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चार ब्लॉक के 94 से अधिक गांवों में बुखार का प्रकोप, महिला की मौत
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बदायूं/कुंवरगांव। जिले में जानलेवा बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। बृहस्पतिवार को भी एक बुखार पीड़ित महिला की मौत हो गई। वहीं कक्षा 11 के छात्र में प्लेटलेट्स काफी कम निकलीं। स्वास्थ्य विभाग खुद स्वीकार कर रहा है कि चार ब्लॉक के 94 से ज्यादा गांवों में मलेरिया, फैल्सीपेरम फैला हुआ है।
शहर के लालपुल इलाके में रहने वाले प्रेमपाल की पत्नी ओमवती को कई दिन से बुखार आ रहा था। शरीर में खून की कमी भी हो गई थी। परिवार वालों ने निजी डॉक्टर से भी इलाज कराया। बृहस्पतिवार को ओमवती की हालत ज्यादा खराब हो गई। उनको जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इधर, कुुंवरगांव कस्बे के वार्ड नंबर नौ निवासी एक छात्र में प्लेटलेट्स काफी कम निकले हैं। कक्षा 11 के छात्र पारस पाठक पुत्र मोतीलाल पाठक को कई दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार को परिवार वाले पारस को जिला अस्पताल लाए। यहां रक्त की जांच में प्लेटलेट्स कम मिले हैं। परिजन डेंगू की आशंका जता रहे हैं, हालांकि, अधिकारिक तौर पर छात्र को डेंगू की पुष्टि अभी नहीं की गई है। बुखार से मौतों की बात से भी स्वास्थ्य विभाग इंकार कर रहा है।
तीन संदिग्ध मरीजों का एलाइजा टेस्ट, नहीं हुई डेंगू की पुष्टि
बदायूं। मलेरिया, फैल्सीपेरम के बीच जिले में फैल रहे डेंगू के डर के बीच तीन मरीजों की जांच रिपोर्ट राहत देने वाली आई है। संदिग्ध डेंगू के मरीजों का एलाइजा टेस्ट के लिए बरेली प्रयोगशाला भेजा गया था। बृहस्पतिवार को आई रिपोर्ट में किसी भी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं की गई है।
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शहर के जालंधरी सराय निवासी भाजपा नेता अंकित मौर्य, सिविल लाइंस के गांव भगवतीपुर के उमेश राठौर और शेखूपुर की नत्थो देवी को कई दिन से बुखार आ रहा था। इन लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने डेंगू के लिहाज से तीनों को संदिग्ध मानते हुए एलाइजा टेस्ट कराया। जिला अस्पताल बरेली की प्रयोगशाला से तीनों मरीजों की एलाइजा रिपोर्ट मिल गई है। तीनों को डेंगू की पुष्टि नहीं की गई है। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता का कहना है कि अब तक जिले में किसी मरीज को डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। कुछ निजी अस्पताल प्लेटलेट्स कम होने के आधार पर ही डेंगू की पुष्टि कर रहे हैं।
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शहर के लालपुल इलाके में रहने वाले प्रेमपाल की पत्नी ओमवती को कई दिन से बुखार आ रहा था। शरीर में खून की कमी भी हो गई थी। परिवार वालों ने निजी डॉक्टर से भी इलाज कराया। बृहस्पतिवार को ओमवती की हालत ज्यादा खराब हो गई। उनको जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इधर, कुुंवरगांव कस्बे के वार्ड नंबर नौ निवासी एक छात्र में प्लेटलेट्स काफी कम निकले हैं। कक्षा 11 के छात्र पारस पाठक पुत्र मोतीलाल पाठक को कई दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार को परिवार वाले पारस को जिला अस्पताल लाए। यहां रक्त की जांच में प्लेटलेट्स कम मिले हैं। परिजन डेंगू की आशंका जता रहे हैं, हालांकि, अधिकारिक तौर पर छात्र को डेंगू की पुष्टि अभी नहीं की गई है। बुखार से मौतों की बात से भी स्वास्थ्य विभाग इंकार कर रहा है।
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तीन संदिग्ध मरीजों का एलाइजा टेस्ट, नहीं हुई डेंगू की पुष्टि
बदायूं। मलेरिया, फैल्सीपेरम के बीच जिले में फैल रहे डेंगू के डर के बीच तीन मरीजों की जांच रिपोर्ट राहत देने वाली आई है। संदिग्ध डेंगू के मरीजों का एलाइजा टेस्ट के लिए बरेली प्रयोगशाला भेजा गया था। बृहस्पतिवार को आई रिपोर्ट में किसी भी मरीज में डेंगू की पुष्टि नहीं की गई है।
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शहर के जालंधरी सराय निवासी भाजपा नेता अंकित मौर्य, सिविल लाइंस के गांव भगवतीपुर के उमेश राठौर और शेखूपुर की नत्थो देवी को कई दिन से बुखार आ रहा था। इन लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने डेंगू के लिहाज से तीनों को संदिग्ध मानते हुए एलाइजा टेस्ट कराया। जिला अस्पताल बरेली की प्रयोगशाला से तीनों मरीजों की एलाइजा रिपोर्ट मिल गई है। तीनों को डेंगू की पुष्टि नहीं की गई है। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता का कहना है कि अब तक जिले में किसी मरीज को डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। कुछ निजी अस्पताल प्लेटलेट्स कम होने के आधार पर ही डेंगू की पुष्टि कर रहे हैं।