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सर्द मौसम ने बच्चों की बढ़ा दी मुसीबत
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बदायूं। सर्द मौसम ने बच्चों की मुसीबत बढ़ा दी है। जिला अस्पताल और निजी डॉक्टरों के यहां जुकाम-खांसी, बुखार और निमोनिया के मरीज दोगुना हो गए हैं। बच्चों की पसली भी चल रही है। एक साल तक के बच्चों को निमोनिया जल्द चपेट में ले रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद गुप्ता का कहना है कि पिछले पांच-सात दिन से ओपीडी में बच्चों की संख्या दो गुना से अधिक हो गई है। खास कर पांच वर्ष तक के बच्चे निमोनिया, खांसी-जुकाम का शिकार ज्यादा हो रहे हैं। इनमें ज्यादा संख्या एक से दो वर्ष तक के बच्चों की है। ऐसे में जरूरी है कि मां, बच्चों के हावभाव पर विशेष नजर रखे। अगर सांस तेज चल रही हो, सांस लेने पर घरघराहट की आवाज हो तब डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
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यह करें
-सुबह-शाम सर्दी अधिक होती है। इस दौरान बच्चों को बाहर न खेलने दें।
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें, खासतौर से कानों को ढकें।
- शाम को बच्चों को गर्म पानी की भाप भी दे सकते हैं।
- गुनगुना पानी ही पिलाएं, पौष्टिक भोजन खिलाएं।
- ड्राई फ्रूट्स खिलाएं, शाम को दूध भी पिलाएं।
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डॉक्टर की बात
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। खासकर बदलते मौसम और सर्द मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। हाल ही के दिनों में बच्चों को निमोनिया और सर्दी, खांसी, जुकाम घेर रहा है। इन दिनों ओपीडी में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ गई है। कई बार उनको भर्ती करना पड़ रहा है। एक से दो वर्ष तक के बच्चों की संख्या ज्यादा है। सर्दियों के बच्चों की सावधानी के साथ देखभाल जरूरी है।
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- डॉ. शरद गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद गुप्ता का कहना है कि पिछले पांच-सात दिन से ओपीडी में बच्चों की संख्या दो गुना से अधिक हो गई है। खास कर पांच वर्ष तक के बच्चे निमोनिया, खांसी-जुकाम का शिकार ज्यादा हो रहे हैं। इनमें ज्यादा संख्या एक से दो वर्ष तक के बच्चों की है। ऐसे में जरूरी है कि मां, बच्चों के हावभाव पर विशेष नजर रखे। अगर सांस तेज चल रही हो, सांस लेने पर घरघराहट की आवाज हो तब डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
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यह करें
-सुबह-शाम सर्दी अधिक होती है। इस दौरान बच्चों को बाहर न खेलने दें।
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें, खासतौर से कानों को ढकें।
- शाम को बच्चों को गर्म पानी की भाप भी दे सकते हैं।
- गुनगुना पानी ही पिलाएं, पौष्टिक भोजन खिलाएं।
- ड्राई फ्रूट्स खिलाएं, शाम को दूध भी पिलाएं।
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डॉक्टर की बात
बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। खासकर बदलते मौसम और सर्द मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। हाल ही के दिनों में बच्चों को निमोनिया और सर्दी, खांसी, जुकाम घेर रहा है। इन दिनों ओपीडी में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ गई है। कई बार उनको भर्ती करना पड़ रहा है। एक से दो वर्ष तक के बच्चों की संख्या ज्यादा है। सर्दियों के बच्चों की सावधानी के साथ देखभाल जरूरी है।
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- डॉ. शरद गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ