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किशोर व किशोरियों के टीकाकरण में सरकारी, बच्चों में निजी स्कूल अव्वल

Sun, 27 Mar 2022 12:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2022 12:54 AM IST
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Health,amar-ujala-abhiyan-education-health
टीका लगवाती छात्रा।संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। जिले में किशोर-किशोरियों के टीकाकरण में सरकारी और सहायता प्राप्त तो बच्चों के टीकाकरण में निजी स्कूल आगे हैं। 15 से 18 वर्ष तक के किशोर-किशोरियों का टीकाकरण तीन जनवरी से और 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण 16 मार्च से शुरू हुआ था। तब से अब तक के टीकाकरण की बात करें तो ज्यादातर टीकाकरण शिविर स्कूल कॉलेजों में लगाए गए हैं। बच्चों के टीकाकरण की रफ्तार कम है, लेकिन सोमवार से रफ्तार बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
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जिले में 15 से 18 वर्ष के किशोर-किशोरियों के टीकाकरण के मामले में अच्छी प्रगति रही है। 15 से 18 वर्ष तक के 2.19 लाख किशोर-किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य मिला है। अब तक 2.18 लाख किशोर-किशोरियां टीका लगवा चुके हैं। दूसरा टीका लगवाने वालों की संख्या भी करीब 75 हजार है। बोर्ड परीक्षा शुरू होने के कारण इन दिनों कॉलेेजों में इस आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए कैंप नहीं लगाए जा रहे हैं।
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15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के टीकाकरण की बात करें तो सरकारी कॉलेजों के मुकाबले निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में ज्यादा टीकाकरण हुआ है।
जिले को 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 1.32 लाख बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य मिला है। इनके टीकाकरण की शुरुआत भी 16 मार्च से हो चुकी है। अब तक पोलियो अभियान के कारण बच्चों के टीकाकरण केंद्रों की संख्या सीमित है। जिले में सिर्फ 16 केंद्रों पर टीकाकरण किया जा रहा है। 15 से 18 वर्ष के किशोर-किशोरियों के टीकाकरण को जिले में फिलहाल 56 केंद्र चल रहे हैं। बच्चों का टीकाकरण रविवार को पोलियो अभियान खत्म होने के बाद सोमवार से रफ्तार पकड़ेगा। शनिवार को दातागंज में ब्लूमिंगडेल स्कूल की शाखा में टीकाकरण कराया गया।
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पहले सोचते थे हमारी बारी कब आएगी... अब पीछे क्यों रहें
टीका लगवाने के बाद किशोर-किशोरियों ने साझा किए अनुभव
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। किशोर और किशोरियों में टीकाकरण को लेकर उत्साह है। यही कारण है कि लक्ष्य के सापेक्ष 15 सक 18 आयु वर्ग के लगभग शत-प्रतिशत किशोर-किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। जिले को 2.19 लाख किशोर-किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य मिला था। इनमें 2.18 हजार को टीका लगाया जा चुका है। 75 हजार ने दूसरा टीका भी लगवा लिया है। पहले टीके के 28 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जा रहा है।
टीका लगवाने वाले किशोर किशोरियों से बात करने पर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। प्रथम राठी ने कहा कि पिछले वर्ष जब टीकाकरण शुरू हुआ था उस समय सोचते थे कि हमारी बारी कब आएगी। किशोर-किशोरियों का टीकाकरण शुरू हो गया है तो पीछे क्यों रहते। हिमांशी, विकास, अनुभव, आलिमा ने भी कहा कि स्कूल में कैंप लगा था तभी उन्होंने टीका लगवा लिया। छात्र-छात्राओं में टीकाकरण को लेकर कोई भ्रांति नहीं है। उनमें तो उत्साह है। स्वास्थ्य विभाग ही जरूरत के अनुसार टीकाकरण कैंप नहीं लगा पा रहा है।
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स्कूल संचालकों ने कहा-हमारी तैयारी पूरी
टीकाकरण की पूरी तैयारी है। दोनों आयु वर्ग में पहले से छात्र-छात्राओं का पूरा ब्योरा जुटा लिया गया है। एक दो बार स्कूल में टीकाकरण कैंप लग भी चुके हैं। छात्र-छात्राओं का ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को भी दे दिया गया है। छात्र-छात्राएं टीकाकरण को लेकर उत्साहित हैं।
-पम्मी मेहदीरत्ता, प्रबंधक ब्लूमिंगडेल स्कूल
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स्कूल में दो बार कैंप लग चुका है। टीकाकरण कैंप में काफी संख्या में 15 से 18 वर्ष के छात्र-छात्राओं को टीका लगाया जा चुका है। 12 से 14 वर्ष के छात्र-छात्राओं का ब्योरा तैयार है। टीकाकरण की पूरी तैयारी कर ली गई है। स्वास्थ्य विभाग को भी डाटा उपलब्ध करा दिया गया है।
-कालिका प्रसाद, प्रधानाचार्य शिशु मंदिर इंटर कॉलेज
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अभिभावकों ने कहा-सभी को लग गया टीका
पूरे परिवार का टीकाकरण हो चुका है। बच्चों को अभी पहला टीका लगा है। समय पर दूसरा टीका भी लगवाएंगे। टीकाकरण ही कोरोना से बचाव का सुरक्षा कवच है। यह बात सभी को समझनी चाहिए। टीकाकरण को लेकर किसी भ्रांति में न आएं। जरूरी है कि प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाएं।
-जुबैर अहमद
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मेरे पूरे परिवार में कोई भी ऐसा नहीं है जिसके टीका न लगा हो। किशोर-किशोरियों का टीकाकरण शुरू हुआ तो बच्चों को भी बता दिया कि पहले टीका लगवा लें। बच्चों के पहला टीका लग चुका है। समय से उनको दूसरा टीका भी लगवा दूंगी। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वह समय से बच्चों को टीका लगवाएं।
- सुमन सिंह
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बच्चों ने कहा-टीका लगाने के बाद कोई दिक्कत नहीं आई
कोरोना का टीका लगवाने का अच्छा अनुभव रहा। किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई। इस बात को तो हम भी समझते हैं कि वैक्सीनेशन ही कोरोना से बचाव का कवच है।
-प्रथम राठी
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मैं तो पहले दिन से इंतजार कर रही थी कि आखिर कब मेरी बारी आएगी। अपनी बारी आने पर मैंने सबसे पहले टीका लगवाया। परिवार के लोगों का भी टीकाकरण हो चुका है।
-अलिमा अंसारी
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सबको टीका लग रहा था। जब 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग का भी टीकाकरण शुरू होने के बारे में पता लगा तो काफी खुशी हुई। स्कूल में जिस दिन कैंप लगा था उसी दिन टीका लगवा लिया।
-आइना गुप्ता
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परिवार में सभी को पहले ही टीका लग चुका है। हमें टीका नहीं लगा था। बच्चों का टीकाकरण चालू होने के बाद हम लोगों ने भी टीका लगवा लिया हे। अब दूसरे टीके का इंतजार है।
-अंजला
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स्कूल में आज ही टीकाकरण हुआ है। बच्चों में काफी उत्साह रहा। सहपाठियों के साथ मैंने भी टीका लगवाया। टीका लगने के बाद अच्छा महसूस हो रहा है।
-हिमांशी राघव
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बड़े भले ही टीकाकरण से बचते हों, लेकिन हमारे स्कूल में बच्चों में टीकाकरण को लेकर उत्साह है। शनिवार को स्कूल में कैंप लगा तो बच्चों ने बढ़-चढ़कर टीका लगवाया।-सुमन सोलंकी

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टीकाकरण की सही प्रगति हो रही है। लगभग शत प्रतिशत किशोर-किशोरियों को पहला टीका लगाया जा चुका है। इनको अब दूसरा टीका लगाया जा रहा है। सोमवार से 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण भी रफ्तार पकड़ेगा। समय रहते टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।
-डॉ. मोहम्मद असलम, एसीएमओ / नोडल अधिकारी टीकाकरण
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