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बदायूं में भी कॉमन सर्विस सेंटर से बनाए गए सैकड़ों फर्जी आयुष्मान कार्ड
सार
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत फर्जी आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जाने के मामले में अब तार बदायूं से जुड़ने लगे हैं।जांच के दायरे में कुछ निजी अस्पताल भी आ गए हैं।सालारपुर ब्लॉक के गांव घेर मढ़ैया निवासी आशा पत्नी किशनवीर समेत 20 फर्जी आयुष्मान कार्ड बदायूं में पकड़ में आ चुके हैं।
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जिला अस्पताल में बंद पड़ा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का केबिन। संवाद
- फोटो : BADAUN
विस्तार
बदायूं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत फर्जी आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जाने के मामले में अब तार बदायूं से जुड़ने लगे हैं। साइबर क्राइम सेल की पड़ताल में पता चला है कि बदायूं में भी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से बड़ी संख्या में फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं।
पिछले महीनों में भोपाल में बदायूं की आईडी से जारी किए गए 150 से ज्यादा फर्जी आयुष्मान कार्ड का मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण व राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने जांच और कार्रवाई का आदेश दिया था। मामले में जांच साइबर क्राइम सेल कर रही है। जांच के दौरान सामने आया कि महिला अस्पताल में तैनात रहे प्रमोद कुमार संत नाम के कर्मचारी की आईडी से यह कार्ड जारी किए गए थे। प्रमोद के नाम से दो आईडी थीं। कार्ड जारी करने में आगरा का एक मोबाइल नंबर प्रयोग किया गया था। साइबर क्राइम सेल ने पिछले दिनों सीएमओ ऑफिस पहुंचकर पूछताछ भी की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 28 संदिग्ध आईडी को ब्लॉक कर दिया था।
अब जांच में सामने आया है कि बदायूं से भी कई आईडी से प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों में आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं। फर्जी कार्ड जारी करने के लिए दो से पांच हजार रुपये तक की वसूली की बात भी सामने आ रही है। फर्जी कार्डों के जरिये एक साल में पांच लाख तक के मुफ्त इलाज में भी खेल हुआ है। जांच के दायरे में कुछ निजी अस्पताल भी आ गए हैं। जिले में अब तक करीब 200 फर्जी आयुष्मान कार्ड ट्रेस हो चुके हैं।
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28 आईडी ब्लॉक किए जाने के बाद भी फर्जीवाड़ा
पिछले दिनों साइबर क्राइम सेल की टीम ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर पूछताछ की थी। पीएम आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक नितिन वर्मा से भी पूछताछ की गई। भोपाल में फर्जी आधार कार्ड पकड़े जाने के बाद तार बदायूं से जुड़े तो यहां स्वास्थ्य विभाग ने 28 आईडी को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद भी जिले में सीएससी से फर्जी कार्ड जारी करने का धंधा चल रहा है। सालारपुर ब्लॉक के गांव घेर मढ़ैया निवासी आशा पत्नी किशनवीर समेत 20 फर्जी आयुष्मान कार्ड बदायूं में पकड़ में आ चुके हैं। यह कार्ड बदायूं से ही जारी किए गए हैं।
पिछले दिनों साइबर क्राइम सेल टीम सीएमओ कार्यालय आई थी। मुझसे जो जानकारियां मांगी गईं, वह मैनें उपलब्ध करा दीं। 28 आईडी भी ब्लॉक की गईं। अब पता चला है कि बदायूं के कई सीएससी भी वसूली कर फर्जी कार्ड जारी कर रहे हैं। करीब 20 फर्जी कार्ड पकड़ में आ चुके हैं, जो बदायूं से ही जारी किए गए हैं। -नितिन वर्मा, जिला समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना
इस मामले में उच्चस्तरीय जांच चल रही है। यह बात सही है कि बदायूं से कड़ियां जुड़ रही हैं। सीएससी को भी आईडी दी गई हैं। वहां से भी कार्ड जारी किए जाते हैं। कई आईडी ब्लॉक की गई हैं। फर्जी आयुष्मान कार्ड बदायूं के कुछ सीएससी से जारी किए जाने का मामला भी संज्ञान में आया है। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय सीएमओ
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पिछले महीनों में भोपाल में बदायूं की आईडी से जारी किए गए 150 से ज्यादा फर्जी आयुष्मान कार्ड का मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण व राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने जांच और कार्रवाई का आदेश दिया था। मामले में जांच साइबर क्राइम सेल कर रही है। जांच के दौरान सामने आया कि महिला अस्पताल में तैनात रहे प्रमोद कुमार संत नाम के कर्मचारी की आईडी से यह कार्ड जारी किए गए थे। प्रमोद के नाम से दो आईडी थीं। कार्ड जारी करने में आगरा का एक मोबाइल नंबर प्रयोग किया गया था। साइबर क्राइम सेल ने पिछले दिनों सीएमओ ऑफिस पहुंचकर पूछताछ भी की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 28 संदिग्ध आईडी को ब्लॉक कर दिया था।
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अब जांच में सामने आया है कि बदायूं से भी कई आईडी से प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों में आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं। फर्जी कार्ड जारी करने के लिए दो से पांच हजार रुपये तक की वसूली की बात भी सामने आ रही है। फर्जी कार्डों के जरिये एक साल में पांच लाख तक के मुफ्त इलाज में भी खेल हुआ है। जांच के दायरे में कुछ निजी अस्पताल भी आ गए हैं। जिले में अब तक करीब 200 फर्जी आयुष्मान कार्ड ट्रेस हो चुके हैं।
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28 आईडी ब्लॉक किए जाने के बाद भी फर्जीवाड़ा
पिछले दिनों साइबर क्राइम सेल की टीम ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर पूछताछ की थी। पीएम आयुष्मान योजना के जिला समन्वयक नितिन वर्मा से भी पूछताछ की गई। भोपाल में फर्जी आधार कार्ड पकड़े जाने के बाद तार बदायूं से जुड़े तो यहां स्वास्थ्य विभाग ने 28 आईडी को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद भी जिले में सीएससी से फर्जी कार्ड जारी करने का धंधा चल रहा है। सालारपुर ब्लॉक के गांव घेर मढ़ैया निवासी आशा पत्नी किशनवीर समेत 20 फर्जी आयुष्मान कार्ड बदायूं में पकड़ में आ चुके हैं। यह कार्ड बदायूं से ही जारी किए गए हैं।
पिछले दिनों साइबर क्राइम सेल टीम सीएमओ कार्यालय आई थी। मुझसे जो जानकारियां मांगी गईं, वह मैनें उपलब्ध करा दीं। 28 आईडी भी ब्लॉक की गईं। अब पता चला है कि बदायूं के कई सीएससी भी वसूली कर फर्जी कार्ड जारी कर रहे हैं। करीब 20 फर्जी कार्ड पकड़ में आ चुके हैं, जो बदायूं से ही जारी किए गए हैं। -नितिन वर्मा, जिला समन्वयक, आयुष्मान भारत योजना
इस मामले में उच्चस्तरीय जांच चल रही है। यह बात सही है कि बदायूं से कड़ियां जुड़ रही हैं। सीएससी को भी आईडी दी गई हैं। वहां से भी कार्ड जारी किए जाते हैं। कई आईडी ब्लॉक की गई हैं। फर्जी आयुष्मान कार्ड बदायूं के कुछ सीएससी से जारी किए जाने का मामला भी संज्ञान में आया है। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय सीएमओ