{"_id":"62fe39f0023b3a3bf96cd1bd","slug":"health-badaun-news-bly494699775","type":"story","status":"publish","title_hn":"जांचों में उलझी रहेड़िया ग्राम पंचायत की पेयजल व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जांचों में उलझी रहेड़िया ग्राम पंचायत की पेयजल व्यवस्था
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बदायूं/वजीरगंज। वजीरगंज ब्लॉक क्षेत्र में ग्राम पंचायत रहेड़िया की पेयजल व्यवस्था अब तक नहीं सुधरी है। पिछले दिनों बीडीओ ने ग्राम पंचायत के चारों मजरों में सफाई व्यवस्था को लेकर जांच शुरू कराई थी। इसके अलावा नलों के बोरिंग कम पाए गए थे। इसकी अलग से जांच सौंपी गई लेकिन अब तक न तो जांच पूरी हुईं और न ही यहां की पेयजल व्यवस्था में सुधार हुआ। ग्रामीण वही पानी पीने को मजबूर हैं।
ग्राम पंचायत रहेड़िया के मजरा नवाबपुरा और मालिन गौटिया के ग्रामीण लंबे समय से पीला पानी पीने को मजबूर हैं। करीब एक माह पहले गांव के कई लोग बीमार हो गए थे। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची थी। तब तमाम लोगों के खून की जांच कराई गई। उसमें नवाबपुरा के आठ और मालिन गौटिया का एक व्यक्ति पीलिया का शिकार मिला था। तब ब्लॉक अधिकारियों ने अभियान चलाकर दोनों गांव में सफाई और सरकारी नलों की जांच कराई। उसमें अधिकतर सरकारी नलों में पीला पानी आता पाया गया। इस पर उन नलों का रिबोर कराने का निर्देश दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया था कि ग्राम पंचायत में तीन सफाई कर्मचारी हैं और तीनों ही गांव में सफाई करने नहीं आते। इस पर बीडीओ स्मृति सिंह ने तीनों सफाई कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए थे। इसकी जांच एडीओ पंचायत सीपी जौहरी को सौंपी गई। इसके अलावा गांव में कम बोरिंग कराने की शिकायत पर जेई को जांच दी गई। यह दोनों जांचें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इस संबंध में भी कोई सवाल जवाब भी नहीं किया गया है। इससे माना जा रहा है कि अधिकारी मामला रफादफा करने की कोशिश में हैं।
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ग्रामीण बोले- नहीं आते सफाई कर्मचारी
ग्राम पंचायत रहेड़िया के ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि उनके गांव में तीन सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इसके बावजूद गांव में सफाई नहीं होती। इसका प्रमाण स्वयं अधिकारी देख चुके हैं और गांव में अभियान चलाकर सफाई भी करा चुके हैं। जांच के दौरान ग्राम प्रधान और प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक ने लिखकर दिया है कि सफाई कर्मचारी रोजाना आते हैं जबकि ग्राम पंचायत के चार मजरा नवाबपुरा, मालिन गौटिया, पिपरिया और फतेह नगला समेत रहेड़िया के लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारी गांव में नहीं आते। इस संबंध में किसी ग्रामीण के बयान दर्ज नहीं कराए गए हैं।
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ठीक से जांच कराई गई तो निकलेगा बड़ा घपला
ग्राम पंचायत रहेड़िया में सरकारी नलों का बोरिंग कराने में घोटाला हुआ है। जहां नलों का 160 फुट बोरिंग स्वीकृत है, तो वहीं इन नलों का केवल 80-90 फुट बोरिंग कराया गया है। बाकी पाइप और मजदूरी बचा ली गई। अगर इसकी ठीक से जांच कराई गई तो बड़ा घपला सामने आ सकता है।
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ग्राम पंचायत रहेड़िया की दोनों जांच चल रहीं हैं। अभी किसी जांच की रिपोर्ट नहीं आई है। ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक ने लिखकर दिया है कि सफाई कर्मचारी रोजाना आते हैं। हमने आदेश दिए हैं कि ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएं। केवल इनके कहने पर नहीं माना जाएगा कि सफाई कर्मचारी आते हैं। जिन नलों के कम बोरिंग पाए गए हैं, उनका भुगतान नहीं कराया जाएगा।
- स्मृति सिंह, बीडीओ वजीरगंज
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ग्राम पंचायत रहेड़िया के मजरा नवाबपुरा और मालिन गौटिया के ग्रामीण लंबे समय से पीला पानी पीने को मजबूर हैं। करीब एक माह पहले गांव के कई लोग बीमार हो गए थे। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची थी। तब तमाम लोगों के खून की जांच कराई गई। उसमें नवाबपुरा के आठ और मालिन गौटिया का एक व्यक्ति पीलिया का शिकार मिला था। तब ब्लॉक अधिकारियों ने अभियान चलाकर दोनों गांव में सफाई और सरकारी नलों की जांच कराई। उसमें अधिकतर सरकारी नलों में पीला पानी आता पाया गया। इस पर उन नलों का रिबोर कराने का निर्देश दिया गया।
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ग्रामीणों ने बताया था कि ग्राम पंचायत में तीन सफाई कर्मचारी हैं और तीनों ही गांव में सफाई करने नहीं आते। इस पर बीडीओ स्मृति सिंह ने तीनों सफाई कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए थे। इसकी जांच एडीओ पंचायत सीपी जौहरी को सौंपी गई। इसके अलावा गांव में कम बोरिंग कराने की शिकायत पर जेई को जांच दी गई। यह दोनों जांचें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। इस संबंध में भी कोई सवाल जवाब भी नहीं किया गया है। इससे माना जा रहा है कि अधिकारी मामला रफादफा करने की कोशिश में हैं।
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ग्रामीण बोले- नहीं आते सफाई कर्मचारी
ग्राम पंचायत रहेड़िया के ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि उनके गांव में तीन सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इसके बावजूद गांव में सफाई नहीं होती। इसका प्रमाण स्वयं अधिकारी देख चुके हैं और गांव में अभियान चलाकर सफाई भी करा चुके हैं। जांच के दौरान ग्राम प्रधान और प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक ने लिखकर दिया है कि सफाई कर्मचारी रोजाना आते हैं जबकि ग्राम पंचायत के चार मजरा नवाबपुरा, मालिन गौटिया, पिपरिया और फतेह नगला समेत रहेड़िया के लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारी गांव में नहीं आते। इस संबंध में किसी ग्रामीण के बयान दर्ज नहीं कराए गए हैं।
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ठीक से जांच कराई गई तो निकलेगा बड़ा घपला
ग्राम पंचायत रहेड़िया में सरकारी नलों का बोरिंग कराने में घोटाला हुआ है। जहां नलों का 160 फुट बोरिंग स्वीकृत है, तो वहीं इन नलों का केवल 80-90 फुट बोरिंग कराया गया है। बाकी पाइप और मजदूरी बचा ली गई। अगर इसकी ठीक से जांच कराई गई तो बड़ा घपला सामने आ सकता है।
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ग्राम पंचायत रहेड़िया की दोनों जांच चल रहीं हैं। अभी किसी जांच की रिपोर्ट नहीं आई है। ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक ने लिखकर दिया है कि सफाई कर्मचारी रोजाना आते हैं। हमने आदेश दिए हैं कि ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएं। केवल इनके कहने पर नहीं माना जाएगा कि सफाई कर्मचारी आते हैं। जिन नलों के कम बोरिंग पाए गए हैं, उनका भुगतान नहीं कराया जाएगा।
- स्मृति सिंह, बीडीओ वजीरगंज