लुकाछिपी कर रहे सूरज ने उमस भरी गर्मी को और बढ़ा दिया। इस गर्मी में लोग पसीने से तरबतर रहे। बरसात का मौसम होने के बावजूद पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण लोग उमस और घुटन भरी स्थितियों को सामना कर रहे थे। बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे अचानक तेज हवाएं चलीं इन हवाओं में नमी थी। तजुर्बेकार समझ गए कि कुछ समय बाद ही बरसात शुरू हो जाएगी। ऐसा ही हुआ। दक्षिण-पश्चिम से डठे घनघोर बादलों से आसमान भर गया। बिजली कड़कने के साथ ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। एक घंटा तक बारिश के बाद रिमझिम बारिश शुरू हो गई। रुक-रुककर देर रात तक रिमझिम बारिश होती रही।
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प्यासी जमीन को बंधी आस, बढ़ेगा भूगर्भ जल
कृषि विज्ञानियों की मानें तो बारिश समय के अनुसार ठीक हो रही है। यह प्यासी पड़ी जमीन और किसानों के लिए बेहतर साबित होगी। हरी सब्जियों को छोड़ बाकी फसलों को, खासकर गन्ना को बारिश वरदान बनी हुई है। यहां बता दें कि जिले के चार ब्लाकों में अभी भी भूगर्भ जलस्तर काफी नीचे है। इसलिए इन ब्लाकों डार्क श्रेणी में रखा गया है। अगर, इस बरसात में रिमझिम बरसात होती रही तो प्यासी धरती के लिए यह वरदान साबित होगी।
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27 लाख पर फिरा पानी, नाले उगल रहे कीचड़
बरसात से पूर्व नालों की सफाई के लिए 27 लाख रुपये खर्च बताए जा रहे हैं। नगर पालिका परिषद के नाले सफाई के दावों की पोल अब खुल रही है। जब तली झाड़ सफाई पर लाखों खर्चा हो जाने के बाद भी नाले कीचड़ उगल रहे हैं। इस बारिश में भी नालों से पन्नियां, दोना पत्तल और कचरा निकलकर सड़कों पर फैल रहा है। नालों का कीचड़ युक्त पानी सड़कों पर बह रहा है और नगर पालिका परिषद की पोल खोल रहा है।
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ताल-तलैयों में तब्दील हो गए शहर के कई स्थल
मात्र एक घंटे की बरसात ने जहां लोगों को गर्मी से निजात दिलाई, वहीं शहर के कई निचले स्थल आम बारिश के दिनों की भांति बृहस्पतिवार को भी ताल-तलैयों में बदल गए। नगर के मोहल्ला शहबाजपुर, टिकटगंज, पटियाली सराय, नईसराय, ब्राह्मपुर की स्थिति तो बहुत ही खराब रही। हर प्रमुख मार्ग पर जलभराव था। शिवपुरम आदर्श नगर, बालाजी नगर, जालंधरी सराय आदि में कई जगह जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी हुई। बाजारों में स्टेशन रोड, बाबूराम मार्केट, सुभाष चौक, गांधी ग्राउंड के पास और पंजाबी क्वाटर्स मार्केट में जलभराव मुसीबत बन गया।