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टीकाकरण, परिवार नियोजन की खराब प्रगति पर कई को फटकार
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बदायूं। कलक्ट्रेट स्थित सभागार में बुधवार को हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की कई खामियां खुलकर सामने आइ। डीएम दीपा रंजन ने अच्छा काम न करने वाले एमओआईसी को नोटिस जारी करने के निर्देश सीएमओ डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर को दिए। बच्चों के टीकाकरण और परिवार नियोजन कार्यक्रम में पिछड़ने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई।
पांच वर्ष तक के बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए शत-प्रतिशत टीका न लगाए जाने को लेकर डीएम ने गुस्सा जताया। कहा-जिन विकास खंडों में टीकाकरण की स्थिति धीमी है, वहां एएनएम को अवकाश न दिया जाए। परिवार नियोजन में दहगवां, आसफपुर, जगत, अंबियापुर ब्लॉक की प्रगति शून्य होने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। ऐसे एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। डीएम ने शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव के साथ आशा वर्कर की मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। शून्य प्रसव वाली आशा वर्कर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश सीएमओ को दिए।
इसके बाद डीएम ने डीएम ने पोषण अभियान कंवर्जन्स प्लान से संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। डीएम ने निर्देश दिए कि एएनएम, आशा, सीडीपीओ और आंगनबाड़ी घर-घर जाकर कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। कहा कि जिन अधिकारियों ने गांवों को कुपोषण मुक्त करने के लिए गोद लिया है वह गांवों में स्वयं जाकर कुपोषित बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें जागरूक करें। संवाद
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पांच वर्ष तक के बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए शत-प्रतिशत टीका न लगाए जाने को लेकर डीएम ने गुस्सा जताया। कहा-जिन विकास खंडों में टीकाकरण की स्थिति धीमी है, वहां एएनएम को अवकाश न दिया जाए। परिवार नियोजन में दहगवां, आसफपुर, जगत, अंबियापुर ब्लॉक की प्रगति शून्य होने पर भी डीएम ने नाराजगी जताई। ऐसे एमओआईसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। डीएम ने शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव के साथ आशा वर्कर की मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। शून्य प्रसव वाली आशा वर्कर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश सीएमओ को दिए।
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इसके बाद डीएम ने डीएम ने पोषण अभियान कंवर्जन्स प्लान से संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। डीएम ने निर्देश दिए कि एएनएम, आशा, सीडीपीओ और आंगनबाड़ी घर-घर जाकर कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उन्हें सामान्य श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। कहा कि जिन अधिकारियों ने गांवों को कुपोषण मुक्त करने के लिए गोद लिया है वह गांवों में स्वयं जाकर कुपोषित बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें जागरूक करें। संवाद
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