{"_id":"62a24c610196f178333f077c","slug":"health-badaun-news-bly487742934","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भवती महिलाओं में खून की कमी ठीक नहीं, आयरन की गोलियों लें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भवती महिलाओं में खून की कमी ठीक नहीं, आयरन की गोलियों लें
विज्ञापन
उझानी में बीएचडब्ल्यू को संबोधित करते चिकित्साधीक्षक राजेश कुमार। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)। बेसिक हेल्थ वर्कर (बीएचडब्ल्यू) को गर्भवती महिलाओं की बेहतरी के लिए बृहस्पतिवार को यहां हुए एक कार्यक्रम में विशेष टिप्स दिए गए। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि महिलाओं में खून की कमी काफी बढ़ी समस्या है। ऐसी स्थिति में जच्चा और बच्चा दोनों की जान जोखिम में रहती है। ऐसे में जरूरी है कि गर्भवती महिलाओं को आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम की गोलियां दी जाएं।
अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता-100 मिलियन स्माइल के तहत ‘गर्भवती महिलाओं के संबंध में बीएचडब्ल्यू की भूमिका’ विषय पर चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने एक गोष्ठी में पहले स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। कहा-प्रसव के दौरान मृत्यु दर में कमी लाने के लिए हर बीएचडब्ल्यू को कोशिश करते रहना होगा। खासकर देहात क्षेत्र में जहां गर्भवती महिलाओं की उचित देखभाल नहीं होती और उन्हें पौष्टिक आहार भी नहीं मिल पाता।
उन्होंने कहा कि जरूरी है कि आशाओं के जरिये गर्भवती महिलाओं को सबसे पहले जागरूक किया जाए। इसके बाद उन्हें यह भी बताया जाए कि प्रसव के बाद भी स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना है। सबसे ज्यादा दिक्कत शरीर में खून की कमी की वजह से आती है, ऐसे में उन्हें हरी सब्जियों का ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
विज्ञापन
ब्लॉक प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर आयुष रस्तोगी ने मानसिक रोगियों की पहचान के लिए भी प्रेरित किया।
-----------
चिकित्सकों का परामर्श लें महिलाएं
देहात क्षेत्र में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर लोग ज्यादा गौर नहीं करते। महिलाओं को अगर कोई परेशानी है तो उन्हें चिकित्सकों से परामर्श करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
- नीलम यादव
-
संवाद से बनता है बेहतर माहौल
ऐसे कार्यक्रम ही आपस में संवाद स्थापित करते हैं। चिकित्सकों के स्तर से जो जानकारियों मुहैया कराई जाती हैं, जरूरी है कि उन्हें साझा कराया जाए।
- नेहा शर्मा
-
गर्भवती महिलाएं भी रहें सजग
गांवों में आशाओं के साथ बीएचडब्ल्यू गर्भवती के संपर्क में रहती हैं। खून की कमी से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं भी सजग रहें।
- ज्योति साहू
-
बीएचडब्ल्यू की भूमिका अहम
बेसिक हेल्थ वर्कर को अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। इस प्रकार के कार्यक्रमों से काफी जानकारी मिलती है, ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।
- वैष्णवी माथुर
विज्ञापन
अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता-100 मिलियन स्माइल के तहत ‘गर्भवती महिलाओं के संबंध में बीएचडब्ल्यू की भूमिका’ विषय पर चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने एक गोष्ठी में पहले स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। कहा-प्रसव के दौरान मृत्यु दर में कमी लाने के लिए हर बीएचडब्ल्यू को कोशिश करते रहना होगा। खासकर देहात क्षेत्र में जहां गर्भवती महिलाओं की उचित देखभाल नहीं होती और उन्हें पौष्टिक आहार भी नहीं मिल पाता।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जरूरी है कि आशाओं के जरिये गर्भवती महिलाओं को सबसे पहले जागरूक किया जाए। इसके बाद उन्हें यह भी बताया जाए कि प्रसव के बाद भी स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना है। सबसे ज्यादा दिक्कत शरीर में खून की कमी की वजह से आती है, ऐसे में उन्हें हरी सब्जियों का ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
विज्ञापन
ब्लॉक प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर आयुष रस्तोगी ने मानसिक रोगियों की पहचान के लिए भी प्रेरित किया।
-----------
चिकित्सकों का परामर्श लें महिलाएं
देहात क्षेत्र में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर लोग ज्यादा गौर नहीं करते। महिलाओं को अगर कोई परेशानी है तो उन्हें चिकित्सकों से परामर्श करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
- नीलम यादव
-
संवाद से बनता है बेहतर माहौल
ऐसे कार्यक्रम ही आपस में संवाद स्थापित करते हैं। चिकित्सकों के स्तर से जो जानकारियों मुहैया कराई जाती हैं, जरूरी है कि उन्हें साझा कराया जाए।
- नेहा शर्मा
-
गर्भवती महिलाएं भी रहें सजग
गांवों में आशाओं के साथ बीएचडब्ल्यू गर्भवती के संपर्क में रहती हैं। खून की कमी से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं भी सजग रहें।
- ज्योति साहू
-
बीएचडब्ल्यू की भूमिका अहम
बेसिक हेल्थ वर्कर को अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए। इस प्रकार के कार्यक्रमों से काफी जानकारी मिलती है, ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।
- वैष्णवी माथुर