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दो दिन के बाद खुले अस्पताल... डॉक्टर नदारद, ओपीडी में फर्श पर पड़े रहे मरीज
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जिला महिला अस्पताल की ओपीडी में फर्श पर बैठीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। महीने के दूसरे शनिवार और फिर रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को अस्पताल खुले तो ओपीडी में मरीजों की लाइन दिखीं। जिला महिला अस्पताल में स्थिति काफी बदतर रही। ज्यादातर डॉक्टरों के ओपीडी से नदारद होने के कारण महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी हुई। खचाखच भरी ओपीडी में कई महिलाएं और बच्चे तो फर्श पर पड़े दिखे। सीएमएस डॉ. रेखा रानी भी नदारद रहीं।
जिला महिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. रेखा रानी समेत 11 डॉक्टर हैं। इनमें चार स्त्री रोग विशेषज्ञ, दो बाल रोग विशेषज्ञ, एक पैथोलॉजिस्ट, एक आयुष चिकित्सक, एक एनेथेस्टिक और एक चिकित्साधिकारी हैं। ज्यादातर डॉक्टर अस्पताल में कम समय देकर निजी प्रैक्टिस करते हैं। इनके खुद के नर्सिंगहोम भी हैं। इसका सीधा असर जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर होता है। सोमवार को दो दिन के बाद अस्पतालों की ओपीडी खुली तो डॉक्टरों के नदारद रहने के कारण तमाम अव्यवस्थाएं नजर आईं। नवजात के साथ खुद के इलाज के लिए पहुंची महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। दोपहर 12 बजे तक जिला महिला अस्पताल में 260 रोगियों के नए पर्चे बन चुके थे। अनुमान के अनुसार इतने ही रोगी पुराने पर्चों के साथ पहुंचे थे।
ओपीडी से डॉक्टरों के नदारद रहने के कारण यहां भीड़ बढ़ती गई। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं और बच्चे परेशान दिखे। दोपहर करीब एक बजे तक बाल रोग विशेषज्ञ के नाम पर सिर्फ डॉ. संदीप वार्ष्णेय ही कक्ष में दिखे। अन्य डॉक्टरों के कक्ष खाली रहे।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में भी सोमवार को आम दिनों से ज्यादा रोगी पहुंचे। ऐसे में यहां भी अव्यवस्थाएं दिखीं।
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एडी हेल्थ की चेतावनी का असर नहीं दिखा
बरेली मंडल के एडी हेल्थ डॉ. दीपक ओहरी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर 23 अप्रैल को जिला और जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। जिला महिला अस्पताल में भयंकर अव्यवस्थाएं और मनमानी मिली थी। कई डॉक्टर उपस्थिति पंजिका में उपस्थिति दर्ज करने के बाद नदारद थे। एडी ने कड़ी चेतावनी देने के साथ डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखने की भी चेतावनी दी, लेकिन दो महीने के भीतर ही एडी हेल्थ की चेतावनी का यहां असर ही खत्म हो गया। डॉक्टरों के साथ स्टाफ अब फिर से मनमानी कर रहा है।
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जिला महिला अस्पताल को लेकर फिर से शिकायतें मिल रही हैं। संक्रामक रोगों के इस सीजन में डॉक्टरों का अस्पताल से इस तरह नदारद रहना अच्छी बात नहीं है। इस संबंध में सीएमएस को लिखा जाएगा। मनमानी और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. दीपक ओहरी, एडी हेल्थ
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जिला महिला अस्पताल में सीएमएस डॉ. रेखा रानी समेत 11 डॉक्टर हैं। इनमें चार स्त्री रोग विशेषज्ञ, दो बाल रोग विशेषज्ञ, एक पैथोलॉजिस्ट, एक आयुष चिकित्सक, एक एनेथेस्टिक और एक चिकित्साधिकारी हैं। ज्यादातर डॉक्टर अस्पताल में कम समय देकर निजी प्रैक्टिस करते हैं। इनके खुद के नर्सिंगहोम भी हैं। इसका सीधा असर जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर होता है। सोमवार को दो दिन के बाद अस्पतालों की ओपीडी खुली तो डॉक्टरों के नदारद रहने के कारण तमाम अव्यवस्थाएं नजर आईं। नवजात के साथ खुद के इलाज के लिए पहुंची महिलाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। दोपहर 12 बजे तक जिला महिला अस्पताल में 260 रोगियों के नए पर्चे बन चुके थे। अनुमान के अनुसार इतने ही रोगी पुराने पर्चों के साथ पहुंचे थे।
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ओपीडी से डॉक्टरों के नदारद रहने के कारण यहां भीड़ बढ़ती गई। भीषण गर्मी के बीच महिलाएं और बच्चे परेशान दिखे। दोपहर करीब एक बजे तक बाल रोग विशेषज्ञ के नाम पर सिर्फ डॉ. संदीप वार्ष्णेय ही कक्ष में दिखे। अन्य डॉक्टरों के कक्ष खाली रहे।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में भी सोमवार को आम दिनों से ज्यादा रोगी पहुंचे। ऐसे में यहां भी अव्यवस्थाएं दिखीं।
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एडी हेल्थ की चेतावनी का असर नहीं दिखा
बरेली मंडल के एडी हेल्थ डॉ. दीपक ओहरी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर 23 अप्रैल को जिला और जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। जिला महिला अस्पताल में भयंकर अव्यवस्थाएं और मनमानी मिली थी। कई डॉक्टर उपस्थिति पंजिका में उपस्थिति दर्ज करने के बाद नदारद थे। एडी ने कड़ी चेतावनी देने के साथ डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखने की भी चेतावनी दी, लेकिन दो महीने के भीतर ही एडी हेल्थ की चेतावनी का यहां असर ही खत्म हो गया। डॉक्टरों के साथ स्टाफ अब फिर से मनमानी कर रहा है।
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जिला महिला अस्पताल को लेकर फिर से शिकायतें मिल रही हैं। संक्रामक रोगों के इस सीजन में डॉक्टरों का अस्पताल से इस तरह नदारद रहना अच्छी बात नहीं है। इस संबंध में सीएमएस को लिखा जाएगा। मनमानी और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. दीपक ओहरी, एडी हेल्थ