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हवा के साथ बारिश हुई तो फसलों को होगा नुकसान
सार
समय पर बारिश न होने के कारण पहले सूखे से किसान परेशान था।पिछले दिनों हुई तेज बारिश के बाद फसलों पर संकट खड़ा हो गया था।अगर जिले में हवा के साथ तेज बारिश होती है तो धान, तिल की फसल को काफी ज्यादा नुकसान होने की संभावना है।
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पिछले दिनों बारिश के बाद ऐसे बिछ गई थी बाजरा की फसल। संवाद
- फोटो : BADAUN
विस्तार
बदायूं। समय पर बारिश न होने के कारण पहले सूखे से किसान परेशान था। इसके बाद तेज बारिश ने उसकी फसलों को नुकसान पहुंचाया। पिछले दिनों हुई तेज बारिश के बाद फसलों पर संकट खड़ा हो गया था। अब मौसम विभाग ने आठ अक्तूबर तक फिर लखनऊ समेत 51 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानकारों के अनुसार यदि बारिश हवा के साथ होती है तो फिर फसलों को काफी नुकसान पहुंचेगा।
जिले में खरीफ की फसल का सीजन चल रहा है। ऐसे में धान, तिल और बाजार की फसल लगभग पक चुकी है। किसानों के अनुसार एक सप्ताह में फसल कटाई शुरू हो जाएगी, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अलर्ट ने किसानों की माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। मौसम विभाग ने तीन दिन तक भारी बारिश का अंदेशा जताया है। अगर जिले में हवा के साथ तेज बारिश होती है तो धान, तिल की फसल को काफी ज्यादा नुकसान होने की संभावना है। अगर बारिश ज्यादा और खेतों में जलभराव की स्थिति बनती है तो बाजारा समेत सब्जी फसलों को भी काफी ज्यादा नुकसान होगा।
बाजरा और ज्वार की फसल गिरी तो चारा संकट संभव
बारिश से फसलों को नुकसान का असर पशुओं के चारे पर भी पड़ सकता है। दरअसल, बाजरा और ज्वार का इस्तेमाल पशु चारे के रूप में ज्यादा होता है। इस बार किसानों ने खेतों में ज्वार की बोवाई भी जमकर की, लेकिन पिछले महीने में तेज हवा के झोके और बारिश ने ज्वार को भी नुकसान पहुंचाया। जिन खेतों में धान की फसल गिर गई है, उसका पुआल भी पशुओं के खाने लायक नहीं बचेगा।
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मौसम में भी आया परिवर्तन, एसी कूलर बंद
अक्तूबर का महीना शुरू होने के साथ मौसम में भी परिवर्तन आने लगा है। लोगों के घरों में लगे एसी और कूलर बंद हो गए हैं। रात में मौसम हल्का ठंडा होने से कई लोग तो पंखों तक का उपयोग नहीं कर रहे हैं। सुबह के समय भी हल्की ठडंक का अहसास होने लगा है।
पिछले दिनों बारिश के दौरान धान की फसल गिर गई थी। उसमें तापमान वृद्धि के बाद काफी नुकसान हुआ है। अगर आने वाले समय में फिर से हवा के साथ बारिश होती है तो धान, बाजारा समेत सब्जी फसलों को नुकसान ज्यादा होगा। हालांकि हल्की बारिश होने की स्थिति में फसलों को कोई अब और नुकसान नहीं होगा। -डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र उझानी
जिले में अगर लगातार और तेज बारिश हुई तो फसलों को नुकसान होना संभव है। हल्की बारिश से फसलों को नुकसान नहीं होगा, क्योंकि धान और तिल की फसल लगभग पक चुकी है। ऐसे में तेज बारिश से यह खराब हो सकती है। -डीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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जिले में खरीफ की फसल का सीजन चल रहा है। ऐसे में धान, तिल और बाजार की फसल लगभग पक चुकी है। किसानों के अनुसार एक सप्ताह में फसल कटाई शुरू हो जाएगी, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अलर्ट ने किसानों की माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। मौसम विभाग ने तीन दिन तक भारी बारिश का अंदेशा जताया है। अगर जिले में हवा के साथ तेज बारिश होती है तो धान, तिल की फसल को काफी ज्यादा नुकसान होने की संभावना है। अगर बारिश ज्यादा और खेतों में जलभराव की स्थिति बनती है तो बाजारा समेत सब्जी फसलों को भी काफी ज्यादा नुकसान होगा।
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बाजरा और ज्वार की फसल गिरी तो चारा संकट संभव
बारिश से फसलों को नुकसान का असर पशुओं के चारे पर भी पड़ सकता है। दरअसल, बाजरा और ज्वार का इस्तेमाल पशु चारे के रूप में ज्यादा होता है। इस बार किसानों ने खेतों में ज्वार की बोवाई भी जमकर की, लेकिन पिछले महीने में तेज हवा के झोके और बारिश ने ज्वार को भी नुकसान पहुंचाया। जिन खेतों में धान की फसल गिर गई है, उसका पुआल भी पशुओं के खाने लायक नहीं बचेगा।
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मौसम में भी आया परिवर्तन, एसी कूलर बंद
अक्तूबर का महीना शुरू होने के साथ मौसम में भी परिवर्तन आने लगा है। लोगों के घरों में लगे एसी और कूलर बंद हो गए हैं। रात में मौसम हल्का ठंडा होने से कई लोग तो पंखों तक का उपयोग नहीं कर रहे हैं। सुबह के समय भी हल्की ठडंक का अहसास होने लगा है।
पिछले दिनों बारिश के दौरान धान की फसल गिर गई थी। उसमें तापमान वृद्धि के बाद काफी नुकसान हुआ है। अगर आने वाले समय में फिर से हवा के साथ बारिश होती है तो धान, बाजारा समेत सब्जी फसलों को नुकसान ज्यादा होगा। हालांकि हल्की बारिश होने की स्थिति में फसलों को कोई अब और नुकसान नहीं होगा। -डॉ. संजय कुमार, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र उझानी
जिले में अगर लगातार और तेज बारिश हुई तो फसलों को नुकसान होना संभव है। हल्की बारिश से फसलों को नुकसान नहीं होगा, क्योंकि धान और तिल की फसल लगभग पक चुकी है। ऐसे में तेज बारिश से यह खराब हो सकती है। -डीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी