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हेडमास्टर के खिलाफ गैरजमानती वारंट
ब्यूरो /बदायूं
Updated Tue, 13 Sep 2016 12:50 AM IST
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अपहरण के दौरान दुष्कर्म पीड़ित छात्रा की आयु का पता लगाने के लिए कोर्ट द्वारा तलब किए जाने के बाद भी संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक पंजीकरण रजिस्ट्रर के साथ हाजिर नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया है। साथ ही इस मामले में अवमानना का नोटिस जारी करते हुए गुन्नौर के खंड शिक्षाधिकारी और संभल के बीएसए को भी 16 सितंबर को तलब किया गया है।
यह घटना संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र में घटी थी। एक प्राथमिक स्कूल की छात्रा का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया था। यह मामला बदायूं एसीजेएम द्धितीय अमरजीत के न्यायालय में चल रहा है। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उसकी सुपुदर्गी के बारे में आयु निर्धारण के लिए संबंधित प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को नौ सितंबर को स्कूल का पंजीकरण रजिस्टर सहित हाजिर होने का आदेश दिया। प्रधानाध्यापक यह कहते हुए कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ कि उसके पास कोर्ट में हाजिर होने संबंधित कोई आदेश नहीं है। ऐसा ही रजपुरा के खंड शिक्षाधिकारी और बीएसए संभल ने भी दोहराया। पंजीकरण रजिस्टर नहीं आने के कारण छात्रा की आयु का निर्धारण नहीं हो सका। जिसकी वजह से उसकी सुपुदर्गी के बारे में भी फैसला नहीं हो पाया। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक स्कूल मुटैना के प्रधानाध्यापक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही विवेचक को आदेश दिया है कि वह स्वयं गैरजमानती वारंट का निष्पादन कराए। कोर्ट ने इस मामले में रजपुरा के खंड शिक्षाधिकारी और बीएसए संभल को भी कोर्ट की अवमानना का नोटिस देते हुए 16 सितंबर को व्यक्तिगत कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।
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यह घटना संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र में घटी थी। एक प्राथमिक स्कूल की छात्रा का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया था। यह मामला बदायूं एसीजेएम द्धितीय अमरजीत के न्यायालय में चल रहा है। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उसकी सुपुदर्गी के बारे में आयु निर्धारण के लिए संबंधित प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को नौ सितंबर को स्कूल का पंजीकरण रजिस्टर सहित हाजिर होने का आदेश दिया। प्रधानाध्यापक यह कहते हुए कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ कि उसके पास कोर्ट में हाजिर होने संबंधित कोई आदेश नहीं है। ऐसा ही रजपुरा के खंड शिक्षाधिकारी और बीएसए संभल ने भी दोहराया। पंजीकरण रजिस्टर नहीं आने के कारण छात्रा की आयु का निर्धारण नहीं हो सका। जिसकी वजह से उसकी सुपुदर्गी के बारे में भी फैसला नहीं हो पाया। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्राथमिक स्कूल मुटैना के प्रधानाध्यापक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही विवेचक को आदेश दिया है कि वह स्वयं गैरजमानती वारंट का निष्पादन कराए। कोर्ट ने इस मामले में रजपुरा के खंड शिक्षाधिकारी और बीएसए संभल को भी कोर्ट की अवमानना का नोटिस देते हुए 16 सितंबर को व्यक्तिगत कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।
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