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Budaun News: भाई को जिंदा जलते देखा, मलबे में शव तलाशने घुसे तो पुलिस ने खदेड़ा
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भीड़ में से युवक को पकडकर ले जाते पुलिस कर्मी। स्रोत- वीडियो ग्रैब
उझानी। भारत मिंट एलायड लिमिटेड मेंथा फैक्टरी में अग्निकांड के दौरान युवक ने भाई को जलते देखा। अब आग बुझ गई तो मलबे में शव की तलाश के लिए उसके परिजन फैक्टरी में घुसने की कोशिश किए। पुलिस कर्मियों ने उन्हें गेट के पास ही रोक लिया। हंगामा होने पर उन्हें डंडे फटकार कर खदेड़ दिया गया। इसमें मुनेंद्र का रिश्तेदार घायल हो गया।
मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बिचौला टप्पा जामिनी निवासी मेंथा फैक्टरी कर्मी मुनेंद्र यादव का पता नहीं लगने से उनके परिजन परेशान हैं। हादसे के बाद से फैक्टरी के पास ही डटे ग्रामीणों में भाई पुष्पेंद्र और गजेंद्र ने बताया कि शाम को क्रेन ने फैक्टरी के अंदर से मलबा हटाना शुरू किया तो वह गेट पर इकट्ठे हो गए। उन्हें लगा कि मलबा हटाते समय मुनेंद्र का शव मिल जाएगा। ग्रामीणों ने यह कहते हुए फैक्टरी में घुसने की कोशिश की। वह दमकल कर्मियों का सहयोग करना चाहते थे। भीड़ बढ़ती देख पुलिस कर्मियों ने उन्हें अंदर घुसने से रोक दिया। ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। वह मलबा हटाएंगे तो लोहा गर्म होने की वजह से झुलस भी सकते हैं। हंगामा और कहासुनी के बाद पुलिस ने भीड़ को डंडे फटकार कर खदेड़ दिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मुनेंद्र के रिश्तेदार कोतवाली क्षेत्र के गांव नसरूल्लापुर निवासी जितेंद्र की पीठ में चोट आई है। जितेंद्र को हिरासत में भी ले लिया, लेकिन करीब एक घंटे बाद उसे छोड़ दिया गया। इसे लेकर प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार मलिक ने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।
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पत्नी बदहवास, भाई की शादी पर लगा ग्रहण
कर्मचारी मुनेंद्र के न मिलने से पत्नी बदहवास हैं। मुनेंद्र की जिंदा जलकर मौत हो जाने का दावा करते हुए परिजनों का कहना है कि पत्नी रेखा का रो- रोकर बुरा हाल हो गया है। वह दो- तीन बार बेहोश हुई तो निजी क्लीनिक पर भर्ती कराना पड़ा। मुनेंद्र की दो बेटियों में चार साल की आश्वी तो दो वर्षीय लवी है। भाई गजेंद्र की 28 मई को शादी होनी है, उसकी तैयारियों पर ग्रहण लग गया है।
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मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बिचौला टप्पा जामिनी निवासी मेंथा फैक्टरी कर्मी मुनेंद्र यादव का पता नहीं लगने से उनके परिजन परेशान हैं। हादसे के बाद से फैक्टरी के पास ही डटे ग्रामीणों में भाई पुष्पेंद्र और गजेंद्र ने बताया कि शाम को क्रेन ने फैक्टरी के अंदर से मलबा हटाना शुरू किया तो वह गेट पर इकट्ठे हो गए। उन्हें लगा कि मलबा हटाते समय मुनेंद्र का शव मिल जाएगा। ग्रामीणों ने यह कहते हुए फैक्टरी में घुसने की कोशिश की। वह दमकल कर्मियों का सहयोग करना चाहते थे। भीड़ बढ़ती देख पुलिस कर्मियों ने उन्हें अंदर घुसने से रोक दिया। ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। वह मलबा हटाएंगे तो लोहा गर्म होने की वजह से झुलस भी सकते हैं। हंगामा और कहासुनी के बाद पुलिस ने भीड़ को डंडे फटकार कर खदेड़ दिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मुनेंद्र के रिश्तेदार कोतवाली क्षेत्र के गांव नसरूल्लापुर निवासी जितेंद्र की पीठ में चोट आई है। जितेंद्र को हिरासत में भी ले लिया, लेकिन करीब एक घंटे बाद उसे छोड़ दिया गया। इसे लेकर प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार मलिक ने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है।
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पत्नी बदहवास, भाई की शादी पर लगा ग्रहण
कर्मचारी मुनेंद्र के न मिलने से पत्नी बदहवास हैं। मुनेंद्र की जिंदा जलकर मौत हो जाने का दावा करते हुए परिजनों का कहना है कि पत्नी रेखा का रो- रोकर बुरा हाल हो गया है। वह दो- तीन बार बेहोश हुई तो निजी क्लीनिक पर भर्ती कराना पड़ा। मुनेंद्र की दो बेटियों में चार साल की आश्वी तो दो वर्षीय लवी है। भाई गजेंद्र की 28 मई को शादी होनी है, उसकी तैयारियों पर ग्रहण लग गया है।

भीड़ में से युवक को पकडकर ले जाते पुलिस कर्मी। स्रोत- वीडियो ग्रैब
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