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छह महीना में ही दगा देने लगी चार करोड़ की सड़क
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:39 PM IST
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बिल्सी रोड बाजार की नवनिर्मित सड़क का मामला
करीब छह महीना पहले बिल्सी रोड बाजार के उच्चीकरण के साथ बनी सड़क नागरिकों के लिए धोखा साबित हुई है। बाईपास की ओर से घंटाघर चौराहे की ओर बढ़ने पर कई स्थानों पर सीमेंट ने सड़क की बजरी का भी साथ छोड़ दिया है। निर्माण की गुणवत्ता पर शुरू से ही सवाल भी उठे थे लेकिन अफसरों ने गुणवत्ता की जांच कराने की बजाय हकीकत पर गौर ही नहीं किया।
पीडब्ल्यूडी की देखरेख में बिल्सी रोड बाजार की सड़क का निर्माण कराया पिछले साल शुरू कराया गया था। निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर सवाल उस वक्त इसलिए भी उठे थे कि पुरानी सड़क की खुदाई में निकले मलवा को सड़क का उच्चीकरण करते वक्त नीचे ही दफन कर दिया गया था। हालांकि सड़क की पहली सतह पर सरियों का जाल भी बिछा लेकिन सीमेंट और बजरी के मिश्रण में मानक का इस्तेमाल नहीं किया गया। सबकुछ मानक के अनुरूप होता तो बाईपास से घंटाघर चौराहे की ओर बढ़ने पर बड़े महादेव के मंदिर और किलाखेड़ा पुलिया के आसपास ही नहीं बल्कि कई स्थानों पर सीमेंट का मिश्रण बजरी का साथ नहीं छोड़ता।
करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता पर निर्माण के दौरान कांग्रेस और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने ठेकेदार की भूमिका को संदिग्ध ठहराया था। दुकानदारों की मानें तो निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने भी गुणवत्ता की शिकायत अफसरों से की। बता दें कि पिछले दिनों शासन से स्तर से कई जिलों में सड़कों की गुणवत्ता परखने का फरमान जारी किया था। दुकानदारों में हरीओम का कहना है कि शासन के अफसर की टीम बिल्सी रोड बाजार की सड़क पर गौर करे तो असलियत सामने आ जाएगी।
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अभी निर्माणाधीन हैं पटरियां
बिल्सी रोड बाजार की सड़क के दोनों ओर नालियों के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। इन दिनों पटरियों के निर्माण का काम चल रहा है। पटरियों के निर्माण के बाद ही बरी वाले बाईपास और घंटाघर चौराहे के पास एप्रोच रोड बननी है। एप्रोच रोड के अभाव में ई-रिक्शा चालकों और बाइक सवार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
करीब छह महीना पहले बिल्सी रोड बाजार के उच्चीकरण के साथ बनी सड़क नागरिकों के लिए धोखा साबित हुई है। बाईपास की ओर से घंटाघर चौराहे की ओर बढ़ने पर कई स्थानों पर सीमेंट ने सड़क की बजरी का भी साथ छोड़ दिया है। निर्माण की गुणवत्ता पर शुरू से ही सवाल भी उठे थे लेकिन अफसरों ने गुणवत्ता की जांच कराने की बजाय हकीकत पर गौर ही नहीं किया।
पीडब्ल्यूडी की देखरेख में बिल्सी रोड बाजार की सड़क का निर्माण कराया पिछले साल शुरू कराया गया था। निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर सवाल उस वक्त इसलिए भी उठे थे कि पुरानी सड़क की खुदाई में निकले मलवा को सड़क का उच्चीकरण करते वक्त नीचे ही दफन कर दिया गया था। हालांकि सड़क की पहली सतह पर सरियों का जाल भी बिछा लेकिन सीमेंट और बजरी के मिश्रण में मानक का इस्तेमाल नहीं किया गया। सबकुछ मानक के अनुरूप होता तो बाईपास से घंटाघर चौराहे की ओर बढ़ने पर बड़े महादेव के मंदिर और किलाखेड़ा पुलिया के आसपास ही नहीं बल्कि कई स्थानों पर सीमेंट का मिश्रण बजरी का साथ नहीं छोड़ता।
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करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता पर निर्माण के दौरान कांग्रेस और भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने ठेकेदार की भूमिका को संदिग्ध ठहराया था। दुकानदारों की मानें तो निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने भी गुणवत्ता की शिकायत अफसरों से की। बता दें कि पिछले दिनों शासन से स्तर से कई जिलों में सड़कों की गुणवत्ता परखने का फरमान जारी किया था। दुकानदारों में हरीओम का कहना है कि शासन के अफसर की टीम बिल्सी रोड बाजार की सड़क पर गौर करे तो असलियत सामने आ जाएगी।
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अभी निर्माणाधीन हैं पटरियां
बिल्सी रोड बाजार की सड़क के दोनों ओर नालियों के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। इन दिनों पटरियों के निर्माण का काम चल रहा है। पटरियों के निर्माण के बाद ही बरी वाले बाईपास और घंटाघर चौराहे के पास एप्रोच रोड बननी है। एप्रोच रोड के अभाव में ई-रिक्शा चालकों और बाइक सवार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।