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जगदीश हत्याकांड : दो सगे भाइयों को सात साल की कैद
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बदायूं। हत्या के सात साल पुराने मामले में दो सगे भाइयों को सात साल कैद की सजा सुनाई गई है। सजा का आदेश अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार ने गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर किया। दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
उघैती थाना क्षेत्र के गांव गंज निवासी महेश ने 26 फरवरी 2017 को थाना पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही रामप्रकाश और उसके भाई रामदास ने उनके पिता जगदीश को घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। इसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं थीं। एक मार्च को देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले तहरीर के आधार पर जान से मारने की नीयत से हमला कर घायल करने की रिपोर्ट दर्ज की। मौत के बाद मुकदमा हत्या में तरमीम किया। विवेचना एसआई हिमांशु शुक्ला ने की। पुलिस ने 11 मई 2017 को कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया।
तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। अदालत ने लोक अभियोजक मदनलाल राजपूत और विपक्षी अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद मंगलवार को दोनों भाइयों रामप्रकाश और रामदास को जगदीश की हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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उघैती थाना क्षेत्र के गांव गंज निवासी महेश ने 26 फरवरी 2017 को थाना पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि पुरानी रंजिश के चलते गांव के ही रामप्रकाश और उसके भाई रामदास ने उनके पिता जगदीश को घेरकर लाठी-डंडों से पीटा। इसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं थीं। एक मार्च को देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले तहरीर के आधार पर जान से मारने की नीयत से हमला कर घायल करने की रिपोर्ट दर्ज की। मौत के बाद मुकदमा हत्या में तरमीम किया। विवेचना एसआई हिमांशु शुक्ला ने की। पुलिस ने 11 मई 2017 को कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया।
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तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। अदालत ने लोक अभियोजक मदनलाल राजपूत और विपक्षी अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद मंगलवार को दोनों भाइयों रामप्रकाश और रामदास को जगदीश की हत्या का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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