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मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं को मिलेगा हेल्दी-हाईजीनिक भोजन
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बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में ईट राइट कैंपस बनाया जाएगा। यानी कॉलेज में खाने पीने की जो व्यवस्था अभी चल रही है, वह पूरी तरह से बदल दी जाएगी। इसे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) के ईट राइट कैंपस अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके तहत कैंटीन में हेल्दी व हाइजीनिक खाना मिलेगा। इसको लेकर स्थानीय अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।
जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से शहर में दुकानों को प्रमाणित करना शुरू कर दिया है। जिनके पास इन-हाउस कैंटीन हैं, ईट राइट कैंपस के रूप में उनको डेवलप किया जाएगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर विभाग द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसमें चार पैरामीटर बनाए गए हैं। इनके आधार पर रेटिंग तय होगी। इसके तहत टीम ने पहले फेज में राजकीय मेडिकल कॉलेज का चयन किया है। यहां करीब दो सौ छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। उनके लिए मैस में खाना बनाया जाता है। इसको ईट राइट कैंपस घोषित किया जाएगा। इसका मकसद है कि छात्र-छात्राओं के लिए क्वालिटी का खाना और हाइजीन तरीके से उपलब्ध हो सके।
कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
मेडिकल कॉलेज में जिन कर्मचारियों द्वारा खाना बनाया जाता है। उनको एक्सपर्ट टीम द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी। उनको बताया जाएगा कि खाना बनाने में किस तरह क्वालिटी का ध्यान रखा जा सकता है। खाना परोसते समय किस हाइजीन तरीके से खाना खिलाया जा सकता है। इसके अलावा फूड हैबिट से जुड़ी जितनी भी तरह की ट्रेनिंग है, वह कर्मियों को दी जाएगी।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में ईट राइट कैंपस बनाया जाएगा। इसको लेकर वहां पर स्थिति को देखा है। जल्द ही टीम आकर जांच करेंगी, उसके बाद में प्रमाण पत्र दिया जाएगा। - चंद्रशेखर मिश्र, जिला अभिहीत अधिकारी
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जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से शहर में दुकानों को प्रमाणित करना शुरू कर दिया है। जिनके पास इन-हाउस कैंटीन हैं, ईट राइट कैंपस के रूप में उनको डेवलप किया जाएगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर विभाग द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसमें चार पैरामीटर बनाए गए हैं। इनके आधार पर रेटिंग तय होगी। इसके तहत टीम ने पहले फेज में राजकीय मेडिकल कॉलेज का चयन किया है। यहां करीब दो सौ छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। उनके लिए मैस में खाना बनाया जाता है। इसको ईट राइट कैंपस घोषित किया जाएगा। इसका मकसद है कि छात्र-छात्राओं के लिए क्वालिटी का खाना और हाइजीन तरीके से उपलब्ध हो सके।
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कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
मेडिकल कॉलेज में जिन कर्मचारियों द्वारा खाना बनाया जाता है। उनको एक्सपर्ट टीम द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी। उनको बताया जाएगा कि खाना बनाने में किस तरह क्वालिटी का ध्यान रखा जा सकता है। खाना परोसते समय किस हाइजीन तरीके से खाना खिलाया जा सकता है। इसके अलावा फूड हैबिट से जुड़ी जितनी भी तरह की ट्रेनिंग है, वह कर्मियों को दी जाएगी।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में ईट राइट कैंपस बनाया जाएगा। इसको लेकर वहां पर स्थिति को देखा है। जल्द ही टीम आकर जांच करेंगी, उसके बाद में प्रमाण पत्र दिया जाएगा। - चंद्रशेखर मिश्र, जिला अभिहीत अधिकारी