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Budaun News: गंगा खतरे के निशान से ऊपर, कदमनगला सहित सात गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ा
Sat, 22 Aug 2026 01:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2026 01:10 AM IST
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उसहैत क्षेत्र में सड़क पर बाढ़ का पानी
- फोटो : संवाद
बदायूं के उसहैत इलाके में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इस वजह से बाढ़ प्रभावित कदमनगला, जटा, ठाकुरी नगला, प्रेमीनगला, बेहटी, असमय रफतपुर, अहमद नगर बछौरा गांवों के खेतों में पानी घुसना शुरू हो गया है। जलस्तर बढ़ने की यही गति रही तो एक-दो दिन में इन सभी गांवों की बस्तियों में भी पानी पहुंच सकता है। खेतों तक पानी पहुंचने से सबसे ज्यादा भयभीत कदमनगला के ग्रामीण हैं। यह गांव आधे से ज्यादा खाली हो चुका है। ग्राम जटा और प्रेमीनगला को जाने वाले मार्ग पर पानी पहुंचने से आवागमन प्रभावित है।
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शुक्रवार सुबह कछला पुल पर गंगा का जलस्तर 162.48 गेज मीटर नापा गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है। सुबह नरौरा बैराज से 134584 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। बाढ़ खंड के अधिकारी लगातार बाढ़ से सुरक्षा के दावे करते रहे, अब उनके दावे बाढ़ में डूबते नजर आ रहे हैं।
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कदमनगला गांव में कटान जारी
बाढ़ ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। सबसे ज्यादा कदमनगला गांव की हालत खराब है। 25 दिन में लगभग आधा गांव गंगा में कट चुका है। अभी भी तेज कटान जारी है। अधिकतर ग्रामीण अपनी-अपनी रिश्तेदारियों में जा चुके हैं। हालांकि गांव में कुछ लोग रुके हुए हैं। लगातार गांव को कटता हुआ देख ये लोग भी भयभीत हैं।
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अब तक राजाराम, सुनील, अनिल, महेश, उमेश, अजय, नेकराम, पातीराम के मकान कटान में प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से गांव में चिकित्सा शिविर लगवाया गया है। प्रशासन की ओर से दो बार राशन का वितरण कराया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी खेती की जमीन और मकान गंगा में समा चुके हैं, उचित मुआवजा और रहने के लिए जगह मिलनी चाहिए।
वहीं, ग्राम जटा और प्रेमीनगला को जाने वाले मार्ग पर पानी पहुंचने से आवागमन प्रभावित है। कुछ ऐसा ही हाल ग्राम भुनडी का भी है, यहां पर अभी गांव में पानी नहीं आया है, लेकिन खेतों में गंगा का पानी भरने लगा है, आने वाले कुछ दिन भारी पड़ सकते हैं। कारण, बारिश लगातार हो रही है और बैराज से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।
एडीएम फाइनेंस व एसडीएम ने किया निरीक्षण
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) महेन्द्र श्रीवास्तव ने शुक्रवार को दातागंज एसडीएम विनोद कुमार के साथ भुनड़ी तटबंध का दौरा किया। अधिकारियों को मौके पर तैनात रहने को निर्देशित किया। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्कता बरतते हुए कटान क्षेत्र में न जाने की अपील की।
गंगा का जलस्तर शुक्रवार को बढ़ा जरूर है, लेकिन अभी खतरे की स्थिति नहीं है। पूरी टीम निगरानी रखे हुए है। किसी भी गांव में पानी आने से पहले ही हमारे आश्रय स्थल तैयार हैं, ग्रामीणों के रुकने की पूरी व्यवस्था की गई है। - विनोद कुमार, एसडीम दातागंज
रामगंगा नदी में भी बढ़ रहा पानी, तीन स्थानों पर चलेंगी नावें
दातागंज इलाके में रामगंगा में पिछले 24 घंटे से जलस्तर बढ़ रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में खलबली है। एसडीएम ने बाढ़ खंड और राजस्व अधिकारियों के साथ उन इलाकों का दौरा किया, जहां रामगंगा का बढ़ रहा पानी अधिक प्रभावित कर सकता है। इस मौके पर तीन स्थानों को संवेदनशील मानते हुए नावें लगाने के निर्देश दिए गए।
रामगंगा में ऐसे ही पानी बढ़ता रहा तो किनारे के गांव हर्रामपुर, मौजमपुर, गढि़या, पैगंबरपुर, नवादा बदन और शेरपुर गांव प्रभावित हो सकते हैं। निरीक्षण के बाद एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अभी हालात ठीक हैं। ऐहतियातन हर्रामपुर, मौजमपुर और लालपुर व नगरिया खनू के बीच तीन स्थानों पर नावें लगाए जाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
अधीनस्थों को लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। गांव कुंडरा मजरा के प्रधान तपन सिंह, जरतोली के भूरे सिंह और नगरिया खनू के धर्मवीर ने बताया कि पानी बढ़ने से रामगंगा किनारे बसे गांवों के लोगों में भय व्याप्त है।