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बैराज के विरोध में जलसमाधि लेने पर अड़े आंदोलकारी
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 27 Dec 2016 11:52 PM IST
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बैराज के विरोध में जलसमाधि लेने पर अड़े आंदोलकारी
- फोटो : अमर उजाला
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सिटी मजिस्ट्रेट समझाने पहुंचे, नहीं माने भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के कार्यकर्ता
रामगंगा में बन रहे बैराज के विरोध में तीन दिन से उपवास पर बैठे भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के कार्यकर्ता 31 दिसंबर को बरेली रामगंगा जाकर जलसमाधि लेने के अपने निर्णय पर कायम हैं। उनका तर्क है कि बैराज बनने से रामगंगा का खत्म हो जाएगी और इससे जलसंकट खड़ा हो जाएगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयोजक हरिप्रताप सिंह राठौर का कहना है कि अगर अफसर गारंटी लें कि बैराज बनने से जल संकट की स्थिति नहीं बनेगी तो वह आंदोलन से हट जाएंगे लेकिन यहां मालवीय आवास पर उपवास के दौरान मंगलवार को आंदोलनकारियों को समझाने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ऐसा कोई आश्वासन नहीं दे सके।
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के कार्यकर्ताओं ने 25 दिसंबर को मालवीय आवास पर उपवास शुरू किया था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बिना आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और जलसमाधि के लिए अफसर जिम्मेदार होंगे। उपवास पर बैठने वालों में संस्था संयोजक हरिप्रताप सिंह राठौर, रक्षपाल सिंह, वीरेंद्र जाटव, आजाद सक्सेना, डॉ. आरजी गोस्वामी, सचिन सूर्यवंशी, मुनीष सिंह, गोविंद राना, धनपाल सिंह, सुरेश पाल सिंह, राकेश सिंह, अभिषेक शर्मा, जीतेश एन लाल, सुशील सिंह, महेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, भूराज सिंह, प्रेमपाल सिंह आदि तमाम प्रमुख हैं।
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उपवास पर बैठे कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, उन लोगों के न मानने पर उनकी मांग को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
-श्रीराम यादव, सिटी मजिस्ट्रेट
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रामगंगा पर बैराज का बनाया जाना नुकसानदेह साबित होगा। इससे पहले से जल की कमी से जूझ रही रामगंगा का अस्तित्व बरेली के आगे समाप्त हो जाएगा। संगठन की मांग है कि अगर बैराज बनाया भी जाए पानी की व्यवस्था की जाए, जिससे रामगंगा का अस्तित्व बचाया जा सके। अगर बात नहीं मानी जो 31 दिसंबर को जलसमाधि लेंगे।
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-हरिप्रताप सिंह राठौर, आंदोलन के सांयोजक
रामगंगा में बन रहे बैराज के विरोध में तीन दिन से उपवास पर बैठे भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के कार्यकर्ता 31 दिसंबर को बरेली रामगंगा जाकर जलसमाधि लेने के अपने निर्णय पर कायम हैं। उनका तर्क है कि बैराज बनने से रामगंगा का खत्म हो जाएगी और इससे जलसंकट खड़ा हो जाएगा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयोजक हरिप्रताप सिंह राठौर का कहना है कि अगर अफसर गारंटी लें कि बैराज बनने से जल संकट की स्थिति नहीं बनेगी तो वह आंदोलन से हट जाएंगे लेकिन यहां मालवीय आवास पर उपवास के दौरान मंगलवार को आंदोलनकारियों को समझाने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ऐसा कोई आश्वासन नहीं दे सके।
भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान के कार्यकर्ताओं ने 25 दिसंबर को मालवीय आवास पर उपवास शुरू किया था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बिना आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और जलसमाधि के लिए अफसर जिम्मेदार होंगे। उपवास पर बैठने वालों में संस्था संयोजक हरिप्रताप सिंह राठौर, रक्षपाल सिंह, वीरेंद्र जाटव, आजाद सक्सेना, डॉ. आरजी गोस्वामी, सचिन सूर्यवंशी, मुनीष सिंह, गोविंद राना, धनपाल सिंह, सुरेश पाल सिंह, राकेश सिंह, अभिषेक शर्मा, जीतेश एन लाल, सुशील सिंह, महेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, भूराज सिंह, प्रेमपाल सिंह आदि तमाम प्रमुख हैं।
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उपवास पर बैठे कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, उन लोगों के न मानने पर उनकी मांग को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
-श्रीराम यादव, सिटी मजिस्ट्रेट
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रामगंगा पर बैराज का बनाया जाना नुकसानदेह साबित होगा। इससे पहले से जल की कमी से जूझ रही रामगंगा का अस्तित्व बरेली के आगे समाप्त हो जाएगा। संगठन की मांग है कि अगर बैराज बनाया भी जाए पानी की व्यवस्था की जाए, जिससे रामगंगा का अस्तित्व बचाया जा सके। अगर बात नहीं मानी जो 31 दिसंबर को जलसमाधि लेंगे।
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-हरिप्रताप सिंह राठौर, आंदोलन के सांयोजक