{"_id":"62ffd97251c35777c33e76d1","slug":"health-badaun-news-bly4948672145","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ प्रभावित इलाकों में पांव पसारने लगे संक्रामक रोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ प्रभावित इलाकों में पांव पसारने लगे संक्रामक रोग
विज्ञापन
दातागंज तहसील के गांव जटा में भरा बाढ़ का पानी। फाइल
- फोटो : BADAUN
बदायूं। संक्रामक रोगों के साथ मच्छर और जलजनित बीमारियों के लिहाज से जिले में जगत, म्याऊं, समरेर, वजीरगंज, उझानी, दातागंज, सालारपुर ब्लॉक के बड़ी संख्या में गांव संवेदनशील हैं। इन ब्लॉक के कई गांवों में इन दिनों वायरल फीवर का व्यापक प्रकोप है। दूसरी ओर सहसवान और दातागंज तहसील क्षेत्र के 20 से ज्यादा ऐसे गांव हैं जो हर वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलने के बाद संक्रामक रोगों के प्रकोप का भी सामना करते हैं। इन गांवों में संक्रामक रोग दस्तक देने लगे हैं। इसके बाद भी इन गांवों की ओर स्वास्थ्य विभाग का ध्यान नहीं है।
पिछले करीब एक महीने से गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव आ रहा है। कई बार जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी तक ऊपर पहुंच चुका है। दातागंज तहसील के अहमद नगर बछौरा, असमया रफतपुर, रैपुरा, जटा, कमलैयापुर, दियूरी नगला, ठकुरी नगला, बेहटरी, भखरी, चेतराम नगला और सहसवान तहसील के टोटपुर करसरी, भकरौलिया, परशुराम नगला, नगला वीरसहाय, वरन नगला, तौफी नगला गांव बाढ़ प्रभावित हैं। कई गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इस कारण यहां व्यापक स्तर पर संक्रामक के साथ मच्छरजनित बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अब तक इन गांवों का रुख नहीं किया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में लार्वा और मच्छर नाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं हो रहा। तटवर्ती कोई गांव ऐसा नहीं है जहां वायरल फीवर के साथ सार्दी-खांसी और मौसमी बीमारियों का प्रकोप न हो। बाढ़ प्रभावित गांवों में हेल्थ कैंप के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीमें भी बनाई हैं, लेकिन टीमें वहां नहीं पहुंच रहीं। ऐसे में आने वाले दिनों में इन गांवों में हालात खराब हो सकते हैं।
विज्ञापन
-
ब्लॉक स्तर पर दवाएं देकर मलेरिया विभाग ने की इतिश्री
बाढ़ प्रभावित गांवों में मच्छर और लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं हो रहा। मलेरिया विभाग ने ब्लॉक स्तर पर लार्वा नाशक टेमीफॉस और मच्छर नाशक डीडीटी पाउडर उपलब्ध करा दिया है। गांवों में दवाओं का छिड़काव करना पंचायती राज विभाग का काम है, लेकिन इन गांवों में मच्छर और लार्वा नाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं हो रहा। तटवर्ती ज्यादातर गांवों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर तो पानी सड़ने के कारण दुर्गंध भी आने लगी है।
-
मलेरिया या संक्रामक रोग फैलने की सूचना किसी भी स्थान से नहीं है। कुछ गांवों में वायरल फीवर के रोगी मिलने की सूचनाएं आ रही हैं। जहां से भी सूचना मिल रही है वहां टीमों को भेज कर हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी स्वास्थ्य विभाग की सीएचसी-पीएचसी स्तर से टीमों की तैनाती है। अगर कहीं बीमारियों का प्रकोप है और टीमें नहीं पहुंच रहीं तो इसे दिखवाया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
-
13 गांवों में लगे स्वास्थ्य शिविर, 200 से अधिक वायरल फीवर के मरीज मिले
बदायूं। जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। दातागंज, स मरेर, जगत और सालारपुर ब्लॉक के गांवों में वायरल फीवर के सबसे ज्यादा रोगी मिल रहे हैं। गनीमत है कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया या अन्य संक्रामक बीमारियों ने अभी पैर नहीं पसारे हैं। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने छह ब्लॉक के 13 गांवों में हेल्थ कैंप लगवाए तो इन गांवों में दो सौ से ज्यादा वायरल फीवर के रोगी मिले।
सालारपुर ब्लॉक के सादुल्लापुर में 28, मोहम्मदी में 25, अजंतपुर में वायरल फीवर के 14 रोगी मिले हैं। समरेर के सिरसा में वायरल फीवर का व्यापक प्रकोप है। यहां लगभग हर घर में वायरल फीवर पहुंच चुका है। गांव में 40 वायरल फीवर के रोगी मिले, इसके अलावा इसी ब्लॉक के गांव भगवंतपुर में 11 और लालपुर में 20 रोगी मिले हैं। दातागंज के बड़ा परा में 10 और कुंडरा ढका में वायरल फीवर के 21 रोगी मिले हैं। जगत के नगला बरसुरिया में 21, उझानी में 12 और भेंटा में भी रोगी मिले हैं। उझानी के कठौली और अढौली में भी कैंप लगाए गए, लेकिन यहां रोगी नहीं मिले। इन गांवों में मलेरिया विभाग की ओर से भी 276 लोगों की मलेरिया जांच की गई। गनीमत रही कि मलेरिया का इन गांवों में कोई रोगी नहीं मिला है। संवाद
विज्ञापन
पिछले करीब एक महीने से गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव आ रहा है। कई बार जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी तक ऊपर पहुंच चुका है। दातागंज तहसील के अहमद नगर बछौरा, असमया रफतपुर, रैपुरा, जटा, कमलैयापुर, दियूरी नगला, ठकुरी नगला, बेहटरी, भखरी, चेतराम नगला और सहसवान तहसील के टोटपुर करसरी, भकरौलिया, परशुराम नगला, नगला वीरसहाय, वरन नगला, तौफी नगला गांव बाढ़ प्रभावित हैं। कई गांवों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इस कारण यहां व्यापक स्तर पर संक्रामक के साथ मच्छरजनित बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अब तक इन गांवों का रुख नहीं किया है।
विज्ञापन
बाढ़ प्रभावित गांवों में लार्वा और मच्छर नाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं हो रहा। तटवर्ती कोई गांव ऐसा नहीं है जहां वायरल फीवर के साथ सार्दी-खांसी और मौसमी बीमारियों का प्रकोप न हो। बाढ़ प्रभावित गांवों में हेल्थ कैंप के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीमें भी बनाई हैं, लेकिन टीमें वहां नहीं पहुंच रहीं। ऐसे में आने वाले दिनों में इन गांवों में हालात खराब हो सकते हैं।
विज्ञापन
-
ब्लॉक स्तर पर दवाएं देकर मलेरिया विभाग ने की इतिश्री
बाढ़ प्रभावित गांवों में मच्छर और लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं हो रहा। मलेरिया विभाग ने ब्लॉक स्तर पर लार्वा नाशक टेमीफॉस और मच्छर नाशक डीडीटी पाउडर उपलब्ध करा दिया है। गांवों में दवाओं का छिड़काव करना पंचायती राज विभाग का काम है, लेकिन इन गांवों में मच्छर और लार्वा नाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं हो रहा। तटवर्ती ज्यादातर गांवों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर तो पानी सड़ने के कारण दुर्गंध भी आने लगी है।
-
मलेरिया या संक्रामक रोग फैलने की सूचना किसी भी स्थान से नहीं है। कुछ गांवों में वायरल फीवर के रोगी मिलने की सूचनाएं आ रही हैं। जहां से भी सूचना मिल रही है वहां टीमों को भेज कर हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी स्वास्थ्य विभाग की सीएचसी-पीएचसी स्तर से टीमों की तैनाती है। अगर कहीं बीमारियों का प्रकोप है और टीमें नहीं पहुंच रहीं तो इसे दिखवाया जाएगा और कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
-
13 गांवों में लगे स्वास्थ्य शिविर, 200 से अधिक वायरल फीवर के मरीज मिले
बदायूं। जिले में वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। दातागंज, स मरेर, जगत और सालारपुर ब्लॉक के गांवों में वायरल फीवर के सबसे ज्यादा रोगी मिल रहे हैं। गनीमत है कि मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया या अन्य संक्रामक बीमारियों ने अभी पैर नहीं पसारे हैं। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने छह ब्लॉक के 13 गांवों में हेल्थ कैंप लगवाए तो इन गांवों में दो सौ से ज्यादा वायरल फीवर के रोगी मिले।
सालारपुर ब्लॉक के सादुल्लापुर में 28, मोहम्मदी में 25, अजंतपुर में वायरल फीवर के 14 रोगी मिले हैं। समरेर के सिरसा में वायरल फीवर का व्यापक प्रकोप है। यहां लगभग हर घर में वायरल फीवर पहुंच चुका है। गांव में 40 वायरल फीवर के रोगी मिले, इसके अलावा इसी ब्लॉक के गांव भगवंतपुर में 11 और लालपुर में 20 रोगी मिले हैं। दातागंज के बड़ा परा में 10 और कुंडरा ढका में वायरल फीवर के 21 रोगी मिले हैं। जगत के नगला बरसुरिया में 21, उझानी में 12 और भेंटा में भी रोगी मिले हैं। उझानी के कठौली और अढौली में भी कैंप लगाए गए, लेकिन यहां रोगी नहीं मिले। इन गांवों में मलेरिया विभाग की ओर से भी 276 लोगों की मलेरिया जांच की गई। गनीमत रही कि मलेरिया का इन गांवों में कोई रोगी नहीं मिला है। संवाद

म्याऊ में दवा का छिड़काव करता मलेरिया विभाग का कर्मचारी। संवाद- फोटो : BADAUN