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Budaun News: गंगा का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ के खतरे में 22 गांव
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कछला घाट पर जलस्तर बढ़ने पर चपेट में आई प्रसाद विक्रेता की दुकान। संवाद
बदायूं। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर पांच दिन से लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने की वजह से 56 सेंटीमीटर गंगा के जलस्तर में इजाफा हुआ है। अगले 12 से 15 घंटे में पानी अभी और बढ़ेगा। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे बसे 22 गांव बाढ़ के खतरे में हैं। निचले हिस्सों में खेत डूबने की स्थिति में हैं। फसलें भी बर्बाद हो सकती हैं। बाढ़ खंड विभाग ने सभी चौकियों को अलर्ट कर दिया है।
मानसून आने के बाद मैदानी क्षेत्र के साथ-साथ पहाड़ों पर भी जमकर बारिश हो रही है। इस कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार सुबह कछला पर गंगा का गेज 160.26 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया था, जो अब बढ़कर 160.82 सेंटीमीटर हो गया है। पिछले 24 घंटे में गंगा में 56 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वहीं रविवार सुबह छह बजे नरौरा से 8862 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। दोपहर में दो बजे 76,000 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। यह पानी जिले में 12 से 15 घंटे में प्रवेश कर जाएगा। इससे गंगा का जलस्तर और बढ़ेगा। शाम तक और पानी छोड़े जाने की उम्मीद है। बाढ़ खंड के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भी गंगा नदी के तटबंधों की ओर रुख कर लिया है ताकि मौके की सही जानकारी मिल सके।
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यह है बाढ़ चौकियां
-तहसील मुख्यालय सहसवान
-धापड़
-मालपुर ततैरा
-सुकर्रा
-औरंगाबाद टप्पा जामनी
-कछला
-भूड़ा भदरौल
-रसूलपुर पुठी
-तहसील मुख्यालय बदायूं
-चौसिंगा
-हुसैनपुर पुख्ता
-समरेर
-डॉडी
-नगरिया खनू
-हजरतपुर
-भूंडी
-कटरा सहादतगंज
-पथरामई
-उसहैत
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
फैक्ट फाइल
-कछला गेज-160.82
-नरौरा-76891 क्यूसेक
-बिजनौर-1,95,582 क्यूसेक
-हरिद्वार-92665 क्यूसेक
से गांव हैं खतरे में
भमरौलिया, खागी नगला, परशुराम नगला, तोफी नगला, टोटपुर, सुकर्रा, आसेनगला, वीर सहाय नगला, जामुनी की मढैया, कमलू नगला, बछौरा, बहेटी, भूंडी आदि 20 गांव बाढ़ के खतरे में है। इन गांवों के खेत डूबने का भी खतरा है।
बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इससे गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। इसको लेकर ग्रामीणों को पहले ही सचेत कर दिया गया है कि वह गंगा के किनारे न जाएं। साथ ही बाढ़ चौकियां भी अलर्ट कर दी गईं हैं। -उमेश चंद्रा, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
कछला में गंगा के बढ़ते जलस्तर की चपेट में आईं दो दर्जन दुकानें
- रविवार तड़के दुकानदारों को सामान समेटना भी हो गया मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
कछला। पहाड़ों पर लगातार बारिश होने का असर गंगा के स्थानीय घाट पर दिखाई देने लगा है। रविवार तड़के करीब पांच बजे गंगा का जलस्तर बढ़ा तो कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर झोंपड़ीनुमा दुकानों में पानी घुस गया। दुकानदारों को अंदर से सामान समेटकर बाहर निकालना भी मुश्किल हो गया। दो-तीन दुकानों के छप्पर ओर बल्लियां गंगा में बह गईं।
गंगा किनारे झोंपड़ीनुमा दुकानों में प्रसाद समेत खानपान की वस्तुएं बेचने वाले दुकानदारों में सबसे ज्यादा नुकसान रामू कश्यप, सतीश शर्मा प्रेमपाल कश्यप और जुगनू का हुआ है। प्रेमपाल ने बताया कि एक दर्जन से अधिक दुकानें गंगा में अचानक बढ़े जलस्तर की चपेट में आ गईं हैं। उस वक्त कुछेक दुकानदार ही मौके पर थे। जलस्तर बढ़ने की भनक लगते ही अन्य दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए। सभी का जोर पहले अंदर से सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देना रहा। इसके बाद भी पांच- छह दुकानों के छप्पर और बल्लियां गंगा में बह गईं।
दुकानदारों में रामू ने बताया कि महज छप्पर और बल्लियों के बह जाने से ही करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हो गया है। खानपान का सामान बचा लिया गया है। दुकानदारों ने दोपहर बाद सुरक्षित स्थानों पर दुकानें लगानी शुरू कर दी हैं।
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मानसून आने के बाद मैदानी क्षेत्र के साथ-साथ पहाड़ों पर भी जमकर बारिश हो रही है। इस कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार सुबह कछला पर गंगा का गेज 160.26 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया गया था, जो अब बढ़कर 160.82 सेंटीमीटर हो गया है। पिछले 24 घंटे में गंगा में 56 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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वहीं रविवार सुबह छह बजे नरौरा से 8862 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। दोपहर में दो बजे 76,000 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। यह पानी जिले में 12 से 15 घंटे में प्रवेश कर जाएगा। इससे गंगा का जलस्तर और बढ़ेगा। शाम तक और पानी छोड़े जाने की उम्मीद है। बाढ़ खंड के जिला स्तरीय अधिकारियों ने भी गंगा नदी के तटबंधों की ओर रुख कर लिया है ताकि मौके की सही जानकारी मिल सके।
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यह है बाढ़ चौकियां
-तहसील मुख्यालय सहसवान
-धापड़
-मालपुर ततैरा
-सुकर्रा
-औरंगाबाद टप्पा जामनी
-कछला
-भूड़ा भदरौल
-रसूलपुर पुठी
-तहसील मुख्यालय बदायूं
-चौसिंगा
-हुसैनपुर पुख्ता
-समरेर
-डॉडी
-नगरिया खनू
-हजरतपुर
-भूंडी
-कटरा सहादतगंज
-पथरामई
-उसहैत
फैक्ट फाइल
-कछला गेज-160.82
-नरौरा-76891 क्यूसेक
-बिजनौर-1,95,582 क्यूसेक
-हरिद्वार-92665 क्यूसेक
से गांव हैं खतरे में
भमरौलिया, खागी नगला, परशुराम नगला, तोफी नगला, टोटपुर, सुकर्रा, आसेनगला, वीर सहाय नगला, जामुनी की मढैया, कमलू नगला, बछौरा, बहेटी, भूंडी आदि 20 गांव बाढ़ के खतरे में है। इन गांवों के खेत डूबने का भी खतरा है।
बैराजों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इससे गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होगी। इसको लेकर ग्रामीणों को पहले ही सचेत कर दिया गया है कि वह गंगा के किनारे न जाएं। साथ ही बाढ़ चौकियां भी अलर्ट कर दी गईं हैं। -उमेश चंद्रा, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
कछला में गंगा के बढ़ते जलस्तर की चपेट में आईं दो दर्जन दुकानें
- रविवार तड़के दुकानदारों को सामान समेटना भी हो गया मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी
कछला। पहाड़ों पर लगातार बारिश होने का असर गंगा के स्थानीय घाट पर दिखाई देने लगा है। रविवार तड़के करीब पांच बजे गंगा का जलस्तर बढ़ा तो कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर झोंपड़ीनुमा दुकानों में पानी घुस गया। दुकानदारों को अंदर से सामान समेटकर बाहर निकालना भी मुश्किल हो गया। दो-तीन दुकानों के छप्पर ओर बल्लियां गंगा में बह गईं।
गंगा किनारे झोंपड़ीनुमा दुकानों में प्रसाद समेत खानपान की वस्तुएं बेचने वाले दुकानदारों में सबसे ज्यादा नुकसान रामू कश्यप, सतीश शर्मा प्रेमपाल कश्यप और जुगनू का हुआ है। प्रेमपाल ने बताया कि एक दर्जन से अधिक दुकानें गंगा में अचानक बढ़े जलस्तर की चपेट में आ गईं हैं। उस वक्त कुछेक दुकानदार ही मौके पर थे। जलस्तर बढ़ने की भनक लगते ही अन्य दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए। सभी का जोर पहले अंदर से सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देना रहा। इसके बाद भी पांच- छह दुकानों के छप्पर और बल्लियां गंगा में बह गईं।
दुकानदारों में रामू ने बताया कि महज छप्पर और बल्लियों के बह जाने से ही करीब 50 हजार रुपये का नुकसान हो गया है। खानपान का सामान बचा लिया गया है। दुकानदारों ने दोपहर बाद सुरक्षित स्थानों पर दुकानें लगानी शुरू कर दी हैं।