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Budaun News: बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम, बेतरतीब खड़ी होती ट्रैक्टर- ट्रॉलियां
Sun, 20 Oct 2024 04:14 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 20 Oct 2024 04:14 AM IST
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उझानी में मंडी के सामने हाईवे पर जाम में फंसे वाहन। स्रोत- किसान
उझानी। बरेली-मथुरा हाईवे पर मंडी समिति के सामने शनिवार को धान लदीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की वजह से लंबा जाम लग गया।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में पिछले कुछेक दिनों से धान की आवक में इजाफा हो रहा है। कासगंज और एटा के गांवों से भी किसान धान लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर यहां पहुंच रहे हैं। सुबह सात बजे से ही धर्मकांटों के सामने ट्रैक्टर- ट्रॉलियां बेतरतीब खड़ी कर ली जाती हैं। मंडी परिसर हाईवे से सटा है, इसलिए बेतरतीब ट्रैक्टर- ट्रॉलियों के बीच रोडवेज बसें और ट्रक भी फंस जाते हैं।
गांव कुड़ाशाहपुर निवासी जंडैल सिंह बताते हैं कि आढ़तों पर धान अनलोड करने के बाद खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का भी धर्मकांटे पर तौल करानी होती है। ऐसे में दोनों तरफ कतार लगना स्वभाविक है। थोक के गल्ला व्यापारी शंकर गुप्ता ने बताया कि धान की आवक अभी करीब 15 दिन तक रहेगी। धर्मकांटे पर तौल कराना भी आवश्यक है।
मंडी परिसर में दो धर्मकांटे, दोनों पड़े हैं खराब
- मंडी परिसर में ही किसानों के अनाज लदे वाहनों की तौल कराने के लिए मुख्य और निकास द्वार के पास पांच साल से दो धर्मकांटे स्थापित हैं। शुरू के दिनों में तो दोनों धर्मकांटे सुचारु थे, लेकिन साल भर में दोनों खराब हो गए। इसके बाद भी उन्हें ठीक कराने की जरूरत महसूस नहीं की। मंडी निरीक्षक अमान कहते हैं कि अफसरों को अवगत करा दिया गया है। इंजीनियरों की टीम आकर उन्हें ठीक करेगी। बताते हैं कि दोनों धर्मकांटे सुचारु हो जाएं तो हाईवे पर न जाम का झमेला रहेगा और न ही किसानों को धर्मकांटा कराने के लिए जेब हल्की करनी पड़ेगी। मंडी के धर्मकांटों पर निशुल्क तौल का प्रावधान है।
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वैकल्पिक रास्ता से आठ किमी की दूरी
- मथुरा, आगरा या फिर बरेली की ओर आने-जाने वाले वाहनों को जाम के झमेले से बचकर निकलना है तो वाया मुजरिया के रास्ते सफर करना होगा। कासगंज की ओर से बदायूं और बरेली को जाने वाले वाहन वितरोई मोड़ से मुजरिया होकर यहां आ सकते हैं। इसी तरह आंबेडकर चौराहे से मुजरिया होकर वितरोई मोड़ पर पहुंचकर मथुरा हाईवे से जुड़ सकते हैं। वैकल्पिक रोड पर करीब आठ किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी होगी।
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कृषि उत्पादन मंडी समिति में पिछले कुछेक दिनों से धान की आवक में इजाफा हो रहा है। कासगंज और एटा के गांवों से भी किसान धान लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर यहां पहुंच रहे हैं। सुबह सात बजे से ही धर्मकांटों के सामने ट्रैक्टर- ट्रॉलियां बेतरतीब खड़ी कर ली जाती हैं। मंडी परिसर हाईवे से सटा है, इसलिए बेतरतीब ट्रैक्टर- ट्रॉलियों के बीच रोडवेज बसें और ट्रक भी फंस जाते हैं।
गांव कुड़ाशाहपुर निवासी जंडैल सिंह बताते हैं कि आढ़तों पर धान अनलोड करने के बाद खाली ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का भी धर्मकांटे पर तौल करानी होती है। ऐसे में दोनों तरफ कतार लगना स्वभाविक है। थोक के गल्ला व्यापारी शंकर गुप्ता ने बताया कि धान की आवक अभी करीब 15 दिन तक रहेगी। धर्मकांटे पर तौल कराना भी आवश्यक है।
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मंडी परिसर में दो धर्मकांटे, दोनों पड़े हैं खराब
- मंडी परिसर में ही किसानों के अनाज लदे वाहनों की तौल कराने के लिए मुख्य और निकास द्वार के पास पांच साल से दो धर्मकांटे स्थापित हैं। शुरू के दिनों में तो दोनों धर्मकांटे सुचारु थे, लेकिन साल भर में दोनों खराब हो गए। इसके बाद भी उन्हें ठीक कराने की जरूरत महसूस नहीं की। मंडी निरीक्षक अमान कहते हैं कि अफसरों को अवगत करा दिया गया है। इंजीनियरों की टीम आकर उन्हें ठीक करेगी। बताते हैं कि दोनों धर्मकांटे सुचारु हो जाएं तो हाईवे पर न जाम का झमेला रहेगा और न ही किसानों को धर्मकांटा कराने के लिए जेब हल्की करनी पड़ेगी। मंडी के धर्मकांटों पर निशुल्क तौल का प्रावधान है।
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वैकल्पिक रास्ता से आठ किमी की दूरी
- मथुरा, आगरा या फिर बरेली की ओर आने-जाने वाले वाहनों को जाम के झमेले से बचकर निकलना है तो वाया मुजरिया के रास्ते सफर करना होगा। कासगंज की ओर से बदायूं और बरेली को जाने वाले वाहन वितरोई मोड़ से मुजरिया होकर यहां आ सकते हैं। इसी तरह आंबेडकर चौराहे से मुजरिया होकर वितरोई मोड़ पर पहुंचकर मथुरा हाईवे से जुड़ सकते हैं। वैकल्पिक रोड पर करीब आठ किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी होगी।