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Budaun News: शिक्षक के जीवन में आईसीटी का अहम योगदान
Sun, 04 Feb 2024 03:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 04 Feb 2024 03:33 AM IST
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डायट परिसर में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया।
बदायूं। बुनियादी शिक्षा में आईसीटी (इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) का प्रयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसी के तहत डायट में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इसमें शिक्षकों को विभिन्न आईसीटी सामग्री, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का उपयोग करने की जानकारी दी गई।
डायट प्राचार्य मुनेश कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों को संचार, समस्या हल, समय की बचत व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे कौशलों को विकसित करने में मदद करता है। प्रशिक्षण प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि ऐसी ट्रेनिंग से शिक्षकों को आईसीटी के उपयोग से लाभ प्राप्त करने के लिए तैयार किया जाता है। आईसीटी की ट्रेनिंग शिक्षकों को डिजिटल जगत के साथ मिलाने के लिए भी मदद करती है।
प्रशिक्षण नोडल मोहम्मद सरवर ने बताया कि आजकल की दुनिया में आईसीटी कौशल की आवश्यकता है, जोकि सभी क्षेत्रों में उपयोगी होते है। इसलिए बुनियादी शिक्षा में आईसीटी का प्रयोग शिक्षकों व छात्रों को भविष्य में अधिक संभावित रूप से सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकता है। मास्टर ट्रेनर मनीष कुमार, अजीत सिंह, अनुपम चौधरी, अंकुर गुप्ता, राजीव भटनागर आदि मौजूद रहे। संवाद
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डायट प्राचार्य मुनेश कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों को संचार, समस्या हल, समय की बचत व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे कौशलों को विकसित करने में मदद करता है। प्रशिक्षण प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि ऐसी ट्रेनिंग से शिक्षकों को आईसीटी के उपयोग से लाभ प्राप्त करने के लिए तैयार किया जाता है। आईसीटी की ट्रेनिंग शिक्षकों को डिजिटल जगत के साथ मिलाने के लिए भी मदद करती है।
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प्रशिक्षण नोडल मोहम्मद सरवर ने बताया कि आजकल की दुनिया में आईसीटी कौशल की आवश्यकता है, जोकि सभी क्षेत्रों में उपयोगी होते है। इसलिए बुनियादी शिक्षा में आईसीटी का प्रयोग शिक्षकों व छात्रों को भविष्य में अधिक संभावित रूप से सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकता है। मास्टर ट्रेनर मनीष कुमार, अजीत सिंह, अनुपम चौधरी, अंकुर गुप्ता, राजीव भटनागर आदि मौजूद रहे। संवाद
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