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सिटी मजिस्ट्रेट की बेटी के इलाज में ईएमओ की रही लापरवाही
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बदायूं। सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार की चार साल की बेटी के इलाज के मामले में जिला अस्पताल के ईएमओ की लापरवाही सामने आई है। हालांकि, अब तक जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से ईएमओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सिटी मजिस्ट्रेट ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखा है।
सांस लेने में दिक्कत होने पर सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार अपनी चार साल की बेटी को लेकर 18 मई की रात जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे थे। उनकी बेटी को नेबुलाइजेशन की जरूरत थी। इस दौरान इमरजेंसी में सन्नाटा था। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय को कॉल की। सीएमओ ने रात में ही जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कप्तान सिंह को इमरजेंसी भेजा। इसके बाद भी ईएमओ कमरे से बाहर नहीं आए। डॉ. कप्तान सिंह ने एक के बाद एक तीन नेबुलाइजर मशीन मंगाईं, लेकिन किसी मशीन ने काम नहीं किया। ऐसे में सिटी मजिस्ट्रेट को बेटी के इलाज के बिना ही लौटना पड़ा। सुबह होने पर इस बारे में पता लगा तो सीएमएस डॉ. विजय बहादुर भी इमरजेंसी पहुंचे। उनको भी डॉ. नितिन सोते हुए मिले।
सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखा है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि इमरजेंसी स्टाफ की लापरवाही का मामला है। वह बेटी के साथ अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन डॉक्टर वहां पर नहीं मिले।
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सांस लेने में दिक्कत होने पर सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार अपनी चार साल की बेटी को लेकर 18 मई की रात जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे थे। उनकी बेटी को नेबुलाइजेशन की जरूरत थी। इस दौरान इमरजेंसी में सन्नाटा था। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय को कॉल की। सीएमओ ने रात में ही जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कप्तान सिंह को इमरजेंसी भेजा। इसके बाद भी ईएमओ कमरे से बाहर नहीं आए। डॉ. कप्तान सिंह ने एक के बाद एक तीन नेबुलाइजर मशीन मंगाईं, लेकिन किसी मशीन ने काम नहीं किया। ऐसे में सिटी मजिस्ट्रेट को बेटी के इलाज के बिना ही लौटना पड़ा। सुबह होने पर इस बारे में पता लगा तो सीएमएस डॉ. विजय बहादुर भी इमरजेंसी पहुंचे। उनको भी डॉ. नितिन सोते हुए मिले।
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सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखा है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि इमरजेंसी स्टाफ की लापरवाही का मामला है। वह बेटी के साथ अस्पताल में मौजूद थे, लेकिन डॉक्टर वहां पर नहीं मिले।
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