{"_id":"675f1d920d43535eb30c7fab","slug":"health-fair-somewhere-there-is-no-x-ray-and-somewhere-there-is-no-sugar-test-badaun-news-c-123-1-sbly1018-131069-2024-12-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरोग्य मेला : कहीं एक्सरे तो कहीं शुगर की जांच तक नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरोग्य मेला : कहीं एक्सरे तो कहीं शुगर की जांच तक नहीं
विज्ञापन
रिसौली पीएचसी पर मरीज दवा लेते हुए। संवाद
बदायूं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए रविवार को जन आरोग्य मेले में इलाज के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जिले में आरोग्य मेले में आए 2656 मरीजों में 1824 मरीज बुखार के थे। मेले में शुगर की जांच नहीं हो सकी।
आरोग्य मेला में सीएमओ की सख्ती का असर देखने को मिला। रविवार सुबह दस बजे से 12 बजे तक जिले के 48 नवीन स्वास्थ्य केंद्रों डॉक्टर समय से पहुंचे। सतेती में शुगर की जांच नहीं होती मिली तो मरीजों को लौटना पड़ा।
दस मलेरिया के मरीजों की हुई जांच, संक्रमित नहीं
रिसौली। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिसौली में डाॅ.अपूर्व राना ने दो बजे तक 35 मरीजों को देखकर दवा लिखी। फार्मासिस्ट शशिकांत मौर्य ने दवा वितरण की। एलटी ओमेंद्र यादव ने 10 मलेरिया व आठ टाइफाइड की जांच की। वार्डबॉय मदनपाल ने दो मरीजों की ड्रेसिंग की। ओपीडी की बिल्डिंग में लाइट फिटिंग व सबमर्सिबल सही कराकर पेयजल आपूर्ति सुचारू कराई। संवाद
विज्ञापन
शुगर की जांच नहीं, लौटे मरीज
बिल्सी। क्षेत्र के गांव सतेती स्थित पीएचसी पर दो बजे तक 10 मरीज देखे गए, जिनमें सर्दी, बुखार, खांसी आदि के मरीज आए। यहां पर डॉ. पवन कुमार गंगवार द्वारा मरीज देखे गए। शुगर की जांच नहीं हो सकी। जिससे मरीजों को दवा से ही संतोष करना पड़ा। जांच को लौटना पड़ा।
मरीजों को नहीं मिली एक्स-रे की सुविधा
कछला। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कछला पर 12 बजे तक 41 मरीजों ने पर्चा बनवाकर दवा ली। एमओआईसी डॉ. महेश प्रताप ने उपचार किया। स्वास्थ्य केंद्र पर एक्सरे की सुविधा नहीं है। जांच के नाम पर केवल मलेरिया और गर्भवती महिलाओं की एचआईबी व टीबी की जांच की जा रही थी। 40 गांव के लोगों का एक मात्र पीएचसी ही सहारा है। वहीं अलापुर में न्यू पीएचसी पर जांच की व्यवस्था मिली। लेकिन एक्सरे की सुविधा नहीं है जिससे मरीजों को करीब 15 किलोमीटर बदायूं जाना पड़ता है। डॉक्टर आरपी सिंह ने बताया कि 12 बजे तक 35 मरीजों ने दवा ली है। डॉक्टर समय से मेले में पहुंचे जिससे मरीजों ने राहत की सांस ली। संवाद
सभी एमओआईसी को पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि मेले में जिसकी ड्यूटी लगाई जाए उसको फॉलो करके रिपोर्ट देनी है। रिपोर्ट में सामने आया है कि मेलों में डॉक्टर व कर्मचारी समय से पहुंचे और मरीजों की जांच के साथ ही दवा दी। -डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
विज्ञापन
आरोग्य मेला में सीएमओ की सख्ती का असर देखने को मिला। रविवार सुबह दस बजे से 12 बजे तक जिले के 48 नवीन स्वास्थ्य केंद्रों डॉक्टर समय से पहुंचे। सतेती में शुगर की जांच नहीं होती मिली तो मरीजों को लौटना पड़ा।
विज्ञापन
दस मलेरिया के मरीजों की हुई जांच, संक्रमित नहीं
रिसौली। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिसौली में डाॅ.अपूर्व राना ने दो बजे तक 35 मरीजों को देखकर दवा लिखी। फार्मासिस्ट शशिकांत मौर्य ने दवा वितरण की। एलटी ओमेंद्र यादव ने 10 मलेरिया व आठ टाइफाइड की जांच की। वार्डबॉय मदनपाल ने दो मरीजों की ड्रेसिंग की। ओपीडी की बिल्डिंग में लाइट फिटिंग व सबमर्सिबल सही कराकर पेयजल आपूर्ति सुचारू कराई। संवाद
विज्ञापन
शुगर की जांच नहीं, लौटे मरीज
बिल्सी। क्षेत्र के गांव सतेती स्थित पीएचसी पर दो बजे तक 10 मरीज देखे गए, जिनमें सर्दी, बुखार, खांसी आदि के मरीज आए। यहां पर डॉ. पवन कुमार गंगवार द्वारा मरीज देखे गए। शुगर की जांच नहीं हो सकी। जिससे मरीजों को दवा से ही संतोष करना पड़ा। जांच को लौटना पड़ा।
मरीजों को नहीं मिली एक्स-रे की सुविधा
कछला। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कछला पर 12 बजे तक 41 मरीजों ने पर्चा बनवाकर दवा ली। एमओआईसी डॉ. महेश प्रताप ने उपचार किया। स्वास्थ्य केंद्र पर एक्सरे की सुविधा नहीं है। जांच के नाम पर केवल मलेरिया और गर्भवती महिलाओं की एचआईबी व टीबी की जांच की जा रही थी। 40 गांव के लोगों का एक मात्र पीएचसी ही सहारा है। वहीं अलापुर में न्यू पीएचसी पर जांच की व्यवस्था मिली। लेकिन एक्सरे की सुविधा नहीं है जिससे मरीजों को करीब 15 किलोमीटर बदायूं जाना पड़ता है। डॉक्टर आरपी सिंह ने बताया कि 12 बजे तक 35 मरीजों ने दवा ली है। डॉक्टर समय से मेले में पहुंचे जिससे मरीजों ने राहत की सांस ली। संवाद
सभी एमओआईसी को पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि मेले में जिसकी ड्यूटी लगाई जाए उसको फॉलो करके रिपोर्ट देनी है। रिपोर्ट में सामने आया है कि मेलों में डॉक्टर व कर्मचारी समय से पहुंचे और मरीजों की जांच के साथ ही दवा दी। -डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ

रिसौली पीएचसी पर मरीज दवा लेते हुए। संवाद

रिसौली पीएचसी पर मरीज दवा लेते हुए। संवाद