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झोलाछाप नहीं दे रहे जवाब, 40 के खिलाफ एफआईआर की तैयारी
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बदायूं। झोलाछाप स्वास्थ्य विभाग के नोटिस का जवाब नहीं दे रहे। अब उनके खिलाफ एफआईआर की तैयारी की जा रही है। जिले में ऐसे करीब 40 झोलाछाप हैं जिनको नोटिस दिया गया था, समय बीतने के बाद भी नोटिस को इन लोगों ने संजीदगी से नहीं लिया है।
जिले में झोलाछाप का जाल फैला हुआ है। पिछले दिनों सहसवान में एक फर्जी नर्सिंगहोम को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील किया था। संचालक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई। दातागंज में भी कई स्थानों पर कार्रवाई हुईं। झोलाछाप के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान को चलाया जाता है, लेकिन ठोस कार्रवाई चुनिंदा मामलों में ही हो पाती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिले में अलग-अलग स्थानों पर छापा मारकर झोलाछाप को नोटिस जारी किए थे। उनको 15 दिन का समय देकर चेताया गया था कि वह अपने रजिस्ट्रेशन, डिग्री समेत अन्य प्रपत्र समय से संबंधित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें, लेकिन नोटिस का समय पूरा होने के बाद भी 40 झोलाछाप ऐसे हैं जिन्होंने अब तक नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है।
नोटिस का जवाब न देने और स्वास्थ्य विभाग में संबंधित अधिकारी के समक्ष जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत न करने वाले झोलाछाप के खिलाफ अब एफआईआर की तैयारी की जा रही है।
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सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि जिन झोलाछाप ने अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
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जिले में झोलाछाप का जाल फैला हुआ है। पिछले दिनों सहसवान में एक फर्जी नर्सिंगहोम को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील किया था। संचालक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई। दातागंज में भी कई स्थानों पर कार्रवाई हुईं। झोलाछाप के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान को चलाया जाता है, लेकिन ठोस कार्रवाई चुनिंदा मामलों में ही हो पाती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिले में अलग-अलग स्थानों पर छापा मारकर झोलाछाप को नोटिस जारी किए थे। उनको 15 दिन का समय देकर चेताया गया था कि वह अपने रजिस्ट्रेशन, डिग्री समेत अन्य प्रपत्र समय से संबंधित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें, लेकिन नोटिस का समय पूरा होने के बाद भी 40 झोलाछाप ऐसे हैं जिन्होंने अब तक नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया है।
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नोटिस का जवाब न देने और स्वास्थ्य विभाग में संबंधित अधिकारी के समक्ष जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत न करने वाले झोलाछाप के खिलाफ अब एफआईआर की तैयारी की जा रही है।
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सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि जिन झोलाछाप ने अब तक नोटिस का जवाब नहीं दिया है उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।