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फागुनी रंग में रंगा बाजार
बदायूं।
Updated Thu, 05 Mar 2015 12:11 AM IST
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होली के एक दिन पहले बाजारों में खूब रौनक दिखी। पूरा बाजार होली के रंग में सराबोर नजर आया। चारों तरफ खरीददारों का हुजूम नजर आ रहा था। हर दुकान पर ग्राहकों की भीड़ थी। बच्चे, बूढ़े और महिला हर आयु वर्ग के ग्राहक बाजार में दिखे। खाने, पहनने और रंगने के सामान पर ग्राहकों की नजरें थीं। भीड़ के कारण कहीं-कहीं तो ग्राहकों को चीख-चीखकर सामान मांगना पड़ रहा था। ग्राहकों की भीड़ देख दुकानदार भी गदगद दिखे। पिचकारियों की दुकानों पर बच्चों का कोलाहल था। फुटपाथी दुकानदार भी आवाजें लगाकर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे थे।
खूब हुई रंग-गुलाल और पिचकारियों बिक्री
बाजार में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खूब बिक्री हुई। चाइनीज पिचकारियां इस बार भी बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहीं। पिचकारियों के साथ मुखौटे और कलर क्लीनर भी बिके। खुशबू वाले गुलाल की बिक्री जमकर हुई। गीले रंग और गुब्बारे भी बिके। छोटे बच्चों के लिए खिलौनों में पिचकारियां थीं तो एके 47, बजूका, स्टार्ट गन के अलावा रंग ग्रेनेड भी बच्चों को आकर्षित करते रहे।
रेडीमेड कपड़े और जूता बाजार में भीड़
शहर के बाजार जहां खचाखच भरे रहे, वहीं रेडिमेड कपड़ों के शो रूम ही नहीं शू-कार्नर पर लोगों की भीड़ बनी रही। बच्चों के कपड़े खूब बिके। यहां दिल्ली के सूट और लखनऊ के चिकन के कुर्ते खूब बिके। महिलाओं में बनारसी साड़ी का क्रेज दिखा। युवाओं ने स्टाइलिश कपड़े खरीदे। छपी हुई टी शर्ट अधिक बिकीं।
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जमकर बिकी गुझिया, कचरी-पापड़, नमकीन
होली के पकवान विशेष में शामिल गुझिया घरों पर तो बनती ही हैं, लेकिन हलवाइयों की दुकानों पर बनी खास गुझियों की जमकर बिक्री हुई। इसके अलावा रंग बिरंगी कचरी-पापड़, चिप्स और नमकीन की धुआंधार बिक्री हुई। मिठाईयां भी बिकीं। इसके साथ मिश्री, सौंफ, इलायची, गोलाकस, मेवा आदि भी खरीदने वालों को दुकानों पर तांता लगा रहा।
रीमिक्स गाने खूब हुए डाउनलोड
होली आए तो हुड़दंग बगैर मजा नहीं आता। हुड़दंगियों ने इसके लिए फिल्मी, ब्रज गीत और लोकगीतों की सीडी खरीदीं। इलेक्ट्रानिक म्यूजिक सिस्टम भी बिके। म्यूजिकल सिस्टम की दुकानों पर गाने बजा-बजाकर लोगों को आकर्षित किया जा रहा था। वहीं तमाम युवा मोबाइल चिप में रीमिक्स गानों को डाउनलोड कराने दुकानों पर पहुंचे।
घातक रंगों की गुपचुप बिक्री
बदायूं। होली के बाजार में जहां अखाद्य पदार्थों के नमूने भरे जा रहे थे, वहीं बाजार में ऐसे घातक रंग भी बेचे जा रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। दुकानदार इनकी गुपचुप बिक्री कर हैं। एक ऐसा रंगीन कैप्सूल है, जो बाल्टी भर पानी को गाड़े रंग में तब्दील कर देगा। तमाम तरह के स्प्रे, रंगों में अलग प्रकार की मिलावट भी बिक रही है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है। चेहरे रंगने को सिल्वर और गोल्डन कलर भी बेचा जा रहा है जिसमें असहनीय गंध आ रही है। जिला प्रशासन और पुलिस ने इस प्रकार के रंगों पर कोई निगरानी नहीं बैठाई है।
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खूब हुई रंग-गुलाल और पिचकारियों बिक्री
बाजार में रंग-गुलाल और पिचकारियों की खूब बिक्री हुई। चाइनीज पिचकारियां इस बार भी बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहीं। पिचकारियों के साथ मुखौटे और कलर क्लीनर भी बिके। खुशबू वाले गुलाल की बिक्री जमकर हुई। गीले रंग और गुब्बारे भी बिके। छोटे बच्चों के लिए खिलौनों में पिचकारियां थीं तो एके 47, बजूका, स्टार्ट गन के अलावा रंग ग्रेनेड भी बच्चों को आकर्षित करते रहे।
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रेडीमेड कपड़े और जूता बाजार में भीड़
शहर के बाजार जहां खचाखच भरे रहे, वहीं रेडिमेड कपड़ों के शो रूम ही नहीं शू-कार्नर पर लोगों की भीड़ बनी रही। बच्चों के कपड़े खूब बिके। यहां दिल्ली के सूट और लखनऊ के चिकन के कुर्ते खूब बिके। महिलाओं में बनारसी साड़ी का क्रेज दिखा। युवाओं ने स्टाइलिश कपड़े खरीदे। छपी हुई टी शर्ट अधिक बिकीं।
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जमकर बिकी गुझिया, कचरी-पापड़, नमकीन
होली के पकवान विशेष में शामिल गुझिया घरों पर तो बनती ही हैं, लेकिन हलवाइयों की दुकानों पर बनी खास गुझियों की जमकर बिक्री हुई। इसके अलावा रंग बिरंगी कचरी-पापड़, चिप्स और नमकीन की धुआंधार बिक्री हुई। मिठाईयां भी बिकीं। इसके साथ मिश्री, सौंफ, इलायची, गोलाकस, मेवा आदि भी खरीदने वालों को दुकानों पर तांता लगा रहा।
रीमिक्स गाने खूब हुए डाउनलोड
होली आए तो हुड़दंग बगैर मजा नहीं आता। हुड़दंगियों ने इसके लिए फिल्मी, ब्रज गीत और लोकगीतों की सीडी खरीदीं। इलेक्ट्रानिक म्यूजिक सिस्टम भी बिके। म्यूजिकल सिस्टम की दुकानों पर गाने बजा-बजाकर लोगों को आकर्षित किया जा रहा था। वहीं तमाम युवा मोबाइल चिप में रीमिक्स गानों को डाउनलोड कराने दुकानों पर पहुंचे।
घातक रंगों की गुपचुप बिक्री
बदायूं। होली के बाजार में जहां अखाद्य पदार्थों के नमूने भरे जा रहे थे, वहीं बाजार में ऐसे घातक रंग भी बेचे जा रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। दुकानदार इनकी गुपचुप बिक्री कर हैं। एक ऐसा रंगीन कैप्सूल है, जो बाल्टी भर पानी को गाड़े रंग में तब्दील कर देगा। तमाम तरह के स्प्रे, रंगों में अलग प्रकार की मिलावट भी बिक रही है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है। चेहरे रंगने को सिल्वर और गोल्डन कलर भी बेचा जा रहा है जिसमें असहनीय गंध आ रही है। जिला प्रशासन और पुलिस ने इस प्रकार के रंगों पर कोई निगरानी नहीं बैठाई है।