फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Is anathema to a nation of farmers Death: Acharya

राष्ट्र के लिए अभिशाप है किसानों की मौत: आचार्य

Thu, 23 Apr 2015 07:38 PM IST
belsi
belsi Updated Thu, 23 Apr 2015 07:38 PM IST
विज्ञापन

किसानों की मौत राष्ट्र के लिए एक अभिशाप है। अन्नदाताओं की उपेक्षा, उनका शोषण राष्ट्र की तरक्की एवं खुशहाली को रोकने वाला कदम है।

विज्ञापन

यह विचार आचार्य संजीव रूप ने स्थानीय अजीत कृषि सेवा केंद्र में आयोजित एक सभा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि किसान अन्नदाता है, वो अन्न उगाता है, पशु पालता है, भारी कष्ट उठाकर पेट भरने का प्रयास करता है। दो-तीन वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं एवं सरकार की उपेक्षा के चलते फसलें नष्ट हुईं। किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सभा तक में एक किसान आत्महत्या करके मर गया, लेकिन इन राजनेताओं का दिल नहीं पसीज रहा। महलों में रहने वाले नेता किसान का दर्द नहीं समझ रहे हैं। यदि यही हाल रहा तो किसान खेती से तौबा कर लेगा। देश के हालात बदतर होते जाएंगे। व्यापारी नेता अजीत सक्सेना ने कहा कि किसानों को शीघ्र एक हजार रुपये बीघा मुआवजा देना सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए, साथ ही तुरंत केेसीसी ऋण पर ब्याज माफी की घोषणा कर देनी चाहिए। सभा में सोमेंद्र सिंह, विशाल सिंह, सुखवीर सिंह, उमंगराज सक्सेना आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed