फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Health

शहर में सबसे ज्यादा अवैध नर्सिंग होम, कार्रवाई का दिखावा देहात में

Mon, 11 Jul 2022 12:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jul 2022 12:52 AM IST
विज्ञापन
Health
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार झोलाछाप पर कार्रवाई करके एफआईआर की गिनती बढ़ा रहे हैं, जबकि शहर में ही 15 नर्सिंग होम बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं। विभाग के कुछ भ्रष्टाचारी और धंधेबाज इन अवैध नर्सिंग होम में सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा उपकरणों के साथ दवाएं खपाने का काम कर रहे हैं। शहर में बरेली रोड खेड़ा नवादा इलाका अवैध नर्सिंग होम का हब बन गया है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग में निजी पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड सेंटर, नर्सिंगहोम के पंजीकरण से लेकर नवीनीकरण तक खेल हो रहा है। इतना ही नहीं सरकारी अस्पतालों की दवाएं और आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की सप्लाई भी भ्रष्टाचारी अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों को कर दे रहे हैं। दो दिन पहले खेड़ा नवादा इलाके के अस्पतालों में जिला महिला अस्पताल से चिकित्सा उपकरण और दवाओं की सप्लाई का मामला सामने आने के बाद सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने जांच टीम बनाई है। स्वास्थ्य विभाग के भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि जिले में करीब 80 निजी अस्पतालों का अवैध संचालन हो रहा है।
विज्ञापन

शहर के खेड़ा नवादा, दातागंज रोड और बिल्सी रोड पर करीब 15 अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं।
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे इन अस्पतालों में सरकारी उपकरण और दवाएं खपाने का काम भी किया जा रहा है। हाल ही में मामला सुर्खियों में आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी अपनी गर्दन फंसती देख कर कार्रवाई के रास्ते तलाश रहे हैं। हालांकि, अवैध नर्सिंगहोम पर यह कार्रवाई शहर को छोड़ कर देहात में की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
सहसवान, दातागंज, उझानी में सील किए अस्पताल, शहर में कार्रवाई नहीं
स्वास्थ्य विभाग शहर के अवैध अस्पतालों पर कार्रवाई नहीं कर रहा। झोलाछाप नियंत्रण सेल से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी इनसे उगाही करते हैं। जब दबाव बनता है तो देहात क्षेत्र में अवैध नर्सिंग होम पर कार्रवाई कर दी जाती है। पिछले दिनों सहसवान और उसके बाद दातागंज में बरेली रोड पर अवैध नर्सिंग होम सील किए गए थे। दो दिन पहले शहर के नर्सिंग होम में सरकारी उपकरण और दवाएं मिलने पर शुक्रवार को उझानी में एक नर्सिंगहोम को सील कर दिया गया। यह नर्सिंग होम भी बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था।
-
आशा वर्कर्स के सहारे होती है अवैध कमाई
नर्सिंग होम संचालक कुछ आशा वर्कर्स को प्रलोभन देकर कमाई करते हैं। खेड़ा नवादा स्थित आयशा नर्सिंगहोम में आशा वर्कर्स को गिफ्ट बांटने का मामला सामने आने पर इसे सील किया गया था। अब यह नर्सिंग होम भी फिर से खुल गया है। शुक्रवार को उझानी में जिस नर्सिंग होम पर कार्रवाई की गई वह भी आशा वर्कर्स को गिफ्ट बांटने के मामले में ही हुई है। खेड़ा नवादा इलाके के ज्यादातर नर्सिंग होम आशा वर्कर्स को प्रलोभन देकर ही चल रहे हैं। आशा वर्कर्स लालच में आकर गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल के स्थान पर इन अवैध नर्सिंग होम में ले जाती हैं।

-------------
निजी अस्पतालों में सरकारी उपकरण और दवाएं मिलने के मामले में जांच चल रही है। आशा वर्कर्स को गिफ्ट बांटने संबंधी वीडियो वायरल होने के बाद उझानी के एक नर्सिंग होम को सील किया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन और पंजीकरण चल रहे नर्सिंगहोम और लैब की भी सूची बनाई जा रही है। अब तक 12 मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed