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Budaun News: गंभीर दिव्यांग बच्चों के लिए होम बेस्ड एजुकेशन शुरू
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बदायूं। जिले में स्कूल जाने से वंचित गंभीर दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काम चल रहा है। अब ऐसे बच्चों के लिए उनका घर ही पाठशाला बनेगा। विभाग की ओर से चिह्नित बच्चों को होम बेस्ड एजुकेशन के तहत घर पर ही पढ़ाया जाएगा।
जिले में कुल चार हजार से अधिक दिव्यांग बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 240 बच्चे ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जो गंभीर रूप से बहु-दिव्यांग हैं और शारीरिक या मानसिक स्थिति के कारण स्कूल आने-जाने में असमर्थ हैं। इन्हीं बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर होम बेस्ड शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
विभाग की ओर से इन बच्चों को अध्ययन सामग्री से संबंधित विशेष किट वितरित कर दी गई है। शासन स्तर पर दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत पहले से ही स्टाइपेंड, एस्कॉर्ट योजना, सहायक उपकरण वितरण और विशेष प्रशिक्षण जैसी योजनाएं संचालित हैं।
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बावजूद इसके जो बच्चे गंभीर दिव्यांगता के कारण विद्यालय तक नहीं पहुंच पा रहे थे, उन्हें अब घर पर ही शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। उनको घर पर ही पढ़ाई से संबंधित किट मुहैया कराई जाएगी। वहीं विशेष शिक्षकाें की ओर से बच्चों को पढ़ाई भी कराई जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन सामग्रियों के माध्यम से बच्चों की बौद्धिक, मानसिक और व्यावहारिक क्षमता का विकास किया जाएगा।
शैक्षिक किट में यह सामग्री मिलेगी
गंभीर रूप से बहु-दिव्यांग बच्चों को होम बेस्ड एजुकेशन के तहत विशेष शैक्षिक किट दी गई है। इस किट में वुडेन और प्लास्टिक के विभिन्न मॉडल, हिंदी और अंग्रेजी के अल्फाबेट व नंबर पजल, आकृतियों के सेट, शरीर के अंगों, फल-सब्जियों और यातायात साधनों के चार्ट शामिल हैं। इसके अलावा पेग बोर्ड, म्यूजिकल इक्विपमेंट, किचन और डॉक्टर सेट, पिक्टोरियल चार्ट, पशु-पक्षियों के चार्ट, काउंटिंग फ्रेम, स्टैकिंग टॉयज, रैटल और लाइट प्रोड्यूसिंग खिलौने भी दिए गए हैं।
दिव्यांग बच्चों को मुख्य धारा में लाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत उनको शिक्षा मुहैया कराई जा रही है। इसके तहत ही गंभीर दिव्यांग बच्चों को होम बेस्ड एजुकेशन किट मुहैया कराई जा रही है। -जितेंद्र सिंह, जिला समन्वयक, समेकित शिक्षा
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जिले में कुल चार हजार से अधिक दिव्यांग बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से 240 बच्चे ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जो गंभीर रूप से बहु-दिव्यांग हैं और शारीरिक या मानसिक स्थिति के कारण स्कूल आने-जाने में असमर्थ हैं। इन्हीं बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर होम बेस्ड शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
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विभाग की ओर से इन बच्चों को अध्ययन सामग्री से संबंधित विशेष किट वितरित कर दी गई है। शासन स्तर पर दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत पहले से ही स्टाइपेंड, एस्कॉर्ट योजना, सहायक उपकरण वितरण और विशेष प्रशिक्षण जैसी योजनाएं संचालित हैं।
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बावजूद इसके जो बच्चे गंभीर दिव्यांगता के कारण विद्यालय तक नहीं पहुंच पा रहे थे, उन्हें अब घर पर ही शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। उनको घर पर ही पढ़ाई से संबंधित किट मुहैया कराई जाएगी। वहीं विशेष शिक्षकाें की ओर से बच्चों को पढ़ाई भी कराई जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन सामग्रियों के माध्यम से बच्चों की बौद्धिक, मानसिक और व्यावहारिक क्षमता का विकास किया जाएगा।
शैक्षिक किट में यह सामग्री मिलेगी
गंभीर रूप से बहु-दिव्यांग बच्चों को होम बेस्ड एजुकेशन के तहत विशेष शैक्षिक किट दी गई है। इस किट में वुडेन और प्लास्टिक के विभिन्न मॉडल, हिंदी और अंग्रेजी के अल्फाबेट व नंबर पजल, आकृतियों के सेट, शरीर के अंगों, फल-सब्जियों और यातायात साधनों के चार्ट शामिल हैं। इसके अलावा पेग बोर्ड, म्यूजिकल इक्विपमेंट, किचन और डॉक्टर सेट, पिक्टोरियल चार्ट, पशु-पक्षियों के चार्ट, काउंटिंग फ्रेम, स्टैकिंग टॉयज, रैटल और लाइट प्रोड्यूसिंग खिलौने भी दिए गए हैं।
दिव्यांग बच्चों को मुख्य धारा में लाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत उनको शिक्षा मुहैया कराई जा रही है। इसके तहत ही गंभीर दिव्यांग बच्चों को होम बेस्ड एजुकेशन किट मुहैया कराई जा रही है। -जितेंद्र सिंह, जिला समन्वयक, समेकित शिक्षा