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Budaun News: बुढ़ापे में एक-दूसरे का सराहा बने इस्लाम और शकीला, किया निकाह
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(02 बीडीएन-13)एक दूसरे के साथ में खड़े शकीला और इस्लाम।
- पांच माह पहले हुई थी इस्लाम की पत्नी की मौत, दो साल पहले विधवा हो गई थी शकीला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं/दहगवां। ब्लॉक क्षेत्र के नैनोल बागबाला गांव में 68 वर्षीय इस्लाम ने 65 साल की शकीला के साथ निकाह किया है। उम्र के इस पड़ाव पर आकर दोनों अकेले पड़ गए थे। संयोग से रिश्तेदार उनके मददगार बने और उन्हें एक-दूसरे से मिला दिया। रिश्तेदारों ने उनका निकाह करा दिया है।
ग्राम नैनोल बागबाला निवासी मोहम्मद इस्लाम दिल्ली में रहकर सब्जी बेचते हैं। वह पांच भाइयों में सबसे बड़े हैं। पांच माह पहले उनकी पत्नी सायरा की मौत हो गई थी। तब से इस्लाम अकेले जीवन गुजार रहे थे। उनके कोई बच्चा भी नहीं है। हालांकि परिवार वाले और उनके भाइयों का हमेशा सहयोग बना रहा।
इस्लाम बताते हैं कि उनके भतीजे मुजीब की सहसवान के चौधरी मोहल्ले में ससुराल है। जहां उनका भी आना-जाना था। वहीं मुजीब और उसकी पत्नी की मुलाकात शकीला से हुई थी। शकीला बिहार की रहने वाली हैं। उनका निकाह कल्लू के साथ हुआ था, लेकिन दो साल पहले कल्लू का देहांत हो गया। तब से शकीला भी अकेली थीं। उनका साथ देने वाला भी कोई नहीं था। वह इधर-उधर रिश्तेदारियों में रहकर अपना जीवन काट रहीं थीं। भतीजे मुजीब और उसकी पत्नी ने शकीला से दोबारा निकाह करने का प्रस्ताव रखा। वह अपनी परिस्थितियों को देखते हुए इस्लाम से निकाह करने को तैयार हो गईं। सभी लोगों के सहयोग से शकीला 21 फरवरी को नैनोल बागबाला गांव आईं। वहीं दोनों का निकाह कराया गया। उम्र के इस पढ़ाव में निकाह करके दोनों खुश हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं/दहगवां। ब्लॉक क्षेत्र के नैनोल बागबाला गांव में 68 वर्षीय इस्लाम ने 65 साल की शकीला के साथ निकाह किया है। उम्र के इस पड़ाव पर आकर दोनों अकेले पड़ गए थे। संयोग से रिश्तेदार उनके मददगार बने और उन्हें एक-दूसरे से मिला दिया। रिश्तेदारों ने उनका निकाह करा दिया है।
ग्राम नैनोल बागबाला निवासी मोहम्मद इस्लाम दिल्ली में रहकर सब्जी बेचते हैं। वह पांच भाइयों में सबसे बड़े हैं। पांच माह पहले उनकी पत्नी सायरा की मौत हो गई थी। तब से इस्लाम अकेले जीवन गुजार रहे थे। उनके कोई बच्चा भी नहीं है। हालांकि परिवार वाले और उनके भाइयों का हमेशा सहयोग बना रहा।
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इस्लाम बताते हैं कि उनके भतीजे मुजीब की सहसवान के चौधरी मोहल्ले में ससुराल है। जहां उनका भी आना-जाना था। वहीं मुजीब और उसकी पत्नी की मुलाकात शकीला से हुई थी। शकीला बिहार की रहने वाली हैं। उनका निकाह कल्लू के साथ हुआ था, लेकिन दो साल पहले कल्लू का देहांत हो गया। तब से शकीला भी अकेली थीं। उनका साथ देने वाला भी कोई नहीं था। वह इधर-उधर रिश्तेदारियों में रहकर अपना जीवन काट रहीं थीं। भतीजे मुजीब और उसकी पत्नी ने शकीला से दोबारा निकाह करने का प्रस्ताव रखा। वह अपनी परिस्थितियों को देखते हुए इस्लाम से निकाह करने को तैयार हो गईं। सभी लोगों के सहयोग से शकीला 21 फरवरी को नैनोल बागबाला गांव आईं। वहीं दोनों का निकाह कराया गया। उम्र के इस पढ़ाव में निकाह करके दोनों खुश हैं।
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