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लापरवाही न बन जाए मुसीबत, 1.30 लाख लोगों ने नहीं लगवाया दूसरा टीका
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बदायूं। कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने में लोग लापरवाही दिखा रहे हैं। अब तक जिले में 10 लाख से ज्यादा लोग टीकाकरण करा चुके हैं लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि इनमें सिर्फ 10.40 फीसदी लोगों ने ही दूसरा टीका लगवाया है। 1.30 लाख ऐसे लोग हैं जिन्होंने अवधि पूरी होने के बाद भी अब तक दूसरा टीका नहीं लगवाया है। यह हालात तब हैं जब शनिवार को सिर्फ दूसरे टीका लगवाने वालों के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा सीएचसी, पीएचसी पर दूसरे टीका के लिए अलग से व्यवस्था की गई है।
कोरोना टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था। पहले चरण में सरकारी और निजी स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया। दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका लगाया गया। इसके बाद अलग-अलग आयु वर्ग का टीकाकरण चालू किया गया। जिले में अब तक कुल 10 लाख एक हजार 602 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें मात्र एक लाख 40 हजार 829 लोग ही ऐसे हैं जिन्होंने समय से दूसरा टीका भी लगवाया है। शेष आठ लाख 75 हजार 173 लोगों में एक लाख 30 हजार से ज्यादा ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने समय पूरा होने के बाद भी अब तक दूसरा टीका नहीं लगवाया है। आने वाले दिनों में कोरोना की तीसरी लहर का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में अगर लोग समय से दूसरा टीका नहीं लेते तो उनके संक्रमण की चपेट में आने का ज्यादा खतरा रहेगा।
कोवैक्सीन के पहले टीके के बाद 28 से 42 और कोविशील्ड में 42 से 84 दिन में दूसरा टीका लगवाना जरूरी होता है। प्रतिरक्षण प्रणाली अधूरी रहती है। ऐसे में दूसरा टीका न लगवाने पर संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। दूसरा टीका लगवाने के लिए कम संख्या में लोगों के टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचने से अधिकारी भी चिंतित हैं। जिला और जिला महिला अस्पताल के साथ सभी सीएचसी और पीएचसी पर दूसरे टीका के लिए अलग से व्यवस्था के बाद भी अपेक्षा के अनुसार लोग टीका लगवाने नहीं पहुंच रहे।
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दो दिन मेगा कैंप, 90 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य
बृहस्पतिवार और शुक्रवार को जिले में टीकाकरण के मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान दो दिन में 90 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। दोनों दिन 45-45 हजार लोगों को टीका लगाया जाएगा। कोल्डचेन में वैक्सीन की एक लाख से ज्यादा डोज उपलब्ध हैं। इसके बाद शनिवार को जिले में टीकाकरण केंद्रों पर सिर्फ दूसरा टीका ही लगाया जाएगा। हालांकि, अगर कोई पहला टीका लगवाने पहुंचता है तो उसे भी टीकाकरण केंद्र से बिना टीका लगाए वापस नहीं होना होगा।
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आठ घंटे मिले बिजली तब भी सुरक्षित रहेगी वैक्सीन, दो आईआरएल और मिले
जिले को दो आईआरएल (आइस लाइंड रेफ्रिजरेटर) और मिल गए हैं। इनमें कोरोना वैक्सीन सुरक्षित रहेगी। दोनों की क्षमता दो लाख वैक्सीन स्टोरेज की है। इन आईआरएल की खासियत है कि अगर बिजली सप्लाई सिर्फ आठ घंटे भी मिले तब भी वैक्सीन के लिए जरूरी तापमान बना रहेगा। आईएलआर के लिए चौबीस घंटे बिजली की जरूरत नहीं होगी। बुधवार को कोल्डचेन में आईआरएल में वैक्सीन रखने का काम शुरू कर दिया गया। दरअसल, वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए दो से पांच डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है। विशेष प्रकार के यह आईआरएल तापमान को वैक्सीन की जरूरत के हिसाब से मेंटेन रखेंगे।
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जिले में अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा चुका है। चिंता का विषय यह है कि दूसरा टीका लगवाने को लेकर लोग गंभीर नहीं हैं। 1.30 लाख ऐसे लोग हैं जिन्होंने समय पूरा होने के बाद भी दूसरा टीका नहीं लगवाया है। दूसरे टीका के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। समय पर दूसरा टीका न लगवाने पर वैक्सीनेशन निष्प्रभावी रहेगा।
-डॉ. असलम, एसीएमओ / नोडल अधिकारी टीकाकरण
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कोरोना टीकाकरण 16 जनवरी से शुरू हुआ था। पहले चरण में सरकारी और निजी स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण किया गया। दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर्स को टीका लगाया गया। इसके बाद अलग-अलग आयु वर्ग का टीकाकरण चालू किया गया। जिले में अब तक कुल 10 लाख एक हजार 602 लोगों को टीका लगाया जा चुका है। इनमें मात्र एक लाख 40 हजार 829 लोग ही ऐसे हैं जिन्होंने समय से दूसरा टीका भी लगवाया है। शेष आठ लाख 75 हजार 173 लोगों में एक लाख 30 हजार से ज्यादा ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने समय पूरा होने के बाद भी अब तक दूसरा टीका नहीं लगवाया है। आने वाले दिनों में कोरोना की तीसरी लहर का भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में अगर लोग समय से दूसरा टीका नहीं लेते तो उनके संक्रमण की चपेट में आने का ज्यादा खतरा रहेगा।
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कोवैक्सीन के पहले टीके के बाद 28 से 42 और कोविशील्ड में 42 से 84 दिन में दूसरा टीका लगवाना जरूरी होता है। प्रतिरक्षण प्रणाली अधूरी रहती है। ऐसे में दूसरा टीका न लगवाने पर संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। दूसरा टीका लगवाने के लिए कम संख्या में लोगों के टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचने से अधिकारी भी चिंतित हैं। जिला और जिला महिला अस्पताल के साथ सभी सीएचसी और पीएचसी पर दूसरे टीका के लिए अलग से व्यवस्था के बाद भी अपेक्षा के अनुसार लोग टीका लगवाने नहीं पहुंच रहे।
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दो दिन मेगा कैंप, 90 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य
बृहस्पतिवार और शुक्रवार को जिले में टीकाकरण के मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान दो दिन में 90 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। दोनों दिन 45-45 हजार लोगों को टीका लगाया जाएगा। कोल्डचेन में वैक्सीन की एक लाख से ज्यादा डोज उपलब्ध हैं। इसके बाद शनिवार को जिले में टीकाकरण केंद्रों पर सिर्फ दूसरा टीका ही लगाया जाएगा। हालांकि, अगर कोई पहला टीका लगवाने पहुंचता है तो उसे भी टीकाकरण केंद्र से बिना टीका लगाए वापस नहीं होना होगा।
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आठ घंटे मिले बिजली तब भी सुरक्षित रहेगी वैक्सीन, दो आईआरएल और मिले
जिले को दो आईआरएल (आइस लाइंड रेफ्रिजरेटर) और मिल गए हैं। इनमें कोरोना वैक्सीन सुरक्षित रहेगी। दोनों की क्षमता दो लाख वैक्सीन स्टोरेज की है। इन आईआरएल की खासियत है कि अगर बिजली सप्लाई सिर्फ आठ घंटे भी मिले तब भी वैक्सीन के लिए जरूरी तापमान बना रहेगा। आईएलआर के लिए चौबीस घंटे बिजली की जरूरत नहीं होगी। बुधवार को कोल्डचेन में आईआरएल में वैक्सीन रखने का काम शुरू कर दिया गया। दरअसल, वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए दो से पांच डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है। विशेष प्रकार के यह आईआरएल तापमान को वैक्सीन की जरूरत के हिसाब से मेंटेन रखेंगे।
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जिले में अब तक 10 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा चुका है। चिंता का विषय यह है कि दूसरा टीका लगवाने को लेकर लोग गंभीर नहीं हैं। 1.30 लाख ऐसे लोग हैं जिन्होंने समय पूरा होने के बाद भी दूसरा टीका नहीं लगवाया है। दूसरे टीका के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। समय पर दूसरा टीका न लगवाने पर वैक्सीनेशन निष्प्रभावी रहेगा।
-डॉ. असलम, एसीएमओ / नोडल अधिकारी टीकाकरण