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बढ़ रहे त्वचा रोगी, अस्पताल में दवाएं नहीं
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जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी रोगियों की कतार। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। बीमारियों के मौसम में जिला और जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में भीड़ लग रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कतार लगी रही। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 865 और जिला महिला अस्पताल में 354 नए पर्चे बने। महिला अस्पताल पहुंचने वाले रोगियों में बच्चों की संख्या ज्यादा रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले रोगियों में मौसमी बीमारियों के साथ त्वचा रोग संबंधी रोगी ज्यादा संख्या में पहुंचे। इस दौरान त्वचा रोग संबंधी दवाओं की कमी भी देखने को मिली।
सरकारी अस्पतालों को दवाओं की सप्लाई यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से मिलती है। अस्पताल प्रशासन की ओर से संबंधित दवाओं की डिमांड भेज दी जाती है। इन दिनों अस्पताल में सबसे ज्यादा समस्या त्वचा रोगों संबंधी दवाओं को लेकर आ रही है। इसके अलावा एंटी एलर्जिक दवाओं को लेकर भी समस्या है। त्वचा रोगों में काम आने वाली दवाओं की तो लंबे समय से सप्लाई नहीं मिली है। त्वचा रोगों से परेशान लोगों के अलावा वायरल फीवर, खांसी-जुकाम, टायफाइड आदि बीमारियों से ग्रस्त लोग भी पहुंच रहे हैं। अन्य बीमारियों से संबंधी दवाओं को लेकर तो किसी तरह काम चलाया जा रहा है, लेकिन त्वचा रोगियों को दवाएं बाजार से खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। फंगल इंफेक्शन में काम आने वाला कोई ट्यूब अस्पताल में उपलब्ध नहीं है।
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देहात के अस्पताल में एआरवी की किल्लत
जिला अस्पताल में जहां त्वचा रोग में काम आने वाली दवाओं की कमी है वहीं दूसरी ओर देहात के अस्पतालों में इन दिनों एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी है। स्वास्थ्य विभाग को मांग के अनुरूप वैक्सीन नहीं मिल रही है। बिल्सी, वजीरगंज, सैदपुर, कादरचौक, दहगवां, सहसवान, दातागंज आदि के लोगों को वैक्सीन के लिए बदायूं आना पड़ रहा है। कई बार जिला अस्पताल में भी एआरवी को लेकर समस्या आ रही है।
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अस्पताल में दवाओं की सप्लाई यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से होती है। फंगल इंफेक्शन में काम आने वाली दवाओं को लेकर कुछ समस्या है। अन्य सभी दवाएं भरपूर हैं। जिन दवाओं की कमी है उनकी डिमांड भेजी गई है।
-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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सरकारी अस्पतालों को दवाओं की सप्लाई यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से मिलती है। अस्पताल प्रशासन की ओर से संबंधित दवाओं की डिमांड भेज दी जाती है। इन दिनों अस्पताल में सबसे ज्यादा समस्या त्वचा रोगों संबंधी दवाओं को लेकर आ रही है। इसके अलावा एंटी एलर्जिक दवाओं को लेकर भी समस्या है। त्वचा रोगों में काम आने वाली दवाओं की तो लंबे समय से सप्लाई नहीं मिली है। त्वचा रोगों से परेशान लोगों के अलावा वायरल फीवर, खांसी-जुकाम, टायफाइड आदि बीमारियों से ग्रस्त लोग भी पहुंच रहे हैं। अन्य बीमारियों से संबंधी दवाओं को लेकर तो किसी तरह काम चलाया जा रहा है, लेकिन त्वचा रोगियों को दवाएं बाजार से खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। फंगल इंफेक्शन में काम आने वाला कोई ट्यूब अस्पताल में उपलब्ध नहीं है।
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देहात के अस्पताल में एआरवी की किल्लत
जिला अस्पताल में जहां त्वचा रोग में काम आने वाली दवाओं की कमी है वहीं दूसरी ओर देहात के अस्पतालों में इन दिनों एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी है। स्वास्थ्य विभाग को मांग के अनुरूप वैक्सीन नहीं मिल रही है। बिल्सी, वजीरगंज, सैदपुर, कादरचौक, दहगवां, सहसवान, दातागंज आदि के लोगों को वैक्सीन के लिए बदायूं आना पड़ रहा है। कई बार जिला अस्पताल में भी एआरवी को लेकर समस्या आ रही है।
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अस्पताल में दवाओं की सप्लाई यूपी मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन से होती है। फंगल इंफेक्शन में काम आने वाली दवाओं को लेकर कुछ समस्या है। अन्य सभी दवाएं भरपूर हैं। जिन दवाओं की कमी है उनकी डिमांड भेजी गई है।
-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस