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सीबीआई के खिलाफ कोर्ट में जाने की तैयारी में आरोपी उदय का परिवार
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बदायूं। शहर के गुप्ता दंपती हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई कई ऐसी बातें निकालकर लाई है जिससे उदय प्रकाश के परिवार वाले परेशान हैं। उन्होंने सीबीआई पर ही उत्पीड़न और अन्याय करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वे सीबीआई को कोर्ट में चुनौती देंगे।
गुप्ता दंपती हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई कटरा ब्राहमपुर के ही आत्महत्या कर चुके उदय प्रकाश वर्मा को आरोपी बनाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए सीबीआई ने उदय के घर से बरामद कुछ पुरानी वस्तुओं को सुबूत भी बनाया है। उदय की पत्नी अब दूसरे व्यक्ति से शादी कर चुकी है। उसे उदय के खिलाफ गवाह बनाया गया है। इसके अलावा उदय के भाई योगेश और परिवार वालों पर गवाह बनने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
योगेश के मुताबिक उनका भाई उदय इस हत्याकांड में शामिल नहीं था। यह गुप्ता दंपती के परिवार वाले और स्थानीय पुलिस भी जानती है। उदय के खिलाफ एक भी सुबूत नहीं था लेकिन सीबीआई ने जबरन उन पुरानी वस्तुओं को सुबूत बनाया जो उनके लिए बेकार थे। इसमें दो पुराने कपड़े, जिन्हें कभी घर में पोंछे के रूप में इस्तेमाल किया गया था। एक पुराना चाकू जिस पर छत पर पड़े पड़े जंक लग गया था, शामिल हैं। उन्होंने भाई को आरोपी मानने से इनकार किया तो सीबीआई ने उल्टे उन्हीं पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है, उनका उत्पीड़न किया गया। उनसे ऐसी छोटी-छोटी बातें पूछीं जा रहीं हैं जिनका इस केस से कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों को भी बीच में लाया जा रहा है। इससे उनका परिवार पूरी तरह से परेशान है। अब उनके पास कोर्ट में सीबीआई के खिलाफ खड़े होने के अलावा कोई चारा नहीं है। अगर सीबीआई सच्चाई सामने नहीं लाई या उन्हें परेशान करना बंद नहीं किया तो वह कोर्ट में जाने को विवश होंगे।
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उदय के परिवार वालों के खातों की डिटेल खंगाल रही सीबीआई
बदायूं। गुप्ता दंपती हत्याकांड मेें सीबीआई उदय प्रकाश वर्मा के परिवार वालों के खातों की डिटेल भी खंगाल रही है।
सीबीआई साल 2015 से लेकर अब तक खाते में कहां से रकम आई किसने और क्यों डाली प्रत्येक एंट्री का जवाब मांग रही है। इसके उत्तर में उदय के भाई योगेश ने बताया है कि उस समय वह आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। उनके ससुराल वाले बरेली से मदद करते थे। वह कभी पांच तो कभी दस हजार रुपये खाते में डालकर मदद करते थे। इससे उनके घर का खर्चा चलता था। संवाद
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गुप्ता दंपती हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई कटरा ब्राहमपुर के ही आत्महत्या कर चुके उदय प्रकाश वर्मा को आरोपी बनाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए सीबीआई ने उदय के घर से बरामद कुछ पुरानी वस्तुओं को सुबूत भी बनाया है। उदय की पत्नी अब दूसरे व्यक्ति से शादी कर चुकी है। उसे उदय के खिलाफ गवाह बनाया गया है। इसके अलावा उदय के भाई योगेश और परिवार वालों पर गवाह बनने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
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योगेश के मुताबिक उनका भाई उदय इस हत्याकांड में शामिल नहीं था। यह गुप्ता दंपती के परिवार वाले और स्थानीय पुलिस भी जानती है। उदय के खिलाफ एक भी सुबूत नहीं था लेकिन सीबीआई ने जबरन उन पुरानी वस्तुओं को सुबूत बनाया जो उनके लिए बेकार थे। इसमें दो पुराने कपड़े, जिन्हें कभी घर में पोंछे के रूप में इस्तेमाल किया गया था। एक पुराना चाकू जिस पर छत पर पड़े पड़े जंक लग गया था, शामिल हैं। उन्होंने भाई को आरोपी मानने से इनकार किया तो सीबीआई ने उल्टे उन्हीं पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है, उनका उत्पीड़न किया गया। उनसे ऐसी छोटी-छोटी बातें पूछीं जा रहीं हैं जिनका इस केस से कोई लेना देना नहीं है। उनके रिश्तेदारों को भी बीच में लाया जा रहा है। इससे उनका परिवार पूरी तरह से परेशान है। अब उनके पास कोर्ट में सीबीआई के खिलाफ खड़े होने के अलावा कोई चारा नहीं है। अगर सीबीआई सच्चाई सामने नहीं लाई या उन्हें परेशान करना बंद नहीं किया तो वह कोर्ट में जाने को विवश होंगे।
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उदय के परिवार वालों के खातों की डिटेल खंगाल रही सीबीआई
बदायूं। गुप्ता दंपती हत्याकांड मेें सीबीआई उदय प्रकाश वर्मा के परिवार वालों के खातों की डिटेल भी खंगाल रही है।
सीबीआई साल 2015 से लेकर अब तक खाते में कहां से रकम आई किसने और क्यों डाली प्रत्येक एंट्री का जवाब मांग रही है। इसके उत्तर में उदय के भाई योगेश ने बताया है कि उस समय वह आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे। उनके ससुराल वाले बरेली से मदद करते थे। वह कभी पांच तो कभी दस हजार रुपये खाते में डालकर मदद करते थे। इससे उनके घर का खर्चा चलता था। संवाद