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ग्रामीणों से पूछे जाएंगे क्रासिंग नहीं बंद करने के कारण
badaun
Updated Sat, 24 Jan 2015 07:17 PM IST
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बिनावर क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव की मानवरहित क्रासिंग पर एक सप्ताह के अंदर वार्ता की जाएगी। जिला प्रशासन और रेल अफसर इस समस्या का हल निकालने पर मंथन करेंगे। इसमें गांव के जिम्मेदार लोगों को भी शामिल किया जाएगा ताकि समस्या समाधान के बाद कोई विवाद न हो। गांव वालों से पूछा गया है कि क्या-क्या समस्याएं हैं। बातचीत में उन्हीं बिंदुओं को शामिल किया जाएगा।
ब्राडगेज लाइन पर हाईस्पीड ट्रेन दौड़ाने के लिए कई क्रासिंग को रेलवे बंद कर रहा है। इसी क्रम में मोहम्मदपुर की मानवरहित क्रासिंग बंद होनी है जो अफसरों के लिए गले की हड्डी बन गई है। मोहम्मदपुर के अलावा दर्जन भर गांव के लोगों का कहना है कि क्रासिंग बंद होने से उनको लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। ग्रामीण पिछले एक सप्ताह से यहां पटरी घेरकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसे देखते हुए जिला व रेल प्रशासन इस विवाद को खत्म करने के लिए मंथन करने पर विचार बनाया है। पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ राजेंद्र सिंह बताते हैं कि मानवरहित क्रासिंग को लेकर चल रहे विवाद पर संभवत: 28 जनवरी को जिला प्रशासन के साथ वार्ता हो सकती है। ग्रामीणों और प्रशासन से सहयोग मांगते हुए हल निकाला जाएगा। इसमें जिम्मेदार गांव वाले भी शामिल होंगे। वहीं एसडीएम सदर प्रदीप यादव ने बताया कि रेल अफसरों से एक सप्ताह के अंदर वार्ता करने की बात हुई है। इससे पूर्व गांव वालों से उनकी समस्याओं पर बिंदु तैयार करने के लिए कहा गया है। जिसे जो परेशानी है वह वार्ता के दौरान रख सकता है।
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ब्राडगेज लाइन पर हाईस्पीड ट्रेन दौड़ाने के लिए कई क्रासिंग को रेलवे बंद कर रहा है। इसी क्रम में मोहम्मदपुर की मानवरहित क्रासिंग बंद होनी है जो अफसरों के लिए गले की हड्डी बन गई है। मोहम्मदपुर के अलावा दर्जन भर गांव के लोगों का कहना है कि क्रासिंग बंद होने से उनको लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। ग्रामीण पिछले एक सप्ताह से यहां पटरी घेरकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
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इसे देखते हुए जिला व रेल प्रशासन इस विवाद को खत्म करने के लिए मंथन करने पर विचार बनाया है। पूर्वोत्तर रेलवे के पीआरओ राजेंद्र सिंह बताते हैं कि मानवरहित क्रासिंग को लेकर चल रहे विवाद पर संभवत: 28 जनवरी को जिला प्रशासन के साथ वार्ता हो सकती है। ग्रामीणों और प्रशासन से सहयोग मांगते हुए हल निकाला जाएगा। इसमें जिम्मेदार गांव वाले भी शामिल होंगे। वहीं एसडीएम सदर प्रदीप यादव ने बताया कि रेल अफसरों से एक सप्ताह के अंदर वार्ता करने की बात हुई है। इससे पूर्व गांव वालों से उनकी समस्याओं पर बिंदु तैयार करने के लिए कहा गया है। जिसे जो परेशानी है वह वार्ता के दौरान रख सकता है।
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