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जमीनी नेता के तौर पर होती थी बनवारी सिंह की पहचान
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:19 PM IST
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बनवारी
- फोटो : अमर उजाला
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सपा मुलायम सिंह यादव के हमेशा करीबी रहे बनवारी सिंह यादव की पहचान जिले में जमीन से जुड़े नेता के रूप में रही। जिले में समाजवादी पार्टी की राजनीति में उनका खास महत्व रहा।
कोऑपरेटिव की राजनीति से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले बनवारी सिंह यादव सपा के जमीन से जुड़े नेता के तौर पर इसलिए जाने जाते थे, क्योंकि कार्यकर्ताओं से उनका सीधा जुड़ाव था। उनके लिए वह सहज थे। ऐसे में पार्टी में भी वह लोकप्रिय थे। वह सपा मुखिया मुलायम सिंह के बेहद करीबी रहे। सपा के स्थापना काल से लेकर अब तक वही जिले में पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। वर्ष 2004 में जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने बनवारी सिंह को नागरिक उड्डयन, प्रोटोकाल और राज्य संपत्ति विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री का ओहदा दिया। सन 2004 से 2007 तक बनवारी सिंह को मिनी मुख्यमंत्री कहा जाता था। उनके राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव भी आए, लेकिन वह जिले में पूरे दम-खम के साथ सपा का झंडा बुलंद किए रहे। उनकी अंत्येष्टि बिसौली क्षेत्र के पैतृक गांव मानपुर में गुरुवार को दोपहर की जाएगी।
अखिलेश यादव ने जताया दुख
लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री बनवारी सिंह यादव के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतृप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।सपा अध्यक्ष ने कहा कि बनवारी सिंह पार्टी के निष्ठावान नेता थे। वे कई बार विधायक रहे थे। उन्होंने मुलायम सिंह के नेतृत्व में किसानों, गरीबों के हितों के लिए लंबा संघर्ष किया। वे बदायूं जिला जनपद एवं बरेली मंडल केलोकप्रिय नेता थे। उन्होंने समाजवादी आंदोलन में हमेशा बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
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सांसद धर्मेंद्र ने व्यक्तिगत क्षति बताया
बनवारी सिंह यादव के निधन पर सांसद धर्मेंद्र यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया। मेदांता हॉस्पिटल से बनवारी सिंह के पार्थिव शरीर के साथ लौट रहे सांसद धर्मेंद्र ने कहा कि बाबूजी का निधन उनकी, नेताजी की और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ही नहीं बल्कि सपा की व्यक्तिगत क्षति है। यह सबके लिए बेहद दु:ख का क्षण है। उनकी कमी सबको हमेशा खलेगी। सांसद ने कहा कि सपा के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह सपा की रीढ़ और लोकप्रिय अध्यक्ष थे।
राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर
बदायूं। सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ही नहीं, भाजपा, कांग्रेस और बसपा के नेताओं ने भी बनवारी सिंह यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सपा के जिला महासचिव सुरेश पाल चौहान ने उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव ओमकार सिंह ने कहा कि बनवारी सिंह यादव जिले की राजनीति के एक स्तंभ थे। भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य ने कहा कि बनवारी सिंह की कमी जिले को हमेशा खलती रहेगी। बसपा जिलाध्यक्ष हेमेंद्र गौतम ने बनवारी सिंह के निधन पर दुख जताया। सपा अल्पसंख्यक सभा और छात्र सभा के मोतशाम सिद्दीकी, अनीस सिद्दीकी, हाशिम भाई, फैजान खां, प्रेम यादव, रन सिंह यादव, रनधीर यादव ने भी शोक जताया।
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कोऑपरेटिव की राजनीति से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले बनवारी सिंह यादव सपा के जमीन से जुड़े नेता के तौर पर इसलिए जाने जाते थे, क्योंकि कार्यकर्ताओं से उनका सीधा जुड़ाव था। उनके लिए वह सहज थे। ऐसे में पार्टी में भी वह लोकप्रिय थे। वह सपा मुखिया मुलायम सिंह के बेहद करीबी रहे। सपा के स्थापना काल से लेकर अब तक वही जिले में पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। वर्ष 2004 में जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने बनवारी सिंह को नागरिक उड्डयन, प्रोटोकाल और राज्य संपत्ति विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री का ओहदा दिया। सन 2004 से 2007 तक बनवारी सिंह को मिनी मुख्यमंत्री कहा जाता था। उनके राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव भी आए, लेकिन वह जिले में पूरे दम-खम के साथ सपा का झंडा बुलंद किए रहे। उनकी अंत्येष्टि बिसौली क्षेत्र के पैतृक गांव मानपुर में गुरुवार को दोपहर की जाएगी।
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अखिलेश यादव ने जताया दुख
लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री बनवारी सिंह यादव के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतृप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।सपा अध्यक्ष ने कहा कि बनवारी सिंह पार्टी के निष्ठावान नेता थे। वे कई बार विधायक रहे थे। उन्होंने मुलायम सिंह के नेतृत्व में किसानों, गरीबों के हितों के लिए लंबा संघर्ष किया। वे बदायूं जिला जनपद एवं बरेली मंडल केलोकप्रिय नेता थे। उन्होंने समाजवादी आंदोलन में हमेशा बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।
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सांसद धर्मेंद्र ने व्यक्तिगत क्षति बताया
बनवारी सिंह यादव के निधन पर सांसद धर्मेंद्र यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया। मेदांता हॉस्पिटल से बनवारी सिंह के पार्थिव शरीर के साथ लौट रहे सांसद धर्मेंद्र ने कहा कि बाबूजी का निधन उनकी, नेताजी की और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ही नहीं बल्कि सपा की व्यक्तिगत क्षति है। यह सबके लिए बेहद दु:ख का क्षण है। उनकी कमी सबको हमेशा खलेगी। सांसद ने कहा कि सपा के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह सपा की रीढ़ और लोकप्रिय अध्यक्ष थे।
राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर
बदायूं। सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ही नहीं, भाजपा, कांग्रेस और बसपा के नेताओं ने भी बनवारी सिंह यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया है। सपा के जिला महासचिव सुरेश पाल चौहान ने उनके निधन को अपूर्णीय क्षति बताया है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव ओमकार सिंह ने कहा कि बनवारी सिंह यादव जिले की राजनीति के एक स्तंभ थे। भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य ने कहा कि बनवारी सिंह की कमी जिले को हमेशा खलती रहेगी। बसपा जिलाध्यक्ष हेमेंद्र गौतम ने बनवारी सिंह के निधन पर दुख जताया। सपा अल्पसंख्यक सभा और छात्र सभा के मोतशाम सिद्दीकी, अनीस सिद्दीकी, हाशिम भाई, फैजान खां, प्रेम यादव, रन सिंह यादव, रनधीर यादव ने भी शोक जताया।