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Budaun News: जनरल सर्जन हैं नहीं बना रहे मॉड्यूलर ओटी
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जिला अस्पताल में तैयार कराया जा रहा मॉड्यूलर आपरेशन थियेटर (ओटी)। संवाद
- फोटो : :रामनरेश वर्मा की फाइल फोटो ।
बदायूं। जिला अस्पताल में पिछले तीन महीने से एक भी जनरल सर्जन की तैनाती नहीं है, जिस कारण यहां सामान्य ऑपरेशन संभव नहीं हो पा रहे। केवल हड्डी से संबंधित ही तीन-चार ऑपरेशन रोजाना किए जा रहे हैं। भविष्य में जनरल सर्जन मिलने की उम्मीद में यहां मॉड्यूलर ओटी का निर्माण कराया जा रहा है। सीएमएस का दावा है कि मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में ऑपरेशन संबंधी सभी सहूलतें होंगी। सबसे खास मरीज में संक्रमण फैलने की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी।
जिला अस्पताल में जनपद का पहला मॉड्यूलर ओटी बनाया जा रहा है। इसे करीब छह लाख रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस ओटी में ऑपरेशन के बाद चिकित्सकों को किसी भी उपकरण को हाथ लगाने की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। मरीज को ओटी में संक्रमण का खतरा भी नहीं रहेगा।
सीएमएस ने बताया कि अमूमन देखा जाता है कि ऑपरेशन के बाद अधिकांश मरीजों में इंफेक्शन हो जाता है। इसका मुख्य कारण होता है कि ऑपरेशन के उपकरण में कहीं खून लगा रहता है या फिर अच्छे से उसकी सफाई नहीं की जाती है, लेकिन मॉड्यूलर ओटी तैयार होने के बाद इन सब समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। ओटी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सारे वैक्टीरिया सेंसर के जरिए स्वत: बाहर चले जाएंगे।
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बता दें कि जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 12 मरीज हड्डी का ऑपरेशन कराने के लिए आ रहे हैं। यहां हर रोज तीन से चार ऑपरेशन हो रहे हैं। जिला अस्पताल के हड्डी विभाग में महज दो सर्जन डॉ. वागीश वार्ष्णेय व डॉ. रियाज अहमद ही हैं। बताया जा रहा है कि ओटी के उच्चीकरण के लिए बजट आया था। मार्च से पहले काम नहीं कराया तो बजट वापस हो जाएगा। इस कारण आनन-फानन में ओटी को अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस किया जा रहा है।
सेंसर युक्त होगा दरवाजा
जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को ही मॉड्यूलर ओटी में तब्दील किया जा रहा है। इसमें सेंसर युक्त दरवाजा लगेगा। इसके अलावा नल की टोंटी भी सेंसर से अटैच होगी। ऑपरेशन के बाद चिकित्सक जैसे ही दरवाजे के पास पहुंचेंगे। ऑटोक्लेव मशीन होगी। जहां अत्याधुनिक तरीके से उपकरण की सफाई होगी। हाईटेक लाइट समेत कई अन्य व्यवस्थाएं भी ओटी में होगी।
मॉड्यूलर ओटी में सारे उपकरण डिजिटल व हाईटेक होंगे। दरवाजा, नल की टोंटियां सेंसर युक्त होंगी। मशीन के जरिए उपकरणों की साफ-सफाई होगी। सबसे अच्छी बात यह है कि मरीज व डॉक्टर दोनों ही इंफेक्शन से बच सकेंगे। - कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में जनपद का पहला मॉड्यूलर ओटी बनाया जा रहा है। इसे करीब छह लाख रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस ओटी में ऑपरेशन के बाद चिकित्सकों को किसी भी उपकरण को हाथ लगाने की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। मरीज को ओटी में संक्रमण का खतरा भी नहीं रहेगा।
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सीएमएस ने बताया कि अमूमन देखा जाता है कि ऑपरेशन के बाद अधिकांश मरीजों में इंफेक्शन हो जाता है। इसका मुख्य कारण होता है कि ऑपरेशन के उपकरण में कहीं खून लगा रहता है या फिर अच्छे से उसकी सफाई नहीं की जाती है, लेकिन मॉड्यूलर ओटी तैयार होने के बाद इन सब समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। ओटी में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सारे वैक्टीरिया सेंसर के जरिए स्वत: बाहर चले जाएंगे।
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बता दें कि जिला अस्पताल में रोजाना 10 से 12 मरीज हड्डी का ऑपरेशन कराने के लिए आ रहे हैं। यहां हर रोज तीन से चार ऑपरेशन हो रहे हैं। जिला अस्पताल के हड्डी विभाग में महज दो सर्जन डॉ. वागीश वार्ष्णेय व डॉ. रियाज अहमद ही हैं। बताया जा रहा है कि ओटी के उच्चीकरण के लिए बजट आया था। मार्च से पहले काम नहीं कराया तो बजट वापस हो जाएगा। इस कारण आनन-फानन में ओटी को अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस किया जा रहा है।
सेंसर युक्त होगा दरवाजा
जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को ही मॉड्यूलर ओटी में तब्दील किया जा रहा है। इसमें सेंसर युक्त दरवाजा लगेगा। इसके अलावा नल की टोंटी भी सेंसर से अटैच होगी। ऑपरेशन के बाद चिकित्सक जैसे ही दरवाजे के पास पहुंचेंगे। ऑटोक्लेव मशीन होगी। जहां अत्याधुनिक तरीके से उपकरण की सफाई होगी। हाईटेक लाइट समेत कई अन्य व्यवस्थाएं भी ओटी में होगी।
मॉड्यूलर ओटी में सारे उपकरण डिजिटल व हाईटेक होंगे। दरवाजा, नल की टोंटियां सेंसर युक्त होंगी। मशीन के जरिए उपकरणों की साफ-सफाई होगी। सबसे अच्छी बात यह है कि मरीज व डॉक्टर दोनों ही इंफेक्शन से बच सकेंगे। - कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल