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कहीं डिप्टी सीएम न आ जाएं अस्पताल...अफसरों ने लगाई दौड़, मरीजों का लिया हाल
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मुख्य दवा स्टोर में दवाओं का रिकार्ड जांचतीं डीएम दीपा रंजन। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बदायूं आने का कार्यक्रम तय हुआ तो स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सरकारी अस्पतालों की तरफ दौड़ लगा दी। कभी मरीजों की सुध न लेने वाले अफसर उनका हालचाल लेने दौड़ पड़े। डीएम दीपा रंजन ने सीडीओ ऋषिराज और सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेश कुमार के साथ जिला अस्पताल में स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं को परखा तो जिले भर में एसडीएम, तहसीलदार स्तर के अधिकारियों ने भी सीएचसी-पीएचसी का निरीक्षण किया। अधिकारी बुधवार को पूरा दिन सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने में लगे रहे।
जिले में स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं का हाल किसी से छिपा नहीं है। जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। संक्रामक रोगों की दृष्टि से संवेदनशील जिले में प्रशासनिक अधिकारी सरकारी अस्पतालों का हाल जानने को निकलते ही नहीं। शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं होती, यहां भर्ती मरीजों की तो कौन ही पूछे। मेडिकल कॉलेज तक रेफरल यूनिट के रूप में काम कर रहा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के पास स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग हैं। वह इन दिनों जिलों के भ्रमण पर निकले हैं।
बृहस्पतिवार को उनका बदायूं आना तय है। वह सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का स्थलीय सत्यापन करेंगे। इस दौरान वह सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति भी जान सकते हैं। ऐसे में डिप्टी सीएम को सब कुछ चाकचौबंद दिखाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी बुधवार को पूरा दिन जुटे रहे। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने भी बुधवार को कई सीएचसी का दौरा किया।
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गौर करने की बात यह है कि आम दिनों में जहां सरकारी अस्पतालों में बदहाल चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की ओर प्रशासनकि अधिकारियों की नजर नहीं जाती तो वहीं डिप्टी सीएम के दौरे से एक दिन पहले डीएम दीपा रंजन, सीडीओ ऋषिराज, सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेश कुमार के अलावा जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों ने भी अपने-अपने यहां सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।
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दो घंटे जिला अस्पताल में रहीं डीएम, हर पटल पर की पड़ताल
डीएम दीपा रंजन, सीडीओ ऋषिराज, सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेश कुमार करीब दो घंटे तक जिला अस्पताल में रहे। इस दौरान यहां लगभग सभी विभागों में बारीकी से पड़ताल की। दवा स्टोर में दवाओं की उपलब्धता और लोकल पर्चेंज के बारे में जाना। ओपीडी में रोगियों से बात की और डॉक्टरों की उपस्थिति को जाना।
बुधवार को डीएम की मौजूदगी के समय रेडियोलॉजी विभाग में अव्यवस्थाएं दिखीं। उन्होंने सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम को निर्देश दिए कि इस तरह से बेतरतीब भीड़ नहीं होनी चाहिए। रोगियों को बैठने के लिए बेंच आदि की व्यवस्था न होने पर भी नाराजगी जताई। रेडियोलॉजी विभाग में रोज होने वाले एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली।
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फोटो- 07बीडीएनबीएसएलवाई001
आसफपुर सीएचसी पर प्रभारी समेत नौ कर्मचारी मिले नदारद
बिसौली। एसडीएम ज्योति शर्मा ने बुधवार को नायब तहसीलदार अजहर अली के साथ सीएचसी आसफपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनको यहां सीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज शर्मा समेत नौ कर्मचारी नदारद मिले। ओपीडी समेत अन्य पटलों पर अव्यवस्थाएं मिलीं।
एसडीएम ने यहां जननी सुरक्षा योजना के संबंध में जानकारी जुटाई। जेनरिक दवाओं की उपलब्धता के बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। यह भी पता लगा कि यहां प्रसूताओं को भोजन नहीं दिया जा रहा। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले सीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. राजेश भाटी, डॉ. नाजिमा आजाद, स्टाफ नर्स पूसा थामस, किरन देवी, क्रांति देवी, फिजियोथेरेपिस्ट मेहरुल निशां, डीसीपीएमएल सत्यपाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी एसडीएम ने दिए। संवाद
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म्याऊं में चिकित्साधिकारी समेत छह कर्मचारी नदारद मिले
म्याऊं। एसडीएम दातागंज रामशिरोमणि ने बुधवार को म्याऊं सीएचसी का औचक निरीक्षण किया तो उनको यहां तमाम अव्यवस्थाएं मिलीं। चिकित्साधिकारी सुशांत बनर्जी समेत छह कर्मचारी भी ड्यूटी से नदारद मिले। एसडीएम को सीएचसी पर गंदगी के साथ अव्यवस्थाएं भी मिलीं, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उपस्थिति रजिस्टर जांचा तो पता लगा कि चिकित्साधिकारी डॉ. सुशांत बनर्जी समेत कर्मचारी बृजेश राठौर, अवनीश राठौर, होशियार मियां ड्यूटी से नदारद हैं। एसडीएम ने इनके संबंध में रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। संवाद
वजीरगंज : अस्पताल में गंदगी देखकर जताई नाराजगी
वजीरगंज। नायब तहसीलदार अजहर अंसारी ने बुधवार को सीएचसी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अस्पताल परिसर में गंदगी देखकर नाराजगी जाहिर की तो वहीं परिसर में ही राजकीय यूनानी चिकित्सालय पर ताला जड़ा होने पर भी नाराज हुए।
उन्होंने चिकित्सा प्रभारी डॉ. विपिन वर्मा को परिसर में साफ सफाई रखने के निर्देश दिए। डॉ. वर्मा ने बताया कि अस्पताल में मात्र एक ही सफाई कर्मचारी है, जिससे पूरे परिसर की नियमित सफाई नही हो पाती है। इस मौके पर डॉ. राजकुमार, विमल वार्ष्णेय सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा। संवाद
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जिले में स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं का हाल किसी से छिपा नहीं है। जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। संक्रामक रोगों की दृष्टि से संवेदनशील जिले में प्रशासनिक अधिकारी सरकारी अस्पतालों का हाल जानने को निकलते ही नहीं। शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं होती, यहां भर्ती मरीजों की तो कौन ही पूछे। मेडिकल कॉलेज तक रेफरल यूनिट के रूप में काम कर रहा है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के पास स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा विभाग हैं। वह इन दिनों जिलों के भ्रमण पर निकले हैं।
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बृहस्पतिवार को उनका बदायूं आना तय है। वह सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का स्थलीय सत्यापन करेंगे। इस दौरान वह सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति भी जान सकते हैं। ऐसे में डिप्टी सीएम को सब कुछ चाकचौबंद दिखाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी बुधवार को पूरा दिन जुटे रहे। सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने भी बुधवार को कई सीएचसी का दौरा किया।
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गौर करने की बात यह है कि आम दिनों में जहां सरकारी अस्पतालों में बदहाल चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की ओर प्रशासनकि अधिकारियों की नजर नहीं जाती तो वहीं डिप्टी सीएम के दौरे से एक दिन पहले डीएम दीपा रंजन, सीडीओ ऋषिराज, सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेश कुमार के अलावा जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों ने भी अपने-अपने यहां सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।
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दो घंटे जिला अस्पताल में रहीं डीएम, हर पटल पर की पड़ताल
डीएम दीपा रंजन, सीडीओ ऋषिराज, सिटी मजिस्ट्रेट ब्रजेश कुमार करीब दो घंटे तक जिला अस्पताल में रहे। इस दौरान यहां लगभग सभी विभागों में बारीकी से पड़ताल की। दवा स्टोर में दवाओं की उपलब्धता और लोकल पर्चेंज के बारे में जाना। ओपीडी में रोगियों से बात की और डॉक्टरों की उपस्थिति को जाना।
बुधवार को डीएम की मौजूदगी के समय रेडियोलॉजी विभाग में अव्यवस्थाएं दिखीं। उन्होंने सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम को निर्देश दिए कि इस तरह से बेतरतीब भीड़ नहीं होनी चाहिए। रोगियों को बैठने के लिए बेंच आदि की व्यवस्था न होने पर भी नाराजगी जताई। रेडियोलॉजी विभाग में रोज होने वाले एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली।
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फोटो- 07बीडीएनबीएसएलवाई001
आसफपुर सीएचसी पर प्रभारी समेत नौ कर्मचारी मिले नदारद
बिसौली। एसडीएम ज्योति शर्मा ने बुधवार को नायब तहसीलदार अजहर अली के साथ सीएचसी आसफपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनको यहां सीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज शर्मा समेत नौ कर्मचारी नदारद मिले। ओपीडी समेत अन्य पटलों पर अव्यवस्थाएं मिलीं।
एसडीएम ने यहां जननी सुरक्षा योजना के संबंध में जानकारी जुटाई। जेनरिक दवाओं की उपलब्धता के बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। यह भी पता लगा कि यहां प्रसूताओं को भोजन नहीं दिया जा रहा। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले सीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. राजेश भाटी, डॉ. नाजिमा आजाद, स्टाफ नर्स पूसा थामस, किरन देवी, क्रांति देवी, फिजियोथेरेपिस्ट मेहरुल निशां, डीसीपीएमएल सत्यपाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी एसडीएम ने दिए। संवाद
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म्याऊं में चिकित्साधिकारी समेत छह कर्मचारी नदारद मिले
म्याऊं। एसडीएम दातागंज रामशिरोमणि ने बुधवार को म्याऊं सीएचसी का औचक निरीक्षण किया तो उनको यहां तमाम अव्यवस्थाएं मिलीं। चिकित्साधिकारी सुशांत बनर्जी समेत छह कर्मचारी भी ड्यूटी से नदारद मिले। एसडीएम को सीएचसी पर गंदगी के साथ अव्यवस्थाएं भी मिलीं, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उपस्थिति रजिस्टर जांचा तो पता लगा कि चिकित्साधिकारी डॉ. सुशांत बनर्जी समेत कर्मचारी बृजेश राठौर, अवनीश राठौर, होशियार मियां ड्यूटी से नदारद हैं। एसडीएम ने इनके संबंध में रिपोर्ट डीएम को भेज दी है। संवाद
वजीरगंज : अस्पताल में गंदगी देखकर जताई नाराजगी
वजीरगंज। नायब तहसीलदार अजहर अंसारी ने बुधवार को सीएचसी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अस्पताल परिसर में गंदगी देखकर नाराजगी जाहिर की तो वहीं परिसर में ही राजकीय यूनानी चिकित्सालय पर ताला जड़ा होने पर भी नाराज हुए।
उन्होंने चिकित्सा प्रभारी डॉ. विपिन वर्मा को परिसर में साफ सफाई रखने के निर्देश दिए। डॉ. वर्मा ने बताया कि अस्पताल में मात्र एक ही सफाई कर्मचारी है, जिससे पूरे परिसर की नियमित सफाई नही हो पाती है। इस मौके पर डॉ. राजकुमार, विमल वार्ष्णेय सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा। संवाद